नई दिल्ली: भाजपा सत्ता में 1998 के बाद वापसी करने में सफल रही है। चुनाव जीतने के बाद अब सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है। अब सभी की निगाह इस बात पर लगी हुई है कि पार्टी किसे मुख्यमंत्री बनाएगी। ऐसे में मुख्यमंत्री और मंत्री बनने के रेस में शामिल विधायक आलाकमान से नजदीकी बढ़ाने लगे हैं। जीत के बाद उनसे आशीर्वाद लेने का भी शनिवार व रविवार को खूब दौर चला। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े विधायकों ने संघ के वरिष्ठ नेताओं का भी परिक्रमा कर रहे हैं। अब देखना यह है कि किसके भाग्य की किस्मत खुलती है, क्योंकि एक से बढ़कर एक कद्दावर नेता चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।
प्रवेश वर्मा, मनोज तिवारी या मनजिंदर सिंह सिरसा
भाजपा में मुख्यमंत्री और मंदी पद के लिए विधायकों ने जोर आजमाइश शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पद के दावेदार की माने तो नई दिल्ली विधानसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हराने वाले प्रवेश वर्मा हैं। जीत के जश्न के दौरान पीएम मोदी ने जिस तरह से पूर्वांचलियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि वे भी पूर्वांचली संसदीय सीट से जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं। ऐसे में कयास लगाया जा रहा हैं कि कोई पूर्वांचली चेहरा भी मुख्यमंत्री बन सकता है। इसमें सांसद व पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी भी शामिल हैं। इस तरह से पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव को भी साध सकती है। उधर रणनीतिकार यह भी मान कर चल रहे कि जाट समुदाय से मुख्यमंत्री बनाकर हरियाणा वालों की नाराजगी कम कर सकती है। इसी तरह से शिरोमणि अकाली दल छोड़ भाजपा में शामिल हुए मनजिंदर सिंह सिरसा पर भी दांव लगा सकती है।
कुर्सी एक दावेदार अनेक
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता लगातार तीसरी बार चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे हैं। 2015 में जब भाजपा के दिल्ली विधानसभा में केवल 3 विधायक थे, तो उनमें से एक गुप्ता भी थे। पंजाबी वर्ग से आने वाले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, जनकपुरी से विधायक आशीष सूद को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। मुख्यमंत्री पद के साथ ही वह सभी विधायक मंत्री पद की दौड़ में भी हैं। इनमें अजय महावर, मोहन सिंह बिष्ट, अभय वर्मा, ओपी शर्मा प्रमुख है। इनके अलावा शालीमार बाग से जीत दर्ज करने वाली रेखा गुप्ता, जंगपुरा के विधायक तरविंदर सिंह मारवाह, मॉडल टाऊन के विधायक अजय गोयल देवराहा, पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना के बेटे हरीश खुराना का नाम भी चर्चा में है। विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी के लिए भी भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी दौड़ में शामिल हैं।







