नई दिल्ली : उपराज्यपाल वीके सक्सेना की एक अनूठी पहल के तहत यमुना किनारे पहली बार चेरी ब्लॉसम और चिनार के 300 पौधे लगाए गए हैं। यह पहला मौका है जब पूरी दिल्ली में इन प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। चेरी ब्लॉसम और चिनार के अलावा 1400 से अधिक फूलों के पौधे लगाए गए हैं। ये पौधे खूबसूरत होने के साथ ही औषधीय गुणों से भरपूर होंगे।
एलजी ने यमुना के किनारे कई तरह के फूलों के पौधों के लिए बीजों का छिड़काव भी किया। यमुना की सफाई में सहयोग के लिए धर्म गुरुओं और धार्मिक समूहों को धन्यवाद करते हुए एलजी ने कहा कि इस कार्य से औद्योगिक जगत के लोगों को भी जोड़ा जाएगा। पिछले 12 महीनों से भी कम समय में एलजी ने 13वीं बार यमुना का दौरा किया है।
दिल्ली की हरियाली खासतौर पर यमुना के आसपास के क्षेत्र में जल्द ही सफेद और गुलाबी रंग के चेरी ब्लॉसम और सुर्ख लाल और पीले पत्तों से लदे चिनार के पेड़ सौंदर्य बढ़ाएंगे। उपराज्यपाल के अथक प्रयासों से दिल्ली फूलों का शहर बनने की तरफ अग्रसर है। इस दिशा में आज पहली बार दिल्ली में यमुना के किनारे चेरी ब्लॉसम और चिनार के 300 पौधे लगाए गए हैं।
उपराज्यपाल ने रविवार को कुदसिया घाट से आईटीओ बैराज तक के बीच यमुना के तीनों द्वीपों पर चेरी ब्लॉसम और चिनार के पौधे लगाने की शुरुआत की है। इसके अलावा कचनार, वीपिंग विलो, सेमल, बॉटल ब्रश, बोगनविलिया और कनेर के पौधे में उगने वाले फूलों से सौंदर्य को और बढ़ावा मिलेगा। एलजी की मौजूदगी में कुल 1733 पौधे लगाए गए।
लगाए गए पौधे
चेरी ब्लॉसम – 150
चिनार – 150
बोगनबेलिया – 850
कनेर – 571







