विकाश शुक्ला | पहल टाइम्स
उमरिया, मध्यप्रदेश। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और जंगल की शांति के लिए बनाए गए नियमों की खुलेआम अनदेखी किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। कोर जोन में मोबाइल ले जाने की कथित छूट से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पर्यटन सफारी के कोर गेट पर मोबाइल जमा कराने के नियम का सख्ती से पालन सिर्फ इसलिए नहीं हो पा रहा, क्योंकि गाइड और ड्राइवरों के लिए गेट पर चेकिंग के लिए बैठे जिम्मेदार मददगार साबित हो रहे हैं। या फिर पार्क प्रबंधन के पास चेक पॉइंट या टिकट काउंटर पर मोबाइल जमा कराने के लिए पर्याप्त सुविधा नहीं है।

दरअसल सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया था, कि कोर पर्यटन जोन्स में मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। जिसे लेकर बीटीआर प्रबंधन ने प्रतिबंध तो लगया, लेकिन वह कागजों तक सिमट कर रह गया। इस प्रतिबंध का पालन किस तरह कराया जा रहा है, यह अब खुद प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
गेट पर मोबाइल जमा नहीं, गाड़ी के बॉक्स में रख हो रही एंट्री
मामला बेहद गंभीर है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पार्क सफारी के दौरान पर्यटकों के मोबाइल फोन प्रवेश द्वार पर जमा कराने के बजाय वाहनों के अंदर बने बॉक्स में रखवाए जा रहे हैं। मजे की बात तो यह है, कि बॉक्स की चाबी भी पर्यटकों के पास ही रहने दी जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है, कि जब बॉक्स और उस पर लगे ताला की चाबी पर्यटकों के पास ही मौजूद है, और जरूरत पड़ने पर उसे निकाला जा सकता है, तो फिर प्रतिबंध का वास्तविक पालन कैसे हो रहा है ? मोबाइल को गेट पर जमा कराने के बजाय केवल गाड़ी के बॉक्स में रखकर औपचारिकता पूरी की जा रही है, तो यह व्यवस्था प्रतिबंध के उद्देश्य को ही कमजोर करती नजर आती है।
जिम्मेदार कर रहे कोरम पूरा
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के स्थानीय प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर प्रश्न चिन्ह लगना लाजमी है। सूत्रों की माने तो इस व्यवस्था की जानकारी विभागीय अधिकारियों को है, लेकिन वे अब तक इसे बंद कराने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं उठा सके। सफारी गेट पर तैनात जिम्मेदार कर्मचारी पर्यटक वाहन और क्षेत्र की गतिविधियों की निगरानी के लिए हैं, लेकिन उन कर्मचारियों के ऊपर जिसका नियंत्रण है, वे बेखबर हैं या आंख बंद किये हैं। सीमा क्षेत्र के अंदर ताला खुला और फोटो-वीडियो शूट के बाद ताला बंद। मसलन सिर्फ बॉक्स में रखकर नियमों की खानापूर्ति की जा रही है।
नियमों में लापरवाही जीव संरक्षण पर सवाल
वन्यजीव संरक्षण जैसे गंभीर विषय पर ऐसी कथित लापरवाही को सामान्य गलती मानकर नजरअंदाज किया जाना, जारी आदेश के मंसूबों पर पानी फेरना दिख रहा है।वन्यजीव प्रेमियों और प्रकृति संरक्षण से जुड़े लोगों की मांग है, कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। सफारी के सभी प्रवेश द्वारों पर ही बने चेक पॉइंट में मोबाइल फोन अनिवार्य रूप से जमा कराने की व्यवस्था लागू होना चाहिए। जिसमें पर्यटकों, वाहन ड्राइवरों और गाइडों को वाहनों में मोबाइल रखकर कोर जोन में ले जाने की किसी भी व्यवस्था पर तत्काल रोक लगे।
अब देखना यह है कि बांधवगढ़ प्रबंधन सुप्रीम कोर्ट के आदेश और वन्यजीव संरक्षण की भावना का सम्मान करते हुए क्या सख्त कदम उठाता है, या फिर मोबाइल प्रतिबंध केवल कागजों और बोर्डों तक ही सीमित रहेगा।







