नई दिल्ली। अगर आप भी सैलरी खाते में आते ही बिना सोचे-समझे खर्च करना शुरू कर देते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. अक्सर हमें यह देखने को मिलता है कि ज्यादातर लोग सैलरी आते ही उसे खर्च कर देते हैं और जो पैसा बचत है, उसे निवेश करने के लिए सोचते है. लेकिन एक्सपर्टों के मुताबिक यह तरीका सही नहीं है. अगर आप अपनी कम सैलरी से मोटी रकम पाना चाहते है, तो सबसे पहले बचत और निवेश के लिए रकम अलग रखें उसके बाद बाकी खर्चों की प्लानिंग करें.
ऐसे में अगर आप स्टार्टिंग से ही अपनी कमाई का एक हिस्सा अलग कर देते हैं, तो समय के साथ एक अच्छी रकम आप अपने सेविंग के लिए तैयार कर सकते हैं. आपकी यह एक छोटी सी आदत फ्यूचर में किसी बड़ी जरूरत या अचानक आने वाले खर्चों से निपटने में भी मदद कर सकती है.
क्या है सैलरी से पैसे बचाने के तरीके?
- SIP, PPF जैसे ऑप्शनों में हर महीने निवेश करते रहें.
- हर महीने खर्च की योजना बनाएं और उसी के मुताबिक ही पैसे खर्च करें.
- आप अपनी EMI उतनी ही रखें, जिससे आपकी आय आसानी से संभाल सके और आप पर ज्यादा बोझ न बने.
- रोजाना की ऑनलाइन शॉपिंग, बाहर खाना और गैर-जरूरी सब्सक्रिप्शन जैसी फिजूल खर्चों पर खुद को कंट्रोल रखें.
- क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर ही करें और हर महीने पूरा बिल समय पर चुकाएं, ताकि आप ब्याज से बच सके.
- हर महीने सैलरी मिलते ही सबसे पहले कुछ रकम सेविंग या निवेश के लिए अलग कर रखें. इसके बाद ही बाकी खर्चों की प्लानिंग करें.
- कम से कम 6 महीने के खर्च जितनी बचत तैयार रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल आसानी से किया जा सके.
सैलरी आते ही अपनाएं फाइनेंशियल टिप्स
- सैलरी मिलते ही कम से कम 20% रकम सेविंग्स या निवेश में लगाएं.
- हर सैलरी बढ़ोतरी पर 50% निवेश करें.
- इमरजेंसी फंड के लिए 6 महीने के खर्च के बराबर रकम रखें.
- क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल समय पर चुकाएं.
- टोटल EMI आपकी महीने की इनकम के 30-35% से ज्यादा न हो.






