Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विश्व

रूस की बनाई वैक्सीन कैंसर को कैसे खत्म करेगी, पता चल गया

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 10, 2025
in विश्व, स्वास्थ्य
A A
cancer vaccine
12
SHARES
411
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: रूस के वैज्ञानिकों ने कैंसर की वैक्सीन विकसित करने का दावा किया है. कई सालों की रिसर्च और प्री-क्लीनिकल स्टडीज़ को पूरा करने के बाद, अब ये वैक्सीन मरीज़ों पर इस्तेमाल के लिए तैयार है. इस कैंसर वैक्सीन का नाम है एंटेरोमिक्स. ये सारी जानकारी रूस की न्यूज़ एजेंसी Tass के हवाले से है.

इसकी कई वजहें हैं. पहली, ये कैंसर से बचाने में नहीं, बल्कि उसके इलाज में मदद करती है. यानी पहले व्यक्ति को कैंसर होगा. उसके बाद ही एंटेरोमिक्स वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा सकता है.

इन्हें भी पढ़े

pm modi-trump

PM मोदी की कूटनीति का मुरीद हुआ अमेरिका!

August 10, 2026
blood pressure

बीपी की दवा से कैंसर का खतरा! WHO की रिपोर्ट ने चौंकाया

August 10, 2026
india-us trade deal

अमेरिका से नहीं डरेगा भारत, 15 देशों में ₹1900000 करोड़ का नया बाजार तैयार

August 10, 2026
india-china

नई दिल्ली में भारत-चीन की बड़ी बैठक: किन मुद्दों पर हुई बात?

August 7, 2026
Load More

दूसरी, ये पर्सनलाइज़्ड वैक्सीन है. यानी इसे मरीज़ के ट्यूमर के हिसाब से तैयार किया जाता है.

तीसरी, ये mRNA टेक्नोलॉजी पर बेस्ड है. इसी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कोविड-19 वैक्सीन बनी थी. mRNA यानी मैसेंजर राइबोन्यूक्लिक एसिड. ये शरीर के सेल्स को बताता है कि कौन-सा प्रोटीन बनाना है. mRNA वैक्सीन में सेल्स को मैसेज भेजा जाता है, कि वो वायरस का एक खास प्रोटीन बनाएं. इससे शरीर की इम्यूनिटी उस प्रोटीन को पहचानती है और एंटीबॉडी बनाती है, ताकि असली वायरस आने पर शरीर तैयार रहे.

चौथी, ये वैक्सीन कई सालों की रिसर्च के बाद तैयार हुई है. आखिरी 3 साल प्री-क्लीनिकल ट्रायल हुए. इनसे पता चला कि वैक्सीन पूरी तरह सेफ और बहुत असरदार है. कुछ केसों में ट्यूमर 60 से 80 पर्सेंट तक सिकुड़ गए या उनका बढ़ना बहुत धीमा हो गया.

ट्रायल में 48 वॉलंटियर्स ने हिस्सा लिया. ये ट्रायल रूस के नेशनल मेडिकल रिसर्च रेडियोलॉजिकल सेंटर और एंगेलहार्ड इंस्टिट्यूट ऑफ मॉलिक्यूलर बायोलॉजी के सहयोग से किए गए. ट्रायल के बहुत अच्छे नतीजे सामने आए. सारे वॉलंटियर्स का सर्वाइवल रेट बढ़ गया. यानी उनकी ज़िंदगी बचने की संभावना बढ़ गई.

एंटेरोमिक्स वैक्सीन का पहला फोकस कोलोरेक्टल कैंसर है. यानी बड़ी आंत का कैंसर. कुछ दूसरे कैंसर की वैक्सीन तैयार करने पर भी काम चल रहा है. जैसे ग्लियोब्लास्टोमा और ऑक्युलर मेलानोमा वगैरा. ग्लियोब्लास्टोमा तेज़ी से बढ़ने वाला दिमाग का कैंसर है. वहीं ऑक्युलर मेलानोमा आंख पर असर डालता है.

हमने दिल्ली के सी.के. बिड़ला हॉस्पिटल में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर, डॉक्टर मंदीप सिंह मल्होत्रा से पूछा कि रूस की कैंसर वैक्सीन एंटेरोमिक्स काम कैसे करती है. और इससे कैंसर का इलाज कितना आसान होने वाला है.

