प्रकाश मेहरा
नई दिल्ली (दिल्ली स्पेशल)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS शिखर सम्मेलन से पहले संगठन के भविष्य को लेकर भारत की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत का लक्ष्य BRICS को “Building Resilience and Innovation for Cooperation and Sustainability” यानी सहयोग एवं सतत विकास के लिए लचीलापन और नवाचार का निर्माण के रूप में नए सिरे से परिभाषित करना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “भारत ने अपनी G-20 अध्यक्षता के दौरान समावेशिता को प्राथमिकता दी और वैश्विक दक्षिण (Global South) की चिंताओं को एजेंडे में प्रमुख स्थान दिया। इसी भावना के साथ BRICS की अध्यक्षता के दौरान भी भारत इस मंच को जन-केंद्रित दृष्टिकोण और ‘मानवता सर्वोपरि’ (Humanity First) की भावना के साथ आगे बढ़ाएगा।”
उन्होंने कहा कि “बदलती वैश्विक परिस्थितियों में BRICS देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इसके लिए लचीलापन, नवाचार, समावेशिता और सतत विकास को केंद्र में रखते हुए साझा प्रयासों को आगे बढ़ाया जाएगा।”
प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण से स्पष्ट है कि भारत BRICS को केवल आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग के मंच के रूप में नहीं, बल्कि आम लोगों के हितों और वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए अधिक प्रभावी मंच के रूप में विकसित करने पर जोर देगा।
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