Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

DRDO ने जिस एडवांस अग्नि मिसाइल का टेस्ट किया, जानें उसकी खासियत

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 10, 2026
in राष्ट्रीय
A A
Agni
18
SHARES
587
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। अग्नि-5 मिसाइल का यह परीक्षण शुक्रवार (8 मई 2026) को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आइलैंड से किया गया. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस टेस्ट के दौरान मिसाइल को कई पेलोड के साथ लॉन्च किया गया और हिंद महासागर क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर मौजूद टारगेट को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया. मंत्रालय ने कहा कि मिशन के सभी लक्ष्य पूरी तरह सफल रहे. मिसाइल की लॉन्च पर लगातार नजर रखने के लिए जमीन और समुद्र में मौजूद कई ट्रैकिंग सिस्टम और टेलीमेट्री स्टेशनों का इस्तेमाल किया गया. इन सिस्टम ने मिसाइल के लॉन्च होने से लेकर लक्ष्य तक पहुंचने की पूरी जानकारी रिकॉर्ड की.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

इन्हें भी पढ़े

BJP

छात्र आंदोलन के बाद बीजेपी ने बदली रणनीति! ‘एक दिन, एक यूनिवर्सिटी’ दौरे का बना प्लान

August 20, 2026
Railway

रेलवे के इन 4 बड़े प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी, 6448 गांवों की रेल कनेक्टिविटी को मिलेगा जबर्दस्त बूस्ट

August 19, 2026
sbi

देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने बदले कैश विड्रॉल नियम!

August 19, 2026
vbyld 2027

VBYLD 2027 में युवाओं को मिलेगा बड़ा मौका,1,500 युवा होंगे शामिल, ऐसे करें खुद को रजिस्टर

August 19, 2026
Load More

इस सफल परीक्षण के बाद भारत ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वह एक ही मिसाइल से कई ठिकानों पर हमला करने की क्षमता रखता है. हालांकि सरकार की तरफ से यह नहीं बताया गया कि अग्नि-5 का MIRV वर्जन कितने वॉरहेड ले जा सकता है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह चार या पांच वॉरहेड ले जाने में सक्षम हो सकता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता पर DRDO और सेना को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश की सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करेगी और बढ़ते खतरों से निपटने में मदद करेगी.

MIRV तकनीक वाली अग्नि-5 मिसाइल

भारत ने पहली बार मार्च 2024 में MIRV तकनीक वाली अग्नि-5 मिसाइल का परीक्षण किया था. उस मिशन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन दिव्यास्त्र नाम दिया था. इस तकनीक के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया जिनके पास MIRV मिसाइल सिस्टम है. इस सूची में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन जैसे देश शामिल हैं. अग्नि-5 मिसाइल की रेंज 5,000 किलोमीटर से ज्यादा है. इसमें तीन चरण वाला सॉलिड फ्यूल इंजन इस्तेमाल किया गया है. MIRV तकनीक वाली मिसाइलें सामान्य मिसाइलों से ज्यादा ताकतवर मानी जाती हैं क्योंकि इनमें एक साथ कई न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने की क्षमता होती है.

DRDO अग्नि मिसाइल के कई दूसरे वर्जन

DRDO ने अग्नि मिसाइल के कई दूसरे वर्जन भी बनाए हैं. इनमें अग्नि-1 की रेंज 700 किलोमीटर, अग्नि-2 की 2,000 किलोमीटर, अग्नि-3 की 3,000 किलोमीटर और अग्नि-4 की 4,000 किलोमीटर है.अग्नि-5 के MIRV सिस्टम में पूरी तरह स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इसमें भारतीय एवियोनिक्स और हाई एक्यूरेसी सेंसर लगाए गए हैं. खास बात यह है कि 2024 में हुए पहले परीक्षण का नेतृत्व DRDO की एक महिला वैज्ञानिक ने किया था और उस टीम में कई महिला वैज्ञानिक शामिल थीं.

भारत की न्यूक्लियर नीति नो फर्स्ट यूज पर आधारित

भारत की न्यूक्लियर नीति नो फर्स्ट यूज पर आधारित है. इसका मतलब है कि भारत पहले न्यूक्लियर हमला नहीं करेगा, लेकिन अगर भारत पर न्यूक्लियर हमला होता है तो उसका जवाब बहुत बड़े स्तर पर दिया जाएगा. भारत में न्यूक्लियर हथियारों के इस्तेमाल का फैसला केवल राजनीतिक नेतृत्व ही ले सकता है. प्रधानमंत्री न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी की पॉलिटिकल काउंसिल के प्रमुख होते हैं. भारत के पास जमीन, हवा और समुद्र तीनों रास्तों से न्यूक्लियर हमला करने की क्षमता है.

हाल ही में भारतीय नौसेना ने अपनी तीसरी न्यूक्लियर पावर्ड बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन INS अरिदमन को सेवा में शामिल किया है. इससे भारत की समुद्री सुरक्षा और न्यूक्लियर ताकत और मजबूत हुई है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी SIPRI की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2025 तक भारत के पास करीब 180 न्यूक्लियर वॉरहेड थे. रिपोर्ट में चीन के पास 600 और पाकिस्तान के पास 170 न्यूक्लियर वॉरहेड होने का अनुमान लगाया गया है.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
दिल्ली वक्फ बोर्ड

वक्फ संशोधन कानून पर आगे बढ़ती सरकार!

October 5, 2024
donald trump

भारतीय दर्शन को अपनाकर वैश्विक समस्याओं का हल निकाल सकते हैं ट्रम्प प्रशासन!

August 8, 2025
Way to Journalism

सीमाओं के पार पत्रकारिता, प्रकाश मेहरा की नई यात्रा !

August 4, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • पानी पीने के बाद भी प्यास लग रही, ये दिक्कत तो नहीं?
  • WhatsApp पर PAN और Aadhaar शेयर करने वाले सावधान, आपकी एक गलती बढ़ा सकती है परेशानी
  • छात्र आंदोलन के बाद बीजेपी ने बदली रणनीति! ‘एक दिन, एक यूनिवर्सिटी’ दौरे का बना प्लान

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.