डॉक्टर मंदीप बताते हैं कि रूस में कैंसर वैक्सीन पर काफी अच्छा काम हुआ है. ये हर मरीज़ के लिए पर्सनलाइज्ड यानी अलग-अलग बनाई जाती है. ये कोई जनरल वैक्सीन नहीं है.

हर मरीज़ का एंटीजन प्रिज़ेंटेशन अलग होता है. एंटीजन प्रेज़ेंटेशन का मतलब है, कैंसर सेल्स की सतह पर मौजूद खास प्रोटीन, जिन्हें देखकर इम्यून सिस्टम उन्हें पहचानता है.

रूस की ये कैंसर वैक्सीन आर्टिफिशियन इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल करती है. इसमें पहले मरीज़ का सैंपल लिया जाता है. फिर AI ये तय करता है कि उस मरीज़ के एंटीजन कैसे हैं. इसके बाद उन्हीं एंटीजन का mRNA तैयार किया जाता है और उसे शरीर में डाल दिया जाता है.

ये mRNA शरीर के अंदर जाकर उन एंटीजन को बड़ी मात्रा में बनाने लगता है. फिर जहां-जहां ऐसे खराब एंटीजन मिलते हैं, इम्यून सिस्टम उन्हें खत्म करने लगता है. इस तरह से ये वैक्सीन मरीज़ के शरीर को खुद ही कैंसर सेल्स से लड़ने के लिए तैयार कर देती है.

रूसी कैंसर वैक्सीन को हर मरीज़ के ट्यूमर के हिसाब से तैयार किया जाता है (फोटो: Freepik)
हर मरीज़ के हिसाब से वैक्सीन तैयार करना भी आसान है. पहले सैंपल लिया. फिर AI से उसका एनालिसिस किया. इसके बाद mRNA बनाया और शरीर में डाल दिया. ये तकनीक एडवांस होने के साथ ही मरीज़ के लिए बहुत आसान है.

अभी तक कैंसर की जितनी भी वैक्सीन हैं वो फर्स्ट लाइन ऑफ ट्रीटमेंट नहीं हैं. यानी शुरुआती इलाज के तौर पर नहीं दी जातीं. ये ज़्यादातर सेकंड लाइन ऑफ ट्रीटमेंट में इस्तेमाल होती हैं. जैसे किसी मरीज़ को पहले स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट दिया गया. यानी सर्जरी, कीमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी वगैरा. अगर फिर भी मरीज़ का कैंसर लौट आया तब कैंसर वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा सकता है.

मरीज़ को स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट देने के साथ भी कैंसर वैक्सीन का इस्तेमाल कर सकते हैं. खासकर इम्यूनोथेरेपी के साथ. इससे इम्यूनोथेरेपी का रिज़ल्ट और बेहतर हो जाता है.

लेकिन अगर वैक्सीन को कीमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी के साथ दिया जाए. तब अक्सर वैक्सीन उतनी असरदार नहीं रहती. असल में कीमोथेरेपी या रेडिएशन से शरीर बहुत कमज़ोर हो जाता है. T-Cells की संख्या घट जाती है. जबकि कैंसर वैक्सीन का काम ही इन्हीं T-cells को एक्टिवेट करके कैंसर सेल्स से लड़ाना है. अगर T-cells ही कम हैं, तो वैक्सीन उतनी असरदार नहीं होगी. इसलिए वैक्सीन का सबसे अच्छा इस्तेमाल कैंसर रिकरेंस में होता है. यानी जब कैंसर दोबारा लौट आए.

भारत और रूस के रिश्ते काफी अच्छे हैं. इसलिए ये भी उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में ये टेक्नोलॉजी भारत में भी आ सकती है. और, यहां के मरीज़ों को इसका फायदा मिल सकता है. उम्मीद ये भी की जा रही है कि ये वैक्सीन बहुत महंगी नहीं होगी.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति नागपुर की छमाही बैठक एवं पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न

May 23, 2026
interest

रेपो दर में कमी के साथ ही भारत में ब्याज दरों के नीचे जाने का चक्र प्रारंभ!

February 8, 2025
abhijit deepak

महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामला: CJP के अभिजीत दीपके बोले- डबल इंजन नहीं, डबल लीक सरकार

June 27, 2026
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • सफेद सोने के खजाने तक पहुंचा भारत, चिली के साथ महाडील जल्द
  • धामी सरकार ने विकास योजनाओं को दी ₹150 करोड़ की मंजूरी!
  • PM मोदी की कूटनीति का मुरीद हुआ अमेरिका!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.