Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home दिल्ली

सेक्स के लिए कैदी मांग रहा था पैरोल, जानिए हाई कोर्ट ने क्या कहा

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 11, 2024
in दिल्ली, राज्य
A A
arrest
11
SHARES
357
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: लिव-इन पार्टनर के साथ सेक्स को लेकर एक कैदी ने पैरोल के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। हालांकि, उसे सफलता नहीं मिली। हाईकोर्ट ने उसे पैरोल देने से इनकार कर दिया। आरोपी शख्स ने कोर्ट में अपनी लिव-इन पार्टनर को पत्नी के रूप में पेश करने की कोशिश की। उसने इस फैक्ट को छिपाया कि उसकी पहले से भी एक पत्नी है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि भारतीय कानून किसी कैदी को पत्नी से ‘वैवाहिक संबंध’ बनाए रखने के आधार पर पैरोल देने की अनुमति नहीं देता तो लिव-इन पार्टनर की बात ही छोड़िए। कैदी ने कोर्ट में यह नहीं बताया था कि वह अपनी पहली पत्नी से कानूनी रूप से अलग नहीं हुआ है, जिससे उसे तीन बच्चे हैं।

हाईकोर्ट ने मामले में क्या कहा

इन्हें भी पढ़े

getting rewards for giving garbage

प्लास्टिक बोतल दो, इनाम लो! कचरा देने पर मिल रहा रिवॉर्ड, जानिए क्या है ये अनोखी पहल?

April 3, 2026
raghav chadha

राघव चड्ढा की कुर्सी क्यों छीन ली? इन वजहों की शुरू हुई चर्चा

April 2, 2026
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय

BHU में जाति पूछकर सपा नेता ने ब्राह्मण छात्र को थप्पड़ मारा, केस दर्ज

April 2, 2026
aawas yojana

जिन्हें तकनीकी वजहों से PM आवास नहीं मिला, वे इस योजना से पूरा कर रहे घर का सपना

April 1, 2026
Load More

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि भारतीय कानून और जेल नियम, वैवाहिक संबंध बनाए रखने के आधार पर किसी कैदी को पैरोल की अनुमति नहीं देते। खासकर लिव-इन पार्टनर के साथ संबंध बनाए रखने के आधार पर तो बिल्कुल भी नहीं। अदालत ने कहा कि कोई व्यक्ति जो किसी मामले में दोषी है वो अपने साथ रहने वाली लिव इन पार्टनर से बच्चे पाने का मौलिक अधिकार का दावा नहीं कर सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने उस कैदी को पैरोल देने से इनकार कर दिया।

‘लिव-इन पार्टनर के साथ वैवाहिक संबंधों के लिए पैरोल देने इनकार’

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे इस व्यक्ति को अपनी लिव-इन पार्टनर के साथ शादी करने और सामाजिक संबंध बनाए रखने के लिए पैरोल देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि कानून वैवाहिक संबंध बनाए रखने के आधार पर पैरोल देने की अनुमति नहीं देते हैं, वह भी लिव-इन पार्टनर के साथ तो बिल्कुल नहीं। दूसरे शब्दों में, अगर कोई दोषी है और उसकी कानूनी रूप से विवाहित पत्नी पहले से जीवित है और उनके तीन बच्चे हैं, तो वह जरूरी नियमों के मापदंडों के भीतर अपने लिव-इन-पार्टनर से बच्चा पैदा करने का मौलिक अधिकार होने का दावा नहीं कर सकता है।

कैदी के पहले से हैं पत्नी और तीन बच्चे

अदालत ने कहा कि दोषी का लिव-इन पार्टनर, जिसे ‘पत्नी’ या ‘जीवनसाथी’ के रूप में कानूनी मान्यता नहीं प्राप्त है, दिल्ली जेल नियमों के तहत ‘परिवार’ की परिभाषा के दायरे में नहीं आता। हालांकि, ये नियम परिवार के सदस्य की बीमारी में पैरोल के लिए आवेदन पर विचार करने को आधार के तौर मान्यता देते हैं। हालांकि, इन ‘परिवार के सदस्य’ में याचिकाकर्ता का लिव-इन पार्टनर शामिल नहीं होगा। इस केस में अंतरिम आवेदन के अनुसार वो बीमार है और उसे इलाज की आवश्यकता है।

कोर्ट ने बताया क्यों नहीं दी जा सकती पैरोल

कोर्ट ने कहा कि अगर इस तरह के आधार पर पैरोल दी जाती है, तो इससे ऐसी याचिकाओं की बाढ़ आ जाएगी। इसे आधार बनाकर कई दोषी पैरोल की मांग कर सकते हैं कि उनके पास अपने कानूनी रूप से विवाहित साथी के अलावा एक लिव-इन पार्टनर है। इस याचिका में महिला का उल्लेख उसकी पत्नी के रूप में किया गया था और कैदी ने यह भी नहीं बताया था कि उसने अपनी पहली पत्नी से तलाक नहीं लिया था। उसके साथ शख्स के तीन बच्चे भी हैं।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

झण्डेवाला देवी मन्दिर में हुआ भगवान शंकर का रूद्राभिषेक, भक्तों की उमड़ी भीड़

August 19, 2024
aiims delhi

दिल्ली एम्स में एमआरआई के लिए वर्ष 2026 तक की मिल रही वेटिंग

November 21, 2023

21 अप्रैल को पीआरएसआई P.R.S.I. मनाएगी राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस

April 17, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • आम आदमी की जिंदगी आसान करेगा जन विश्वास बिल!
  • अभिषेक शर्मा पर हो गया बड़ा एक्शन, आईपीएल ने क्यों ठोका बड़ा जुर्माना
  • विदेशी हो जाएगा ये देसी बैंक! RBI ने दी मंजूरी

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.