नई दिल्ली : दिल्ली सरकार और एलजी वीके सक्सेना के बीच टकराव थमने की बजाय और बढ़ती दिख रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को एलजी वीके सक्सेना से मुलाकात की। हालांकि, मुलाकात के बाद जब मुख्यमंत्री केजरीवाल मीडिया के सामने आए तो एलजी पर जमकर बरसे और कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को सक्सेना मानने को तैयार नहीं हैं। केजरीवाल ने कहा कि वह संविधान की कॉपी और कानून की किताबों के साथ एलजी से मिले थे।
लंबे समय बाद एलजी से मुलाकात के बाद जब केजरीवाल मीडिया के सामने आए तो उन्होंने, ‘पिछले कुछ महीनों से हम लोग देख रहे हैं कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार के मामलों में एलजी साहब का हस्तक्षेप बढ़ता जा रहा है। ऐसा लगता है कि इससे सरकार के कामकाज में बाधा पहुंचाई जा रही है। जिसकी वजह से दिल्ली के लोगों की जरूरतें और सपने पूरे नहीं हो पा रहे हैं। उनके काम रुकते जा रहे हैं। इन्हीं मुद्दों पर चर्चा के लिए आज मैं एलजी साहब से मिला था। मेरी मंशा यह है कि यदि हमारे कानून संविधान को समझने में कुछ गलतफहमी है तो उसे दूर किया जा सके। मैं देश का संविधान, मोटर वीइकल ऐक्ट,जीएनसीटीडी ऐक्ट, स्कूल एजुकेशन ऐक्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले लेकर गया था।’
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में पुलिस, लैंड और पब्लिक ऑर्डर पर सारे फैसले लेने का अधिकार एलजी साहब का है। बाकी सारे सब्जेक्ट शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क समेत सभी विषय दिल्ली सरकार के दायरे में आते हैं। सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने 4 जुलाई 2018 को एक फैसला दिया था। इसमें दो जगह कि एलजी कोई भी फैसला अकेले नहीं ले सकते हैं। केजरीवाल ने इसका हावाला देते हुए कहा, ‘इसका मतलब है कि एलजी ने जैस्मिन शाह के दफ्तर को सील करने का ऑर्डर दिया वह गैर कानूनी था। 10 एल्डरमैन बनाए वह गैर-कानूनी था। प्रिसाइडिंग ऑफिसर के ऑर्डर, 164 करोड़ की वसूली, योगा क्लास रोकने, टीचर्स को फिनलैंड जाने से रोकने का ऑर्डर गैर कानूनी था।’
केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर एलजी को दिखाए और कहा कि उनके पास अकेले फैसला लेने का अधिकार नहीं है। बकौल केजरीवाल एलजी ने कहा कि संविधान के मुताबिक वह एडमिनिस्ट्रेटर हैं और किसी भी विषय पर फैसला ले सकते हैं। केजरीवाल के मुताबिक एलजी ने कहा, ‘यदि मुझे लगेगा कि सरकार कुछ गलत कर रही है तो मैं किसी को कोई भी आदेश दे सकता हूं। किसी भी अफसर को कुछ भी आदेश देने का अधिकार है।’ दिल्ली के सीएम ने कहा कि उन्होंने चीफ सेक्रेटरी से सीधा फाइल मंगाने पर भी सवाल किया तो उन्होंने कि वह ऐसा कर सकते हैं। केजरीवाल ने कहा, ‘सब आप करेंगे तो मैं क्या करूंगा तो उन्होंने कहा कि आप जानो।’
केजरीवाल ने कहा कि वह मिलकर काम करना चाहते हैं। दिल्ली की जनता भुगत रही है, यह मैसेज भी सही नहीं जाता कि एलजी और सीएम में मतभेद है। मैंने गुजारिश की कि आप चुनी हुई सरकार का काम मत रोकिए। केजरीवाल ने कहा कि एलजी अपने पास कोई अच्छा सलाहकार रखे जो उन्हें बताएं कि सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर, संविधान और जनतंत्र का सम्मान करें। केजरीवाल ने कहा कि एलजी के कहने पर सभी विभागों के अधिकारियों ने फंड रोक दिए हैं। इससे सैलरी और कामकाज में दिक्कत आ रही है। सीएम ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह पैर भी पकड़ लेंगे, लेकिन जनता का काम रुकने नहीं दिया जाएगा।







