Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home दिल्ली

केंद्र में हो BJP तो कंट्रोल में रहती है कीमतें, ये आँकड़े झूठ नहीं बोलते…

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
July 11, 2023
in दिल्ली, राष्ट्रीय
A A
26
SHARES
856
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली : मौसमी सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते विपक्ष महँगाई का ढिंढोरा पीट रहा है। शुक्रवार (7 जुलाई 2023) को कॉन्ग्रेस का समर्थन करने वाले कई सोशल मीडिया हैंडल्स ने ‘ModiFlation’  हैशटैग के साथ महँगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की। दावा किया जा रहा है कि PM मोदी के सत्ता सँभालने के बाद से महँगाई में 2-3 गुना की बढ़ोतरी हुई है। साल 2013 की महँगाई से तुलना करते हुए कॉन्ग्रेस और उनके समर्थक यह कह रहे हैं कि BJP सरकार महँगाई रोकने में नाकाम रही है।

बीते कुछ हफ्तों में महँगाई बढ़ने की बात तेजी से हो रही है। हालाँकि ऐसा पहली बार नहीं है कि मानसून के दौरान सब्जियों की कीमत बढ़ी हो। दरअसल, भारी बारिश के चलते किसान अपनी सब्जियाँ बाजार तक नहीं पहुँचा पा रहे हैं। साथ ही जो सब्जियाँ बाजार में पहुँचती हैं वे मौसम की मार के चलते जल्द ही खराब भी हो रही हैं। ऐसे में कीमतों का बढ़ना स्वाभाविक है। लेकिन राजनीतिक पार्टियों और उनके समर्थकों को यह ‘आपदा में अवसर’ की तरह नजर आ रहा है। इसलिए वे ‘मौसमी महँगाई’ का शोर मचाकर केंद्र सरकार पर निशाना साधने की कोशिश कर रहे हैं।

इन्हें भी पढ़े

fraud against customers

सरकार ने लागू किया ‘सुधार नोटिस’ सिस्टम, ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी जैसे मामलों में जारी रहेगी सख्त कार्रवाई

June 29, 2026
rajnath singh

DRDO को मिला नया वित्तीय अधिकार… रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़े रिफॉर्म का किया ऐलान

June 29, 2026
ev policy

दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी में क्या-क्या होगा खास, जानिए

June 29, 2026
american jet engines

भारत समेत दुनिया के शक्तिशाली देशों के स्वदेशी फाइटर जेट अमेरिकी इंजन के मोहताज क्यों?

June 28, 2026
Load More

क्या सच में महँगाई बढ़ गई है?

महँगाई-महँगाई के शोर के बीच के आँकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि बीजेपी के सत्ता में रहते हुए महँगाई में कमी आई है। वहीं, कॉन्ग्रेस के सत्ता में आते ही कीमतें में इजाफा होना शुरू हो जाता है। बीते 10 वर्षों में भी महँगाई दर में कमी ही देखने को मिली है। महँगाई बढ़ने और घटने की सच्चाई जानने के लिए ऑपइंडिया ने साल 1991 से लेकर अब तक के विश्व बैंक के आँकड़ों का अध्ययन किया है। दूसरे शब्दों में कहें तो मनमोहन सिंह के वित्त मंत्री बनने से लेकर नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के कार्यकाल तक के आँकड़ें देखे हैं।

इन आँकड़ों के अनुसार, साल 1991 से लेकर 1995 तक कॉन्ग्रेस सत्ता में थी। इस दौरान 1991 में महँगाई दर 13.90% रही। वहीं 1992 में 11.80%, 1993 में 6.33%, 1994 और 1995 में महँगाई दर 10.20 प्रतिशत थी। साल 1996 में जनता दल के सत्ता में आते ही महँगाई दर 10% के नीचे पहुँच गई। उस साल महँगाई दर 8.98 प्रतिशत थी। वहीं साल 1997 में घटते हुए 7.16 प्रतिशत पहुँच गई।

