Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

(नईदिल्ली)यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों, परिजनों ने अनशन शुरू किया, आत्मदाह की चेतावनी दी

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 27, 2022
in राष्ट्रीय
A A
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली,26 जून (आरएनएस)। यूक्रेन से करीब 3 महीने पहले लौटे भारतीय छात्र अपनी आगे कि पढ़ाई को लेकर काफी चिंतित हैं, उनके साथ उनके माता-पिता भी बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान हैं। स्वदेश लौटे भारतीय छात्र रविवार को अपनी मांगों और परेशानियों पर प्रधानमंत्री की नजर पड़े, इस मकसद से अनशन शुरू किया है।
दिल्ली के जंतर मंतर पर यह छात्र अपने परिजनों के साथ अनशन पर बैठे। हालांकि पुलिस की तरफ से इजाजत न मिलने के कारण यह प्रदर्शन एक दिन का होगा और पुलिस की तरफ से 300 लोगों की इजाजत दी गई है।

पेरेंट्स एसोसिएशन ऑफ यूक्रेन एमबीबीएस स्टूडेंट्स की ओर से कहा गया है कि रविवार को छात्र और परिजन अनशन पर रहेंगे। संगठन ने कहा, सरकार अब हमें आंदोलन करने पर मजबूर कर रही है। हम शांतिपूर्ण तरह से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते आए हैं, लेकिन सरकार अगर हमारी तरफ गौर नहीं करती है तो पेरेंट्स को आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ेगा।
यूक्रेन के वेनिसिया से स्वदेश लौटीं तृषा सागर दूसरे वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने कहा, ऑपरेशन गंगा के तहत हमें स्वदेश लाया गया, हम प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करते हैं। लेकिन हम वापस आने के बाद ऐसी ही हमें छोड़ दिया है तो हमें वापस बुलाना ही नहीं चाहिए था। यदि हम अपनी मांगो को लेकर नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के वरिष्ठ लोगों के पास जाते हैं तो वे लोग बदतमीजी से बात करते हैं, हमें नीचा दिखाया जाता है।

इन्हें भी पढ़े

PM modi

अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन के चार पुरुषार्थों का आधार: पीएम मोदी

September 28, 2026
खेल मंत्री डॉ म.नसुख मांडविया

एआई के दौर में बदलेंगे औद्योगिक संबंध, मांडविया ने उद्योग और श्रमिकों को साझेदार बनने का किया आह्वान

September 28, 2026
jp nadda

विपक्ष के आरोपों पर नड्डा का पलटवार, कहा- ‘झूठ सौ बार बोलने से सच नहीं बनता’

September 28, 2026
lng train india

गृह मंत्री अमित शाह ने LNG से चलने वाली देश की पहली ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

September 27, 2026
Load More

उन्होंने कहा, हमें यह कहकर शर्मिदा किया जाता है कि आप यहां पढऩे लायक नहीं हो, आप यहां डॉक्टर नहीं बन सकते। आप हमसे पूछकर यूक्रेन नहीं गए थे। हम उनसे यह पूछना चाहेंगे कि क्या विदेश जाने के दौरान इनकी इजाजत नहीं चाहिए होती है? क्या इन्हें पता नहीं होता कि हम उधर पढ़ाई के लिए जा रहे हैं? तब ये हमसे क्यों बदतमीजी करते हैं?
यूक्रेन में छह सालों में मेडिकल की पढ़ाई पूरी होती है। इसके बाद छात्रों को एक साल के लिए अनिवार्य इंटर्नशिप करनी पड़ती है। फिर भारत में प्रैक्टिस करने और लाइसेंस प्राप्त करने के लिए एफएमजीई यानी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जाम की पात्रता के लिए एक साल की सुपरवाइज्ड इंटर्नशिप भी करनी पड़ती है। इनके बाद एफएमजी एग्जाम क्वालीफाई करना पड़ता है।
यूक्रेन के खार्किव में चौथे वर्ष की मेडिकल पढ़ाई कर रहे ऋत्विक वाष्र्णेय ने को बताया, अनशन पर बैठने को हमें अब मजबूर होना पड़ रहा है पिछले 3 महीने से हम भारत लौटे हुए हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अब तक कोई भी फैसला हमारी पढ़ाई को लेकर नहीं हुआ है। सरकार के जो मंत्री हमें लेने पहुंचे थे, उन्होंने हमसे वहां वादा किया था कि हम आपका भविष्य भी देखेंगे।
अभी तक हमारे पास किसी तरह की हमारे भविष्य को लेकर खबर नहीं आई है। सरकार यदि हमें एक निर्धारित समय दे दे तो हम थोड़ा संतुष्ट महसूस करें। लेकिन ऐसा सरकार की तरफ से नहीं हुआ है। हमारा एक डेलिगेशन एनएमसी भी गया, वहाँ भी संतुष्ट जवाब नहीं मिला।

