Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

देश का वो राज्य जो हमेशा रहता है ‘विपक्ष मुक्त’

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
March 19, 2024
in राज्य
A A
neta cartun
12
SHARES
416
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। केंद्र की राजनीति में बहुत ज्यादा दखल नहीं, विवादों से दूर, कई चुनाव आए और गए लेकिन उन्हें हराने वाला अब तक कोई आया ही नहीं…ये परिचय एक ऐसे नेता का है जिसके सामने विपक्ष टिकता ही नहीं. जिस नेता की हम बात कर रहे हैं वो हैं नवीन पटनायक. वह बीजू जनता दल के प्रमुख हैं और एक ऐसे प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं जो हमेशा विपक्ष मुक्त रहता है. नवीन पटनायक 2000 से ओडिशा की सत्ता में हैं. उन्हें राजनीति विरासत में मिली. पिता बीजू पटनायक भी ओडिशा के मुख्यमंत्री थे. उनके निधन के बाद ही नवीन पटनायक ने बीजेडी का गठन किया और वह पार्टी के पहले अध्यक्ष भी हैं.

नवीन पटनायक साल 2000 से सत्ता में है और अभी भी ओडिशा के सबसे लोकप्रिय नेता हैं. ये प्रदेश नवीन पटनायक का किला है. यहां पर कांग्रेस ना के बराबर है. बीजेडी को अपने इस किले में सिर्फ और सिर्फ बीजेपी से ही चुनौती मिलती आई है. लेकिन दोनों के बीच 36 का आंकड़ा नहीं रहा है. 2009 तक दोनों का गठबंधन था और अब फिर इन दोनों दलों में साथ चुनाव लड़ने की बात चल रही है.

इन्हें भी पढ़े

Mann Ki Baat

पीएम मोदी ने किया उत्तराखंड की हेंवल नदी का जिक्र, ग्रामीणों के प्रयासों को सराहा

October 25, 2026
cm dhami

उत्तराखंड: चार दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को पांच-पांच लाख की सहायता की संस्तुति, चार को मिलेगी पेंशन

October 25, 2026
PM Modi

काशी : समर्थकों को देख पीएम मोदी ने रुकवाई कार, हाथ हिलाकर किया अभिवादन

October 25, 2026
Deputy CM Samrat Chaudhary

बिहार: सम्राट चौधरी ने बेगूसराय को बताया बिहार की इंडस्ट्रियल कैपिटल

October 25, 2026
Load More

‘पटनायक सीएम, मोदी पीएम’
सत्ता में रहते हुए नवीन पटनायक को 20 साल से ज्यादा हो गए, लेकिन आज भी उनकी लोकप्रियता कायम है. ओडिशा के लोग मानते हैं वे पटनायक को मुख्यमंत्री तो चाहते हैं लेकिन मोदी को प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं. ओडिशा की सत्ता में आने से पहले नवीन पटनायक केंद में थे. 1997 से 2000 तक वह लोकसभा सांसद रहे. 1998 से 2000 तक वो केंद्रीय मंत्री रहे.

2000 के विधानसभा चुनाव में बीजेडी ने ओडिशा विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साथ गठबंधन में अधिकांश सीटें जीतीं. नवीन पटनायक ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया और ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए 2004 में आम चुनाव हार गया, हालांकि, नवीन पटनायक राज्य विधानसभा चुनावों में विजयी हुए और वह मुख्यमंत्री बने रहे.

2009 में बीजेपी से हुए अलग
2009 में लोकसभा और ओडिशा विधानसभा चुनावों से पहले बीजेडी ने बीजेपी से नाता तोड़कर एनडीए से बाहर निकल लिया और मुख्य रूप से वाम मोर्चा और कुछ क्षेत्रीय दलों द्वारा गठित तीसरे मोर्चे में शामिल हो गया. बीजेडी ने 2009 में विधानसभा और लोकसभा चुनाव दोनों में शानदार जीत हासिल की. वो 21 में से 14 लोकसभा सीटें जीतीं और 147 विधानसभा सीटों में से 103 सीटें जीतीं और 21 मई 2009 को लगातार तीसरी बार ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली.

2014 के चुनाव में भी राज्य में नवीन पटनायक का जलवा कायम रहा. उनकी पार्टी ने आम चुनाव और विधानसभा चुनाव में भारी जीत हासिल की. ​​बीजू जनता दल ने ओडिशा की 21 लोकसभा सीटों में से 20 और 147 ओडिशा विधानसभा सीटों में से 117 सीटें हासिल कीं.

चुनाव बीतते गए और नवीन पटनायक मजबूत होते गए. 2019 में देश भर में बीजेपी की प्रचंड लहर के बाद भी नवीन पटनायक के नेतृत्व में बीजू जनता दल ने ओडिशा विधानसभा की 146 में से 112 सीटें (1 पर चुनाव स्थगित कर दिया गया) और 21 लोकसभा सीटों में से 12 सीटें जीतीं.

लोकसभा चुनाव में पार्टियों का प्रदर्शन
2004 के लोकसभा चुनाव में बीजेडी 11, बीजेपी 7 और कांग्रेस 2 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं जेएमएम के खाते में एक सीट गई थी. इस साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजेडी ने 61, कांग्रेस ने 38 और बीजेपी ने 32 सीटों पर जीत हासिल की थी.

इसके बाद 2009 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 27, बीजेपी 6 और बीजेडी 103 सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं, लोकसभा चुनाव में बीजेडी 14, कांग्रेस 6 सीटों पर जीत हासिल की थी. 2014 के चुनाव में बीजेडी 20 और बीजेपी 1 सीट पर जीत दर्ज की थी. विधानसभा चुनाव में बीजेडी 117, कांग्रेस 16 और बीजेपी ने 10 सीटों पर हासिल की थी. 2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेडी 112, बीजेपी 23 और कांग्रेस 9 सीटों पर जीत दर्ज की थी. वहीं, लोकसभा चुनाव में बीजेडी 12 और बीजेपी 8 सीटें हासिल की थी. कांग्रेस के खाते में सिर्फ एक सीट गई थी

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

सॉफ्ट हिंदुइज्म कार्ड से हार्ड हिंदुत्व को चुनौती

June 13, 2023
murder

पहाड़ी गिरने से एक ही परिवार के चार की मौत

October 22, 2022
TERI Summit pm modi

नए राज्यपालों की नियुक्ति की तैयारी

January 28, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • पीएम मोदी ने किया उत्तराखंड की हेंवल नदी का जिक्र, ग्रामीणों के प्रयासों को सराहा
  • उत्तराखंड: चार दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को पांच-पांच लाख की सहायता की संस्तुति, चार को मिलेगी पेंशन
  • करवा चौथ पर हमेशा देर से क्यों निकलता है चांद?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.