नई दिल्ली: संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में कानून मंत्री किरण रिजीजू ने वक्फ संशोधन बिल को पेश कर दिया है. भाजपा, जेडीयू समेत एनडीए के ज्यादातर सहयोगी दलों ने बिल के समर्थन के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी कर दिया है. वहीं, विपक्षी इंडिया गठबंधन में कांग्रेस समेत सभी घटक दल इस बिल का विरोध कर रहे हैं. वक्फ संशोधन बिल यदि दोनों सदनों में पास हो जाता है, तो कई बदलाव होंगे. अब सिर्फ कहकर किसी संपत्ति को वक्फ घोषित नहीं किया जा सकेगा. वक्फ बोर्ड खुद से किसी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित नहीं कर पाएंगे. वहीं, सरकारी संपत्ति को वक्फ अपनी जमीन नहीं घोषित कर सकेगा.. साथ ही वक्फ की प्रॉपर्टी का सरकारी ऑडिट भी होगा.
वक्फ संशोधन बिल के प्रावधानों के मुताबिक सभी वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड अब पूरी तरह से डिजिटल किया जाएगा. इसके साथ ही सरकार वक्फ बोर्ड के खातों के ऑडिट का आदेश दे सकेगी. राज्य सरकार द्वारा नोटिफाइड वक्फ की सूची को सरकारी गजट में प्रकाशित होने के 15 दिनों के भीतर एक ऑनलाइन पोर्टल और डेटाबेस पर अपलोड करना होगा. वक्फ प्रॉपर्टी की जानकारी में समय-समय पर होने वाले बदलावों को भी पोर्टल और डेटाबेस पर अपडेट करना होगा.
वक्फ बोर्ड को देनी होगी जानकारी
वक्फ संशोधन बिल के मुताबिक प्रशासन और प्रबंधन में महिलाओं का प्रतिनिधित्व होगा. वक्फ संपत्ति से जुड़े विवादों की सुनवाई अब सामान्य सिविल अदालतों में होगी. इससे जमीनी मामलों पर वक्फ बोर्ड का विशेष नियंत्रण खत्म होगा. आपको बता दें कि देश में फिलहाल 32 वक्फ बोर्ड है. ये वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन और रखरखाव करते हैं. कई प्रदेशों में शिया और सुन्नी समुदाय के वक्फ बोर्ड अलग-अलग है.







