Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विशेष

न रूस राजी है और न ही यूक्रेन

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
February 24, 2023
in विशेष, विश्व
A A
russia-ukraine conflict
17
SHARES
576
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

यूक्रेन युद्ध शुरू हुए आज एक साल हो गया और अब भी इसके समाप्त होने के कोई स्पष्ट संकेत नजर नहीं आ रहे। न तो दोनों में से कोई पक्ष जीतने की स्थिति में दिख रहा है और न हार स्वीकारने की मन:स्थिति में। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की अमेरिका और यूरोपीय देशों से अधिकाधिक हथियार मंगाने की कोशिशों में लगे हैं तो अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी अचानक कीव पहुंचकर यह साफ संकेत दिया कि उनका यूक्रेन की मदद से पीछे हटने का कोई इरादा नहीं है। दूसरी तरफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पूतिन भी इस बात का खास ध्यान रख रहे हैं कि इस मसले पर उनकी आक्रामकता में कोई कमी न आए। चीन का रूस के और निकट दिखना और उसे हथियार सप्लाई करने की संभावनाओं का खंडन न करना भी इस धारणा को मजबूती देता है कि आने वाले दिनों में युद्ध और तेज होने जा रहा है। लेकिन इसके साथ ही यह भी साफ है कि युद्ध न केवल यूक्रेन और रूस के लिए बल्कि विभिन्न यूरोपीय देशों के साथ-साथ ग्लोबल इकॉनमी के लिए भी कठिनाइयां बढ़ाता जा रहा है। इसलिए जहां युद्ध की आंच बढ़ाने वाली घोषणाएं जारी हैं वहीं शांति कायम करने की बेचैनी भी बढ़ रही है।

इस संदर्भ में देखें तो चीन और भारत ये दो देश ऐसे हैं, जो शांति प्रक्रिया शुरू करने और उसे तार्किक परिणति तक पहुंचाने में सर्वाधिक योगदान करने की स्थिति में नजर आते हैं। यही दो प्रमुख देश ऐसे हैं, जिनके यूक्रेन और रूस दोनों से अच्छे रिश्ते रहे हैं और जिन्होंने हमले का समर्थन न करते हुए भी युद्ध के लिए रूस को दोषी बताने से परहेज किया है। इसलिए ये दोनों देश रूस और यूक्रेन में प्रभाव रखते हैं। इनमें भी भारत की स्थिति बेहतर इसलिए नजर आती है कि आने वाले कुछ दिनों, हफ्तों, महीनों के दौरान यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का केंद्र बना रहने वाला है।

इन्हें भी पढ़े

ट्रंप भैंसा

बांग्लादेश का ‘ट्रंप भैंसा’ बना ग्लोबल सेंसेशन, 700 किलो के भैंसे को मिली VIP सुरक्षा

May 29, 2026
meta

Meta का बड़ा फैसला: अब Instagram, Facebook और WhatsApp इस्तेमाल करने के लिए देने पड़ेंगे पैसे!

May 29, 2026
Siddaramaiah DK Shivakumar

कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व की लड़ाई, क्या सिद्धारमैया की बराबरी कर पाएंगे डीके शिवकुमार?

May 28, 2026
BJP

बीजेपी ने चार राज्यों में किए बड़े संगठनात्मक बदलाव, जानिए दिल्ली में कमान किसके हाथ ?

May 28, 2026
Load More

जर्मनी के चांसलर ओलफ शोल्ज इसी सप्ताह भारत दौरे पर आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले हैं। उनके बाद इतालवी पीएम जोर्जिया मेलोनी आने वाली हैं। अगले हफ्ते ही जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक भारत की मेजबानी में होने वाली है, जिसमें रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन दोनों नई दिल्ली में होंगे। इन बैठकों का इस्तेमाल शांति समझौते का कोई सर्वमान्य फॉर्म्युला निकालने की कोशिशों के लिए किया जा सकता है।

हालांकि जिस तरह से यूक्रेन के चार सीमावर्ती क्षेत्र- दोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जपोरिजिया- रूस के कब्जे में आ चुके हैं, उनके मद्देनजर दोनों पक्षों को मान्य कोई फॉर्म्युला निकलना आसान नहीं दिख रहा। यूक्रेन इसे वापस लेने पर अड़ा है तो रूस कब्जा बनाए रखने पर। लेकिन कूटनीति की एक विशेषता असंभव को संभव करना भी मानी जाती है।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को 24 फरवरी को एक साल पूरा हो गया, लेकिन इस युद्ध का कोई अंत अभी नजर नहीं आता। दोनों ही देशों के युद्ध में भारी नुकसान हुआ है, लेकिन पीछे हटने के लिए न रूस राजी है और न ही यूक्रेन।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
uniform civil code

उत्तराखंड : सामान नागरिक संहिता क्या समलैंगिक शादी के लिए बना सकती है रास्ता?

October 19, 2023

कानून से नहीं रूकेगा दलबदल

July 12, 2022
modi-putin

भारत-रूस दोस्ती अटल, पाकिस्तानी मीडिया ने फैलाया अफवाहों का झूठा जाल!

May 31, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • हार्दिक पंड्या क्यों किया MI टीम छोड़ने का फैसला, जानिए
  • ये हैं LIC की 5 सबसे बेहतरीन पॉलिसी, 45 रुपए से बना सकते हैं 25 लाख का फंड
  • NEET पेपर लीक कैसे हुआ इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.