प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली/गुजरात। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 30 और 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे बनासकांठा और एकता नगर में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे। बनासकांठा में 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की जाएंगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24वीं किस्त के तहत लगभग 19,000 करोड़ रुपये जारी करेंगे।
प्रधानमंत्री के इस दौरे में पशुपालन, कृषि, डेयरी उद्योग, रेल और मेट्रो कनेक्टिविटी, सड़क अवसंरचना, बाल विकास तथा पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वहीं, 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री शामिल होंगे। इस वर्ष समारोह का व्यापक विषय ‘वंदे मातरम’ होगा, जबकि परेड में वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध सुरक्षा बलों की उपलब्धियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
बनासकांठा में 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री 30 अक्टूबर को सुबह करीब 9:30 बजे बनासकांठा के भीलडी स्थित एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी एवं इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (ईटी-आईवीएफ) प्रयोगशाला और भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (बीआरसी) मवेशी फार्म का दौरा करेंगे। इसके बाद सुबह करीब 10:30 बजे वे 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री दो ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे और उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।
भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर होगा राष्ट्र को समर्पित
प्रधानमंत्री बनासकांठा के भीलडी में स्थापित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (बीआरसी) को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। करीब 127 एकड़ में फैला यह संस्थान आधुनिक पशु प्रजनन तकनीकों और आनुवंशिक सुधार के लिए विकसित किया गया है। यह केंद्र गोजातीय प्रजनन, नस्ल सुधार और उन्नत प्रजनन तकनीकों को बढ़ावा देगा। इससे पशुओं की नस्ल सुधारने की प्रक्रिया में 10 से 20 गुना तक तेजी लाने में मदद मिलने की उम्मीद है। कांकरेज नस्ल के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष ध्यान देने वाला यह अपनी तरह का देश का पहला केंद्र होगा। इस पहल से पशुपालकों को बेहतर नस्ल के पशु उपलब्ध कराने, दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने और डेयरी क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में सहायता मिलेगी।
बनास डेयरी के दो बायो-सीएनजी संयंत्रों की रखी जाएगी आधारशिला
प्रधानमंत्री थराद और राधनपुर में बनास डेयरी के दो बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला रखेंगे। इन संयंत्रों की क्षमता प्रतिदिन क्रमशः 75 मीट्रिक टन और 100 मीट्रिक टन पशु गोबर के प्रसंस्करण की होगी। इन परियोजनाओं से पशु अपशिष्ट का बेहतर उपयोग, स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण अनुकूल विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अहमदाबाद मेट्रो और सड़क नेटवर्क का होगा विस्तार
गुजरात में शहरी परिवहन और सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री अहमदाबाद मेट्रो के दो विस्तार खंडों की आधारशिला रखेंगे। मेट्रो फेज-2ए: हवाई अड्डे तक कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए छह किलोमीटर से अधिक लंबा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसमें कोटेश्वर रोड से हवाई अड्डे तक पांच स्टेशन प्रस्तावित हैं।
मेट्रो फेज-2बी: गिफ्ट सिटी क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए 3.3 किलोमीटर से अधिक लंबा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसमें गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक तीन स्टेशन शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री करीब 2,600 करोड़ रुपये की लागत से अहमदाबाद-मेहसाणा सड़क (राज्य राजमार्ग-41) को चार लेन से आठ लेन में उन्नत और मजबूत करने की परियोजना की आधारशिला रखेंगे।
इस परियोजना से अहमदाबाद और उत्तरी गुजरात के बीच आवागमन अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्रीय व्यापार, औद्योगिक गतिविधियों और परिवहन व्यवस्था को भी लाभ मिल सकता है।
बाल विकास और आंगनवाड़ी सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री गुजरात में 4,030 नए बाल-अनुकूल आंगनवाड़ी केंद्रों की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही 361 पूर्ण हो चुके बाल-अनुकूल आंगनवाड़ी केंद्रों का उद्घाटन भी किया जाएगा। करीब 800 करोड़ रुपये के निवेश वाली इस पहल से चार लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रारंभिक बाल विकास को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा।
कृषि अवसंरचना की 521 परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित
प्रधानमंत्री कृषि अवसंरचना कोष (एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड) के अंतर्गत पूरी की गई 521 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब 4,950 करोड़ रुपये बताई गई है। इनमें कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, गोदाम, साइलो, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, एकीकृत प्राथमिक एवं माध्यमिक प्रसंस्करण सुविधाएं तथा प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र शामिल हैं।
इन सुविधाओं से कृषि उत्पादों के भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे किसानों को फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और कृषि उत्पादों के बेहतर प्रबंधन में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री सानदर में आलू प्रसंस्करण संयंत्र के विस्तार का उद्घाटन करेंगे। पालनपुर में अल्ट्रा-हाई-टेम्परेचर (यूएचटी) उत्पादों के लिए स्वचालित भंडारण एवं पुनर्प्राप्ति प्रणाली भी शुरू की जाएगी।
किसानों को मिलेंगे करीब 19,000 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत देशभर के पात्र किसानों को लगभग 19,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह योजना किसानों को कृषि संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्रदान करती है। प्रधानमंत्री 12 स्वीकृत बागवानी क्लस्टरों में जमीनी गतिविधियों की शुरुआत भी करेंगे। लगभग 1.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इन क्लस्टरों से 1.3 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। उत्तरी गुजरात के दो क्लस्टरों में आलू उत्पादन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
रेल कनेक्टिविटी को मजबूती, दो ट्रेन सेवाओं को दिखाएंगे हरी झंडी
