Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home धर्म

एकादशी के दिन बेलपत्र तोड़ना चाहिए या नहीं? जानिए शास्त्रीय नियम

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
August 22, 2026
in धर्म
A A
belpatra
26
SHARES
858
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। सावन मास की पुत्रदा एकादशी को लेकर इस बार तारीख को लेकर थोड़ा उलझाव बना हुआ है। कुछ पंचांग 23 अगस्त को व्रत बता रहे हैं, तो कुछ जगह 24 अगस्त की बात कही जा रही है। एकादशी तिथि 23 अगस्त की रात से शुरू होकर 24 अगस्त सुबह तक रहेगी, इसलिए अलग-अलग परंपराओं में फर्क दिख रहा है। इस बीच कई भक्तों के मन में सवाल है कि एकादशी के दिन बेलपत्र तोड़ा जा सकता है या नहीं।

एकादशी पर बेलपत्र तोड़ने का नियम

इन्हें भी पढ़े

Kaalratri

सर्वकष्ट हरने वाली देवी माँ ‘कालरात्रि’ की पूर्ण विधि-विधान के साथ हुई पूजा-अर्चना!

October 18, 2026
Navratri Ashtami

पंचांग के अनुसार अष्टमी किस दिन है, अष्टमी व्रत कब रखा जाएगा और कन्या पूजन कब होगा?

October 17, 2026
Jhandewala Devi Temple

झण्डेवाला देवी मंदिर में सर्वकष्ट हरने वाली देवी माँ ‘कालरात्रि’ की पूर्ण विधि-विधान के साथ हुई पूजा-अर्चना

October 17, 2026
Jhandewala Devi Temple

झण्डेवाला देवी मंदिर में माँ कात्यायनी देवी की पूर्ण विधि-विधान के साथ हुई पूजा-अर्चना एवं श्रृंगार

October 16, 2026
Load More

शास्त्रों के अनुसार, एकादशी के दिन बेलपत्र तोड़ना मना नहीं है। मुख्य रूप से तुलसी के पत्ते तोड़ने पर पाबंदी बताई गई है। बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और उनकी पूजा में इसका विशेष स्थान है। बिना बेलपत्र के शिव पूजा अधूरी मानी जाती है। एकादशी को बेलपत्र तोड़कर शिवलिंग पर चढ़ाने में कोई दोष नहीं माना गया है। भक्त श्रद्धा से इस दिन बेलपत्र तोड़कर शिवलिंग पर अर्पित कर सकते हैं।

किन दिनों बेलपत्र ना तोड़ें?

कुछ खास दिनों में बेलपत्र तोड़ना वर्जित माना गया है। चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, द्वादशी, अमावस्या और पूर्णिमा को बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए। संक्रांति के दिन और रात के समय भी बेलपत्र तोड़ने से परहेज रखने की सलाह दी जाती है। सोमवार को भी बेलपत्र तोड़ना उचित नहीं माना गया है। ये नियम शिवपुराण और अन्य शास्त्रों में बताए गए हैं। निषिद्ध दिनों में खुद से गिरी पत्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है या पहले से तोड़कर रखी पत्तियां चढ़ाई जा सकती हैं।

सोमवार को बेलपत्र क्यों ना तोड़ें?

सोमवार भगवान शिव का प्रिय दिन है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाते हैं। लेकिन शास्त्रों में सोमवार को बेलपत्र तोड़ने से मना किया गया है। जो लोग सोमवार का व्रत रखते हैं, उन्हें रविवार के दिन ही बेलपत्र तोड़कर रख लेने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि बेलपत्र बासी नहीं होता, इसलिए एक दिन पहले तोड़कर रखना पूरी तरह उचित है।

बेलपत्र का धार्मिक महत्व

भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का बहुत महत्व है। भक्त महादेव को प्रसन्न करने के लिए पूरी श्रद्धा से बेलपत्र अर्पित करते हैं। मान्यता है कि बेलपत्र शिवजी को अत्यंत प्रिय है। तीन पत्तों वाला बेलपत्र त्रिदेव का प्रतीक भी माना जाता है। नियमित रूप से सही तरीके से बेलपत्र चढ़ाने से मन की शांति मिलती है और भक्ति भाव बढ़ता है। पूजा के समय शुद्ध और ताजा बेलपत्र का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

सही तरीका अपनाएं

बेलपत्र तोड़ते समय शुद्ध मन से तोड़ें और पौधे का सम्मान रखें। निषिद्ध दिनों से एक दिन पहले तोड़कर साफ कपड़े में रख सकते हैं। एकादशी के दिन बेलपत्र तोड़ने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सोमवार और अन्य वर्जित तिथियों का ध्यान जरूर रखें।

शास्त्रों के इन छोटे नियमों का पालन करने से पूजा का फल बढ़ता है। श्रद्धा और सही विधि दोनों ही जरूरी हैं। भगवान शिव की कृपा पाने के लिए इन बातों का ध्यान रखना लाभकारी माना जाता है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
गणेश जोशी

सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को जन जन तक : गणेश जोशी

February 9, 2023
आम आदमी पार्टी

शराब नीति अनियमितता मामले में AAP को आरोपी बनाने पर CBI-ED कर रही विचार

October 17, 2023
वृक्षारोपण

‘एक पेड़ मां के नाम’: दिल्ली के सरस्वती कैंप में वृक्षारोपण कार्यक्रम, समाज को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश!

August 3, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • सर्वकष्ट हरने वाली देवी माँ ‘कालरात्रि’ की पूर्ण विधि-विधान के साथ हुई पूजा-अर्चना!
  • SIR के बीच चुनाव आयोग में बड़ा फेरबदल, ज्ञानेश कुमार ने तबादलों की झड़ी लगा दी
  • सर्वे : यूपी में 2027 में किसकी बनेगी सरकार?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.