नई दिल्ली। भारत और जापान के रिश्तों में रक्षा सहयोग अब एक नए पड़ाव पर पहुंचता दिख रहा है. सितंबर में पहली बार जापान अपने F-2 लड़ाकू विमान भारत भेजने जा रहा है. राजस्थान में होने वाले ‘वीर गार्डियन 26’ युद्धाभ्यास में जापान के तीन F-2 फाइटर जेट और करीब 110 सैन्यकर्मी हिस्सा लेंगे. 9 से 21 सितंबर तक चलने वाला यह अभ्यास सिर्फ दो देशों की वायुसेनाओं की ट्रेनिंग नहीं होगी, बल्कि बदलते इंडो-पैसिफिक में भारत-जापान की बढ़ती रणनीतिक नजदीकी भी दिखाएगी. खास बात यह है कि जापान पहली बार अपने फाइटर जेट भारत की जमीन पर उतार रहा है और इस पूरे घटनाक्रम को सीधे तौर पर चीन के लिए मैसेज माना जा रहा है.
पहली बार भारत आएंगे जापान के F-2 फाइटर जेट
जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के मुताबिक, ‘वीर गार्डियन 26’ अभ्यास राजस्थान में आयोजित किया जाएगा. इसमें जापान के तीन F-2 लड़ाकू विमान शामिल होंगे. इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम जापान के फुकुओका स्थित त्सुइकी एयरबेस की 8वीं एयर विंग के करीब 110 जवान भी भारत आएंगे. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ ताकेहिरो मोरिता ने कहा कि यह अभ्यास दोनों देशों के बीच आपसी समझ और भरोसा बढ़ाने का अहम मौका होगा.
इससे पहले ‘वीर गार्डियन’ अभ्यास के तहत भारतीय और जापानी वायुसेनाएं एक-दूसरे के देश में प्रशिक्षण कर चुकी हैं. जनवरी 2023 में पहली बार यह अभ्यास जापान में हुआ था. उस समय भारत के Su-30MKI और जापान के F-2 और F-15 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया था. अब पहली बार जापान अपने फाइटर जेट भारत भेज रहा है.
चीन की बढ़ती ताकत के बीच क्यों अहम है ये कदम?
भारत और जापान दोनों की सुरक्षा चिंताएं पिछले कुछ वर्षों में काफी हद तक चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों से जुड़ी हैं. भारत का चीन के साथ हिमालयी सीमा पर विवाद है, जबकि जापान को पूर्वी चीन सागर और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों की चिंता रहती है. इंडो-पैसिफिक मामलों के विशेषज्ञ जगन्नाथ पांडा के मुताबिक, इस अभ्यास को सिर्फ एक सामान्य सैन्य ड्रिल के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. उनके अनुसार भारत हिमालयी क्षेत्र में चीन का सामना कर रहा है, वहीं जापान पूर्वी चीन सागर और पश्चिमी प्रशांत में चीन की सैन्य गतिविधियों को देख रहा है. ऐसे में दोनों देशों की सुरक्षा चुनौतियां धीरे-धीरे एक-दूसरे से जुड़ती नजर आ रही हैं.
जापन के पास कौन-कौन से जेट?
जापान की वायुसेना के पास करीब 300 से ज्यादा प्रमुख लड़ाकू विमान हैं. इनमें लगभग 200 F-15J/F-15DJ, करीब 85-90 Mitsubishi F-2A/F-2B और 50 के आसपास F-35A/B शामिल हैं, जबकि F-35 की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है. जापान कुल 147 F-35 खरीदने की योजना पर काम कर रहा है, जिसमें 105 F-35A और 42 F-35B शामिल हैं. इसके अलावा जापान ब्रिटेन और इटली के साथ मिलकर GCAP नाम के अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान पर भी काम कर रहा है, जिसके करीब 2035 के आसपास सेवा में आने की उम्मीद है.







