शाहजहांपुर : शाहजहांपुर के ददरौल प्रखंड के एक सरकारी स्कूल में हाईस्कूल की छात्राओं का यौन शोषण करने का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी मिलते ही लोगों में सनसनी फैल गई। स्कूल का कंप्यूटर टीचर छात्राओं को शौचालय में ले जाकर शारीरिक शोषण करता था। पुलिस ने स्कूल के शौचलाय से इस्तेमाल किए गए कंडोम बरामद किए हैं। कंडोम की संख्या को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि टीचर काफी समय से छात्राओं का शोषण कर रहा था। अभी तक की जांच में पता चला कि 13 नाबालिग छात्राओं से टीचर ने संबध बनाए थे। सभी छात्राएं दलित हैं।
यौन शोषण का शिकार हुई एक छात्रा ने पहले अपने माता-पिता को कंप्यूटर शिक्षक की हरकतों के बारे में बताया। कहा कि टीचर गंदे तरीके से हमें छूता है। इसके बाद ग्राम प्रधान ने पुलिस से शिकायत की और मामला खुला।
आरोपी कंप्यूटर शिक्षक मोहम्मद अली के साथ ही प्रधानाध्यापक अनिल कुमार और सहायक शिक्षिका साजिया पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी कंप्यूटर टीचर मोहम्मद अली को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कहा कि तीनों आरोपियों पर एससी-एसटी एक्ट और पोक्सो अधिनियम के तहत धाराएं लगाई गई हैं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कुमार गौरव ने बताया कि सोमवार को 50 लड़कियों सहित 112 छात्रों में से केवल 35% छात्र स्कूल पहुंची थीं। 13 लड़कियों के साथ जो हुआ उसके बाद माता-पिता और छात्राएं डरे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग छात्रों और अभिभावकों की काउंसलिंग करेगा। जब तक हम उनके बीच विश्वास का नहीं पैदा कर पाएंगे, तब तक छात्रों की संख्या में सुधार नहीं होगा। हमें अपने शिक्षकों को भी संवेदनशील बनाना होगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम प्रधान रामपाल ने कहा कि इस घटना ने माता-पिता में दहशत पैदा कर दी है। शिक्षण संस्थानों को छात्रों के लिए सुरक्षित स्थान माना जाता है। दुर्भाग्य से कुछ शिक्षकों ने स्कूल को शर्मसार कर दिया है। एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि इस भयानक घटना से गुजरने वाली कुछ लड़कियां शायद ही स्कूल आ सकें। शिक्षक के दुराचार ने उन्हें आहत कर दिया है। इनसे उबरने में थोड़ा समय लगेगा। इस घटना ने उनके आत्मविश्वास को ठेस पहुंचाई है और उन्हें हमेशा लगेगा कि स्कूल भी उनके लिए सुरक्षित जगह नहीं है।
इस बीच स्कूली शिक्षा विभाग के महानिदेशक विजय किरण आनंद ने कहा कि ऐसी घटनाओं की जांच के लिए, उत्तर प्रदेश के सभी 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में जल्द ही एक महिला कर्मचारी होगी। राज्य के सभी 75 जिलों में कार्यरत इन स्कूलों में कार्यरत सभी मौजूदा पुरुष कर्मचारियों के अनुबंधों का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन आवासीय विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक आवासीय शिक्षा देने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है।







