नई दिल्ली। राजधानी में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के दौरान एन्यूमरेशन (गणना) फॉर्म भरने की अवधि सिर्फ 29 जुलाई तक है। इस अवधि में फॉर्म भरकर जमा नहीं किया तो वोटर लिस्ट से नाम कट सकता है। ऐसे में यह फॉर्म ऑनलाइन भी भर सकते हैं।
दिल्ली में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी रहते हैं जिनके बच्चे नौकरी के सिलसिले में विदेशों में रह रहे हैं। गर्मी के सीजन में अभिभावक कुछ महीनों के लिए उनके पास चले जाते हैं। ऐसे लोग विदेश से ऑनलाइन माध्यम से एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा कर सकते हैं। इनके आधार पर बीएलओ बाद में उनका सत्यापन कर सकेंगे।
एसआईआर के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से न कटें, इसके लिए सभी बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, अगर कोई घर बंद मिलेगा तो बीएलओ कुछ दिन के अंतराल पर तीन बार उस घर पर पहुंचेंगे और एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाकर जमा कराएंगे।
इसके बाद भी अगर मकान पर कोई व्यक्ति नहीं मिलता तो शिफ्टिंग की रिपोर्ट बनाकर देंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय का कहना है कि ऐसे लोगों की सुविधा के लिए एन्यूमरेशन फॉर्म ऑनलाइन भरने का प्रावधान भी किया गया है। सीईओ दिल्ली की वेबसाइट पर जाकर लोग इस फॉर्म को भर सकते हैं और लेटेस्ट फोटो अपलोड करके इसे जमा कर सकते हैं। ऑनलाइन दी गई जानकारी का सत्यापन करने के लिए बीएलओ उनके घर जाएंगे। मतदाता के मिलने के बाद उनका सत्यापन हो जाएगा और वोटर लिस्ट में नाम जुड़ जाएगा।
पता बदल चुके मतदाताओं को हो सकती है दिक्कत
दिल्ली में बड़ी संख्या में ऐसे भी लोग हैं जो 2025 में तैयार हुई वोटर लिस्ट के बाद मकान बेचकर राजधानी के ही दूसरे क्षेत्रों में जाकर बस गए हैं। उन्होंने वोटर लिस्ट में अपना पता नहीं बदलवाया है। ऐसे लोगों का सत्यापन पुराने पते पर नहीं हो सकेगा और बीएलओ उन्हें शिफ्टिंग श्रेणी में शामिल कर देंगे। चूंकि नए क्षेत्र में वे अभी मतदाता नहीं बने हैं, ऐसे में बीएलओ के पास ब्योरा नहीं होगा।
एसआईआर के बाद भी सूची में जुड़वा सकेंगे नाम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, अगर ऐसे लोग ऑनलाइन एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा करेंगे तो भी बीएलओ उनका सत्यापन नहीं कर पाएंगे। ऐसे में उनका नाम वोटर लिस्ट से कट सकता है। हालांकि, वे एसआईआर के बाद भी नए सिरे से वोटर लिस्ट में नाम जुड़वा सकेंगे। इसके ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से बाद में आवेदन किया जा सकता है।
29 जुलाई तक चलेगा एसआईआर अभियान
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई तक एक महीने चलने वाले इस एसआईआर अभियान के दौरान 13,000 से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) राजधानी के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं को गणना-प्रपत्र बांटेंगे।
फॉर्म के साथ कोई कागज देने की जरूरत नहीं
एसआईआर के दौरान बीएलओ प्रत्येक मतदाता को गणना फॉर्म की दो कॉपियां देंगे, जिन्हें 2002 में हुए पिछले एसआईआर के आधार पर अपनी जानकारी भरनी होगी। इनमें से एक कॉपी रसीद पावती के रूप में मतदाता के पास रहेगी, जबकि दूसरी कॉपी बीएलओ को वापस करनी होगी। फॉर्म के साथ कोई दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि बीएलओ को निर्देश दिया गया है कि वे सुबह जल्दी और शाम के समय, जब लोग घर पर मौजूद हों, घर-घर जाकर सत्यापन करें। इसके लिए शनिवार और रविवार को भी अभियान चलाया जाएगा।
5 अगस्त को आएगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
हर मतदाता को यह गणना प्रपत्र भरना होगा ताकि 7 अक्टूबर को जारी होने वाली अंतिम वोटर लिस्ट में उनके नाम शामिल हो सकें। सीईओ कार्यालय के मुताबिक, जो लोग एसआईआर फॉर्म नहीं भरेंगे, उनके नाम 5 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिए जाएंगे।
दिल्ली में कुल 1.45 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 77.11 लाख पुरुष और 67.98 लाख महिला मतदाता शामिल हैं। थर्ड जेंडर के मतदाताओं की संख्या 1,024 है, जबकि दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 76,155 है।
चुनाव आयोग के पोर्टल पर सभी राज्यों की वोटर लिस्ट
घर-घर सर्वेक्षण के दौरान यदि कोई घर बंद मिलता है, तो संबंधित बीएलओ वहां कम से कम तीन बार जाएगा। यदि कोई मतदाता 2002 के बाद दिल्ली में आकर बस गया है, तो उसे अपने मूल राज्य में हुई पिछली एसआईआर की जानकारी भी प्रपत्र में भरनी होगी, जहां वह पहले मतदाता के रूप में रजिस्टर्ड था। सभी राज्यों की वोटर लिस्ट चुनाव आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
दिल्ली के सीईओ अशोक कुमार ने सभी योग्य मतदाताओं से अपील की कि वे बीएलओ का सहयोग करें और गणना-प्रपत्र सही-सही भरकर उन्हें सौंप दें।
राजधानी में 7 लोकसभा क्षेत्रों और 70 विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत 13,033 मतदान केंद्र हैं। एसआईआर फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 29 जुलाई है।