प्रधानमंत्री गुजरात में रेल संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से दो ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन सेवा शामिल हैं। इन सेवाओं से यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने और विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।
एकता नगर में भारत पर्व 2026 का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री
30 अक्टूबर को प्रधानमंत्री गुजरात के एकता नगर में भारत पर्व 2026 का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता को समर्पित इस महोत्सव की परिकल्पना ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से की गई है।
इस दौरान विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं, लोक कलाओं, क्षेत्रीय व्यंजनों, हस्तशिल्प और पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। आयोजन से एकता नगर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, भारत पर्व 15 नवंबर 2026 तक जारी रहेगा।
एकता प्रकाश पर्व में दिखेगी भारत की सांस्कृतिक विविधता
प्रधानमंत्री 30 अक्टूबर की शाम एकता प्रकाश पर्व उत्सव में शामिल होंगे। इसके बाद वे रात करीब 8:15 बजे नर्मदा आरती में भाग लेंगे। एकता प्रकाश पर्व भारत की एकता, विविधता, सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को रोशनी के माध्यम से प्रदर्शित करने वाला आयोजन है। इसका उद्देश्य एकता नगर में रात्रिकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करना भी है।
इस उत्सव के दो प्रमुख आकर्षण होंगे। 530 मीटर लंबी फ्लावर ऑफ वैली रोड: ‘प्राचीन भारत से आधुनिक भारत तक’ की थीम पर आधारित यह रोशनी प्रदर्शन भारत की सभ्यता, राष्ट्रीय पहचान, महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा बलों, प्रौद्योगिकी, योग और बच्चों की कल्पनाशील दुनिया को प्रदर्शित करेगा। 180 मीटर लंबी ग्लो टनल: ‘भारत की विविधता में एकता’ विषय पर आधारित यह टनल देश के चार क्षेत्रों की संस्कृति, वास्तुकला, लोक नृत्यों, हस्तशिल्प और जीवनशैली की झलक प्रस्तुत करेगी।
आयोजन में 1.5 करोड़ से अधिक एलईडी लाइटों का उपयोग किया गया है। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों के कलाकारों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियां और रोशनी से सजे दृश्य शामिल होंगे।
एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं
प्रधानमंत्री 31 अक्टूबर को एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य एकता नगर में नागरिक सुविधाओं, पर्यटन अवसंरचना और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना है।
उद्घाटन की जाने वाली प्रमुख परियोजनाओं में सीवेज एवं जल उपचार संयंत्र, भवनों के अग्रभाग की रोशनी, नर्मदा घाट का उन्नयन, आईआरसीटीसी होटल और एकता नगर में वर्षावन, एकता तथा इको ट्रेल से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री गोरा-भंडारा सड़क विकास सहित कई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।
इनमें एकीकृत शून्य-अपशिष्ट स्मार्ट ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना, खलवानी इको-टूरिज्म विकास तथा कैक्टस एवं बटरफ्लाई गार्डन के एकीकृत विकास से संबंधित योजनाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री इस दौरान एकता नगर में वर्षावन और वामन वृक्ष वाटिका का दौरा भी करेंगे।
सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 अक्टूबर को सुबह करीब 9 बजे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद सुबह करीब 9:15 बजे विकास परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होंगे। शाम करीब 5:30 बजे वे सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेंगे।
राष्ट्रीय एकता दिवस भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय संप्रभुता के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है। सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। इसी योगदान के सम्मान में उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
एकता परेड में सुरक्षा बलों की उपलब्धियों पर विशेष जोर
इस वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह की एकता परेड में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ), राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के अनुशासन, पेशेवर दक्षता, साहस और समर्पण का प्रदर्शन किया जाएगा। परेड में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की उपलब्धियों तथा पहले उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में हुए बदलावों को विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सुरक्षा बलों के योगदान और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन बहाल करने के प्रयासों को सामने लाना है।
नक्सल मुक्त भारत पर विशेष नाट्य प्रस्तुति
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का एक प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) की ओर से प्रस्तुत किया जाने वाला नक्सल मुक्त भारत विषयक विशेष नाट्य कार्यक्रम होगा। इस प्रस्तुति में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहे 126 जिलों के लगभग 2,000 कलाकारों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से इन क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों की चुनौतियों, उनके संघर्ष और शांति, सुरक्षा तथा विकास की दिशा में उनकी यात्रा को दर्शाया जाएगा।
‘वंदे मातरम’ होगा समारोह का व्यापक विषय
इस वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम’ को व्यापक विषय के रूप में शामिल किया गया है। समारोह की झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और सामूहिक एकजुटता का संदेश दिया जाएगा। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां उनकी सांस्कृतिक समृद्धि, जन आकांक्षाओं और विकास यात्रा को प्रदर्शित करेंगी। इसके अतिरिक्त, देशभर से आए लगभग 5,000 कलाकारों की भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति भारत की शास्त्रीय और लोक परंपराओं, संगीत, नृत्य तथा कलात्मक विरासत की विविधता को सामने लाएगी।
विकास, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता पर रहेगा जोर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दो दिवसीय गुजरात दौरा विकास परियोजनाओं, किसान कल्याण, पशुपालन, कृषि अवसंरचना, परिवहन सुविधाओं और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा। जहां बनासकांठा में डेयरी उद्योग, कृषि और कनेक्टिविटी से संबंधित परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, वहीं एकता नगर में सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और पर्यावरण अनुकूल विकास की योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह देश की एकता, अखंडता और विविधता में एकता के संदेश को प्रमुखता से सामने लाएगा।