उन्होंने आगे कहा, जिन छात्रों का आखिरी कुछ महीनों की पढ़ाई बची हो और अचानक उन्हें स्वदेश लौटना पड़े तो वे छात्र डिप्रेशन में चले जाते हैं। हमने अपनी मांगों को विधायकों सांसदों व अन्य अधिकारियों को पहले ही सौंप चुके हैं, वहीं हम धरना भी दे चुके हैं, लेकिन मजबूरन अब हमें अनशन पर बैठना पड़ रहा है।
इससे पहले छात्रों और परिजनों ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय के गेट के बाहर शुक्रवार को प्रदर्शन किया था। पीएयूएमएस के राष्ट्रीय महासचिव पंकज धीरज ने बताया, हम सब शांतिपूर्वक ढंग से देश के मेडिकल सेवा भविष्य को स्वदेश में ही अगली शिक्षा दिलवाने के लिए विगत ढाई माह से पीएम से मांग करते आ रहे हैं, अब सरकार को हमारी शांतिपूर्ण प्रक्रिया को गंभीरता से लेना चाहिए।
रविवार को देशभर के मेडिकल विद्यार्थी, दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर अनशन शुरू करने जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में भी उस संबंधित पीआईएल में केंद्र सरकार को सकारात्मक व मानवीय दृष्टिकोण वाला जबाव भी 29 जून को दाखिल करना है।

उन्होंने आगे कहा, यूक्रेन-रूस युद्ध आपदा के बीच करीब तीन माह पहले छात्र जान बचाकर स्वदेश लौटे, उनको यहां तक लाने में सरकार ने मदद की, लेकिन अब उनकी आगे की पढ़ाई के बारे में सरकार को सोचना होगा। उन्हें भारत में ही मेडिकल की पढ़ाई करानी होगी।
देश के अलग-अलग राज्यों में छात्रों की संख्या अलग है। दिल्ली में 150 मेडिकल के छात्र हैं, जो यूक्रेन युद्ध के कारण स्वदेश लौटे, हरियाणा 1400, हिमाचल प्रदेश के 482, ओडि़शा 570, केरल 3697, महाराष्ट्र 1200, कर्नाटक 760, उत्तर प्रदेश 2400, उत्तराखंड 280, बिहार 1050, गुजरात 1300, पंजाब 549, झारखंड 184 और पश्चिम बंगाल के 392 छात्र हैं।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
cm shinde

महाराष्ट्र में औद्योगिक विकास के लिए शाश्वत बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता : सीएम शिंदे

August 18, 2023
tribal "Ho" society

झारखण्ड : शराब दुकान खोलने के फैसले के विरुद्ध आदिवासी “हो” समाज महिला महासभा ने की बैठक !

May 22, 2025
court

न्यायिक सक्रियता का नया दौर!

May 9, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • CM रेखा गुप्ता ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद से मिलाया हाथ, दिल्ली के कलाकारों को मिलेंगे अंतरराष्ट्रीय अवसर
  • गया जी में ही क्यों होता है पिंडदान! गयासुर से जुड़ा है विष्णुपद मंदिर का ये रहस्य
  • CM रेखा गुप्ता ने ऑनलाइन लाइसेंस, एनओसी के लिए ‘दिल्ली उद्योग मित्र’ पोर्टल शुरू किया

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.