नई दिल्ली। सोना और चांदी के बाजार में पिछले कुछ समय से लगातार हलचल देखने को मिल रहा है. कुछ समय पहले तक चांदी की कीमतें तेजी से ऊपर जा रही थीं और निवेशकों को इससे अच्छी कमाई की उम्मीद थी. लेकिन अब बाजार का रुख बदल गया है, अब इसकी कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है.
हालात ऐसे हो गए हैं कि एक किलो चांदी और 10 ग्राम सोने की कीमत के बीच का अंतर काफी तेजी से कम हो रहा है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाले समय में एक किलो चांदी की कीमत 10 ग्राम सोने के बराबर पहुंच सकती है?
सोने और चांदी की कीमतों में कितना अंतर?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार को चांदी का वायदा भाव 10,500 रुपये गिरकर 1,78,900 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया. वहीं, सोने का वायदा भाव 4,347 रुपये टूटकर 1,38,419 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. इस तरह दोनों की कीमतों के बीच करीब 40,500 रुपये का अंतर बचा है.
यानी मौजूदा सोने की कीमत के बराबर पहुंचने के लिए चांदी को अभी करीब 22.6% और सस्ता होना होगा. हालांकि, यह तभी मुमकिन होगा जब सोने की कीमत स्थिर रहे.
अपने रिकॉर्ड स्तर से कितनी नीचे आई चांदी?
जनवरी 2026 में MCX पर चांदी की कीमत 4,20,048 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी. लेकिन शुक्रवार के भाव के हिसाब से यह अपने उच्चतम स्तर से करीब 57% नीचे आ चुकी है. दूसरी तरफ, सोना भी जनवरी में बने 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड भाव से करीब 23% गिर चुका है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है. शुक्रवार को स्पॉट सिल्वर करीब 6% टूटकर 49 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जबकि सोना करीब 3,875 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था.
आखिर चांदी की कीमतों क्यों आई गिरावट?
चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई वजहें बताई जा रही है. अमेरिकी शेयर बाजार में टेक कंपनियों के शेयरों में बिकवाली, महंगे कच्चे तेल और अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका से सोने-चांदी पर दबाव पड़ा है. चांदी को ज्यादा नुकसान इसलिए भी हुआ क्योंकि इसकी मांग का बड़ा हिस्सा औद्योगिक इस्तेमाल से आता है. ऐसे में आर्थिक विकास धीमा होने की आशंका बढ़ने पर इसकी कीमत ज्यादा प्रभावित होती है.







