Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

विपक्षी एकता आर्थिक भी हो

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
December 14, 2022
in राष्ट्रीय, विशेष
A A
18
SHARES
587
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

हरिशंकर व्यास


आमतौर पर विपक्षी पार्टियों के बीच राजनीतिक और चुनावी एकजुटता की बात होती है। हर चुनाव से पहले कहा जाता है कि पार्टियां एक दूसरे से सहयोग करें, एक दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार न उतारें, वोट काटने की राजनीति न करें आदि आदि। लेकिन इस राजनीतिक एकजुटता के साथ साथ आर्थिक एकजुटता भी जरूरी है। देश की कई पार्टियां हैं, जिसमें कांग्रेस भी शामिल है, जिनके पास बड़ा आधार है, संगठन है, नेता हैं लेकिन धन नहीं है। संसाधन नहीं है। केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद चुनावी चंदे का रास्ता बंद कर दिया गया है। पार्टियों को मिलने वाला चंदा बंद सा है। इलेक्टोरल बांड के सिस्टम से जो चंदा मिलता है उसका 90 फीसदी भाजपा के खाते में जाता है। कॉरपोरेट के ऊपर निगरानी और अंकुश है कि वे विपक्षी पार्टियों को चंदा न दें। जहां विपक्षी सरकारें हैं वहा भी ठेके-पट्टे से कमाई या तो बंद या कम हो गई है क्योंकि केंद्रीय एजेंसियां सक्रिय हैं। लगभग सभी राज्यों में सरकारों के लिए धन का बंदोबस्त करने वाले कारोबारियों पर छापे पड़े हैं या जांच चल रही है।

ऐसे समय में जरूरी है कि जिन पार्टियों के पास संसाधन हैं वे दूसरी पार्टियों की मदद करें। सिर्फ राजनीतिक मदद या तालमेल पर्याप्त नहीं है। भाजपा का मुकाबला करने के लिए बेहिसाब संसाधन की जरूरत पड़ेगी। क्या किसी विरोधी पार्टी का दिल इतना बड़ा है कि वह दूसरी पार्टियों के लिए अपना खजाना खोले? ध्यान रहे बिहार में नई पार्टी बनाने से पहले प्रशांत किशोर पदयात्रा कर रहे हैं और नई राजनीति की जमीन तलाश रहे हैं, उन्होंने कई बार कहा कि देश के कई राज्यों में उन्होंने नेताओं और पार्टियों की मदद की तो अब वे लोग उनकी मदद कर रहे हैं। सो, क्या प्रशांत किशोर की मदद करने वाली पार्टियां वैसी ही मदद दूसरी विपक्षी पार्टियों की कर सकती हैं?
सो यदि कोई बड़ा नेता इस बात की पहल करता है कि विपक्षी पार्टियों में एकजुटता बने। सबके लिए विन विन सिचुएशन हो तो साथ में संसाधनों का एक साझा कोष बनवाना भी जरूरी है।

इन्हें भी पढ़े

toll plazas

एक अप्रैल से नेशनल हाइवे और एक्‍सप्रेसवे पर सफर होगा महंगा, बढ़ जाएगा टैक्‍स

March 29, 2026
png gas

भारत में कहां से आती है पीएनजी, युद्ध में भी जिस पर नहीं पड़ रहा कोई असर!

March 29, 2026
Petrol-Diesel

ईरान युद्ध के बावजूद भारत में क्यों नहीं बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम?

March 29, 2026
railway station

रेलवे स्टेशनों में भीड़ से निपटने को नया मेगा प्लान, बनेंगे ‘हाई-टेक होल्डिंग एरिया’

March 29, 2026
Load More

भाजपा मीडिया के ऊपर और सोशल मीडिया में बेहिसाब खर्च करती है। वह चुनाव प्रचार में पानी की तरह पैसा बहाती है। विपक्षी पार्टियां उस तरह से तो नहीं कर सकती हैं लेकिन साझा कोष बना कर साझा प्रचार का जरूरत भर खर्च का इंतजाम कर सकती है ताकि सारी पार्टियां ठीक से चुनाव लड़ सकें। उनका प्रचार ठीक से हो। चुनाव का प्रबंधन भी ठीक से हो। तेलंगाना, तमिलनाडु, महाराष्ट्र आदि राज्यों की भाजपा विरोधी पार्टियां सक्षम हैं। वे दूसरी पार्टियों की मदद कर सकती हैं। अगर तालमेल होता है तो झारखंड में जेएमएम कांग्रेस और राजद को लड़वा सकती है और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी चाहें तो कांग्रेस और लेफ्ट के लिए बंदोबस्त कर सकती हैं। राजनीति के साथ साथ संसाधनों के इंतजाम पर भी विरोधियों को ध्यान देना होगा।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
CARTUN

सियासत में दलबदल का खेल पुराना!

May 7, 2024
कचरा प्रबंधन

कचरा प्रबंधन का राजनीतिक अर्थशास्त्र और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण

May 31, 2023

कट्टरपंथी राजनीति के खतरे

July 8, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • साइबर ठगी के लिए म्यूल खाते प्रोवाइड कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार
  • एक अप्रैल से नेशनल हाइवे और एक्‍सप्रेसवे पर सफर होगा महंगा, बढ़ जाएगा टैक्‍स
  • भारत में कहां से आती है पीएनजी, युद्ध में भी जिस पर नहीं पड़ रहा कोई असर!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.