प्रकाश मेहरा
एक्जीक्यूटिव एडिटर
वाराणसी। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी इन दिनों विकास कार्यों को लेकर चर्चा में है। खासतौर पर मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास कार्य को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
विवाद को बढ़ता देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही सूचनाओं को लेकर चिंता जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर भ्रामक जानकारियां साझा कर रहे हैं, जिससे काशी की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विकास कार्यों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों से सतर्क रहने की अपील की।
वहीं, इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर सरकार की मंशा और कार्यप्रणाली पर निशाना साधा है। विपक्ष का आरोप है कि विकास के नाम पर धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से समझौता किया जा रहा है।
गौरतलब है कि वाराणसी में चल रहे विभिन्न विकास परियोजनाओं को लेकर पहले भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। मणिकर्णिका घाट का मामला अब केवल विकास कार्य तक सीमित न रहकर राजनीतिक विमर्श का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।







