नई दिल्ली। आज के बदलते दौर में शिक्षा का स्वरूप पूरी तरह बदल रहा है. भारत का ऑनलाइन डिग्री मार्केट साल 2030 तक एक नई ऊंचाई छूने के लिए तैयार है. एडुटेक प्लेटफॉर्म Trainings Kart की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में जो बाजार 3.6 बिलियन डॉलर का था, वह अब लगभग 23% की वार्षिक वृद्धि (CAGR) के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है.
आखिर क्यों बढ़ रहा है ऑनलाइन डिग्री का क्रेज?
ऑनलाइन शिक्षा की इस रफ्तार के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं. सबसे बड़ी राहत UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के उस फैसले से मिली है, जिसमें ऑनलाइन डिग्री को रेगुलर डिग्री के बराबर मान्यता दी गई है. अब छात्र घर बैठे पढ़ाई करके भी वही वैल्यू पा सकते हैं जो कॉलेज जाने वाले छात्रों को मिलती है.
इसके अलावा, वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है. अपनी नौकरी छोड़े बिना डिग्री हासिल करना और नई स्किल्स सीखना अब बहुत आसान हो गया है. बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है.
टॉप डिमांड वाले कोर्स
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ चुनिंदा कोर्स छात्रों और प्रोफेशनल्स की पहली पसंद बने हुए हैं:
Online MBA
लीडरशिप और बिजनेस स्ट्रेटेजी सीखने के लिए यह सबसे लोकप्रिय कोर्स है.
Online MCA & BCA
आईटी सेक्टर की बढ़ती मांग के कारण कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से जुड़े इन कोर्सेज में भारी नामांकन हो रहा है.
Online BBA
करियर की शुरुआत करने वाले युवाओं के लिए मार्केटिंग और फाइनेंस की समझ विकसित करने का यह बेहतरीन जरिया है.
क्या हैं इसके फायदे?
किफायती शिक्षा : पारंपरिक कॉलेज की तुलना में ऑनलाइन डिग्री काफी सस्ती होती है.
लचीलापन : आप अपनी सुविधा के अनुसार रिकॉर्डेड लेक्चर देख सकते हैं और लाइव सेशन में शामिल हो सकते हैं.
समान अवसर : अब छोटे शहरों (Tier-2 और Tier-3) के छात्र भी बड़े शहरों के टॉप संस्थानों से शिक्षा प्राप्त कर पा रहे हैं.