मार्च 1998 में सत्ता बीजेपी के हाथों में आई। इस साल महँगाई दर बढ़कर 13.20% पहुँच गई। लेकिन, बाद के वर्षों में बीजेपी ने महँगाई पर ऐसा कंट्रोल किया कि एक बार भी 5% के आँकड़ों को पार नहीं कर सकी। जहाँ 1998 में महँगाई 13% से अधिक थी, वहीं 1999 में यह तेजी से गिरकर 4.67% पर पहुँच गई। इसके बाद 2000 में 4.01%, 2001 में 3.78%, 2002 में 4.30%, 2003 में 3.81% और 2004 में 3.77% रही।

इसके बाद, कॉन्ग्रेस सत्ता में आई और ‘महान अर्थशास्त्री’ मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया गया। साल 2005 मनमोहन सिंह के कार्यकाल का पहला वर्ष था। इस साल महँगाई दर बढ़कर 4.25% पहुँच गई। वास्तव में साल 1991 के बाद से कॉन्ग्रेस के सत्ता में रहते हुए पहली और आखिरी बार हुआ था कि महँगाई दर 5% के नीचे रही हो। साल 2006 में महँगाई 5.8% पहुँच गई। इसके बाद लगातार बढ़ते हुए 2007 में 6.37%, 2008 में 8.35%, 2009 में 10.90%, 2010 में 12%, 2011 में 8.91%, 2012 में 9.48% और 2013 में 10% रही।

मई 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने। इसके कुछ महीनों बाद ही महँगाई 10% से घटकर 6.67% पर पहुँच गई। वहीं 2015 में, 5 प्रतिशत से नीचे यानी 4.91% हो गई। इसके बाद 2016 में महँगाई दर 4.95%, 2017 में 3.33%, 2018 में 3.94% और 2019 में 3.73% रही।

साल 2020 में पूरी दुनिया कोविड-19 महामारी से जूझ रही थी। ऐसे समय में तमाम देशों में महँगाई बढ़ना लाजिमी था। लेकिन भारत में अर्थव्यवस्था और महँगाई दोनों पर नियंत्रण बनाए रखा गया। वास्तव में उस साल महँगाई दर 6.62% रही। इसके बाद 2021 में 5.13%, 2022 में 6.70% रही। वहीं साल 2023 के रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया का अनुमान है कि महँगाई दर 5.1% रहेगी।

इन आँकड़ों से स्पष्ट पता चलता है भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के केन्द्र की सत्ता में रहते हुए महँगाई ज्यादातर समय 5% के नीचे ही रही। वहीं 2014 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के सत्ता में आने के बाद महँगाई न केवल 5% के ऊपर रही बल्कि 10 और 12% के आँकड़ों को भी पार गई।

कॉन्ग्रेस के सत्ता में रहते हुए साल 2010 में महँगाई दर 12% पहुँच गई थी। ऐसे समय में बॉलीवुड फिल्म ‘पीपली लाइव’ में भी महँगाई के चलते देश की हालत दिखाई गई थी। यही नहीं फिल्म का गाना ‘सखी सैंया तो खूब ही कमात हैं, महँगाई डायन खाए जात है’, लंबे समय तक लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ था। दरअसल, तब महँगाई दर आज की तुलना में करीब ढाई गुना अधिक थी। बेशक आज टमाटर समेत अन्य मौसमी सब्जियों के चलते ‘मौसमी महँगाई’ अधिक नजर आ रही है। लेकिन आँकड़ों को देखने से यह स्पष्ट हो जाता है कि महँगाई का यह शोर सिर्फ राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए मचाया जा रहा है। बीते 10 वर्षों की महँगाई की सच्चाई यह है कि साल 2013 में महँगाई 10% थी और इस साल के अंत तक 5.1% रहने का अनुमान है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
NASA Voyager

धरती से 24 अरब किमी दूर पहुंचकर खामोश हुआ ये यान, बढ़ी टेंशन

December 14, 2023
Wagner Chief Prigozhin

नोटों से भरी है वैगनर चीफ प्रिगोझिन की तिजोरी, जानें कितने अमीर हैं?

June 28, 2023
TERI Summit pm modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों के साथ  करेंगे बातचीत

May 31, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • सरकार ने लागू किया ‘सुधार नोटिस’ सिस्टम, ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी जैसे मामलों में जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
  • DRDO को मिला नया वित्तीय अधिकार… रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़े रिफॉर्म का किया ऐलान
  • बोलकर या मन में? जानिए क्या है मंत्र जाप करने का सही तरीका और नियम

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.