Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

इलेक्टोरल बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट का SBI को नोटिस, बॉन्ड नंबरों का खुलासा!

एसबीआई को देश के लोकतंत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए, अगर उसका व्यवहार कहीं से भी इसमें उदासीन दिखता है, तो चिंता बढ़ जाती है।

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
March 17, 2024
in राष्ट्रीय, विशेष
A A
13
SHARES
426
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

प्रकाश मेहरा


नई दिल्ली। इलेक्टोरल बॉन्ड की पूरे देश में चर्चा स्वाभाविक है और इसी कड़ी में देश के सर्वोच्च न्यायालय के प्रयासों और सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को फिर मिली फटकार को देखा जा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को एसबीआई को नोटिस जारी करके जवाब भी मांगा है। वास्तव में, चुनाव आयोग की वेबसाइट पर इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वालों को जो सूची पोस्ट हुई है. उसे अधूरा माना जा रहा है। इलेक्टोरल बॉन्ड किसने खरीदा, यह तो पता चल रहा है, लेकिन इससे किसे लाभ हुआ या उसका किस पार्टी ने लाभ लिया, इसकी जानकारी नहीं मिल रही है। कोई अल्फान्यूमेरिक नंबर है, जो सूची के साथ शामिल नाहीं है। अब सर्वोच्च न्यायालय की फटकार के बाद एसबीआई को अपनी सूची को और स्पष्ट करना होगा। उसे सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप पहले ही कार्रवाई करनी ही चाहिए थी, ताकि उस पर उंगली न उठती।

इन्हें भी पढ़े

pm modi

PM मोदी बोले- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले बचेंगे नहीं, बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट

July 23, 2026
bullet train

बुलेट ट्रेन की रफ्तार को मिलेगी बिजली की ताकत, तैयार हो रहा नया सिस्टम

July 23, 2026
court

क्या होता है फास्ट ट्रैक कोर्ट और क्यों हुआ था इसका गठन?

July 23, 2026
PM-YASASVI योजना

PM-YASASVI योजना से छात्रों को स्कूल से कॉलेज तक मिलेगी आर्थिक सहायता

July 23, 2026
Load More

इलेक्टोरल बॉन्ड की शुरुआत राजनीतिक चंदा!

इसमें कोई दोराय नहीं कि इलेक्टोरल बॉन्ड की शुरुआत राजनीतिक चंदे के लेन-देन को पारदर्शी बनाने के लिए की गई थी। यहां पारदर्शिता का सीधा अर्थ है कि लोगों को चंदे के बारे में पूरी सूचना होनी चाहिए। किस व्यक्ति ने किस पार्टी को कितने पैसे दिए हैं? जब एक बार पैसे के लेन-देन के बारे में साफ तौर पर पता चल जाता है, तब लोग यह आकलन करने की स्थिति में होते हैं कि पैसा क्यों लिया गया होगा या चंदा क्यों दिवा गया होगा? दरअसल, चंदे की पूरी व्यवस्था ही विवेक पर निर्भर करती है। देने वाला अपने विवेक से देता है और जाहिर है, जो करोड़ों रुपये देगा, वह कुछ फायदे लेने के बारे में भी जरूर सोचेगा। आज के महंगे और पूंजीवादी दौर में यह सोचना बहुत भोलापन होगा, अगर हम यह सोचें कि अब तक करोड़ों रुपये का चंदा स्वेच्छा से लिया और दिया जाता रहा है। बहरहाल, जहां तक एसबीआई या किसी अन्य संस्था का सवाल है, तो हर हाल में पारदर्शिता के पक्ष को ही मजबूत किया जाना चाहिए।

लोकतंत्र में किसी संस्था को जरूरी सूचना छिपाने का हक नहीं होना चाहिए। केवल देश की सुरक्षा से संबंधित दस्तावेजों की ही गोपनीयता सुनिश्चित रहनी चाहिए। बाकी तंत्र का कोई भी हिस्सा अगर किसी तरह का लेन-देन कर रहा है, तो इसके बारे में लोगों को पूरी सूचना होनी ही चाहिए। मतलब, एसबीआई को देश और उसके लोकतंत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए, अगर उसका व्यवहार कहीं से भी इस संदर्भ में उदासीन दिखे, तो चिंता होती है। पहले भी अनेक मौके आए हैं, जब हमने इस बैंक का पक्षपाती रवैया देखा है।

चुनावी बॉन्ड के अल्फान्यूमेरिक नंबरों का खुलासा!

शीर्ष अदालत की पीठ ने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और वकील प्रशांत भूषण की दलीलों पर ध्यान दिया है कि एसबीआई द्वारा चुनावी बॉन्ड के अल्फान्यूमेरिक नंबरों का खुलासा नहीं किया गया है। अब एसबीआई को अपनी विश्वसनीयता बहाल करने की दिशा में गंभीरता से काम करना होगा। यह ध्यान देने की बात है कि इलेक्टोरल बॉन्ड की गहरी तफ्तीश के लिए अब एसआईटी के गठन की मांग हो रही है। इसका सीधा सा मतलब है कि यह विवाद जल्दी नहीं सुलझने वाला। कुल मिलाकर एसबीआई और अन्य सभी वित्तीय संस्थाओं को सावधान हो जाना चाहिए। इलेक्टोरल बॉन्ड पर आया फैसला एक नजीर है। अब सबको कानून सम्मत के लिए काम कर होगा। एसबीआई पर देश के लोगों का काफी भरोसा रहा है, उसकी साख को और चोट न पहुंचे, इसकी चिंता उसे ही करनी है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Yati Narasimhanand Giri

वीडियो जारी कर यति नरसिंहानंद गिरी ने हिंदू नेताओं को सतर्क रहने की दी चेतावनी!

March 13, 2026
मणिपुर hinsa

भटके विमर्श का नतीजा

May 10, 2023
Shaheed Diwas

क्‍यों भारत में दो बार मनाया जाता है शहीद दिवस?

March 23, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • PM मोदी बोले- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले बचेंगे नहीं, बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट
  • दिल्ली में जारी है ‘मेट्रो मंडे’ अभियान, रेखा गुप्ता सरकार सार्वजनिक परिवहन को दे रही बढ़ावा
  • बुलेट ट्रेन की रफ्तार को मिलेगी बिजली की ताकत, तैयार हो रहा नया सिस्टम

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.