देहरादून। उत्तराखंड में उधम सिंह नगर , हरिद्वार और देहरादून समेत कई जनपदों में मस्जिदों में लगे बड़े-बड़े लाउडस्पीकर प्रशासन के द्वारा उतरवाने की कार्रवाई की जा रही है. कई जगह इस तरह की तस्वीर सामने आई है जहां प्रशासन ने मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतरवाए हैं. इस मामले पर विपक्ष सरकार को बदले की भावना से कार्य करने और धर्म विशेष की राजनीति करने के आरोप लगा रहा है.
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने इस मामले पर कहा है की उत्तराखंड में जब भी सरकार राज्य की अस्मिता और छवि को संरक्षित रखने का कार्य करती है तो विपक्ष इसे धार्मिक उन्माद से जोड़ने की कोशिश करता है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई हो रही है लेकिन विपक्ष को सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति ही नजर आती है. जबकि कांग्रेस हमेशा वोट बैंक की राजनीति करती है और पिछले कई सालों से तुष्टीकरण के नाम पर ही राजनीति करती नजर आई है.
राजधानी देहरादून के जिला अधिकारी आशीष चौहान का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आधार पर कार्रवाई की जा रही है जहां भी शिकायतें मिल रही हैं वहां नियम के तहत ही कार्रवाई की जा रही है.
राजधानी देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्देश दिए हैं उनके मुताबिक किसी भी में लाउडस्पीकर बजाना कार्रवाई पूरी तरीके से वर्जित की गई है . ध्वनि प्रदूषण के साथ-साथ इसके लिए एक गाइडलाइन सभी मस्जिदों के प्रबंधकों को बताया गया है उसके बावजूद जिन जगहों पर नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है वहां पुलिस के द्वारा कार्रवाई की गई है.







