नई दिल्ली: इजरायल और फिलिस्तीन के बीच युद्ध चल रहा है गाजा में घुसने के लिए इजरायल की सेना तैयार है। इस दौरान एक नया वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बताया गया है कि कैसे 7 अक्टूबर को किब्बुत्ज़ में हमास के आतंकियों ने नरसंहार किया। इस दौरान उन्होंने एक एम्बुलेंस पर भी गोलीबारी की। इस दौरान घर-घर घुस कर नागरिकों पर गोलीबारी की गई। हाल की बात करें तो हमास आतंकियों से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं, जिनमें कई अत्याधुनिक है।
कोलकाता में जमीयत के प्रदर्शन ने पुन: यह दिखा दिया कि ये संगठन ना भारत के हैं और ना मुस्लिमों के। ये तो सिर्फ़ अमानवीय अत्याचारी जिहादी आतंकियों के लिए ही बने हैं…
जमीयत उलेमा ए हिंद को अब अपने नाम से 'हिंद' शब्द हटा कर 'जिहादी' रख लेना चाहिए!!— विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal) October 15, 2023
इन सबके बीच भारत के इस्लामी संगठन भी फिलिस्तीन के समर्थन में उतर रहे हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिन्द (AM समूह) ने गाजा पर आतंकियों के हमले की निंदा की है। संगठन ने कहा कि तुरंत ही इस संघर्ष को खत्म करने की माँग की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक ही इस मुद्दे का हल निकाला जा सकता है। भारत ने भी खुल कर कहा है कि हमास ने इजरायल पर आतंकी हमला किया है। जमीयत ने अपनी कार्यसमिति की बैठक ‘न्यायप्रिय अंतरराष्ट्रीय संस्थानों’ से अपील की है कि इसमें हस्तक्षेप किया जाए।
जमीयत के अध्यक्ष और और ‘मुस्लिम वर्ल्ड लीग’ के संस्थापक सदस्य मौलाना अरशद मदनी ने कहा है कि जमीयत हमेशा से फिलिस्तीन के ‘संघर्ष’ का समर्थन रहा है। उन्होंने इजरायल को कब्ज़ा करने वाला देश बताते हुए कहा कि कुछ ताकतों की मदद से फिलिस्तीन की भूमि पर उसने कब्ज़ा कर रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि फिलिस्तीनी नागरिकों का अस्तित्व इजरायल समाप्त करना चाहता है। मदनी ने इजरायल की सेना को आक्रामक, बर्बर और अत्याचारी करार दिया।
बता दें कि कोलकाता में जमीयत ने फिलिस्तीन के समर्थन में मार्च भी निकाला, जिसकी VHP ने निंदा की। उधर मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि अगर संघर्ष रोका नहीं गया तो युद्ध का दायरा बढ़ सकता है और पूरी दुनिया इसकी चपेट में आ सकती है। उन्होंने फिलिस्तीन की जनता को इजरायल के नाजायज कब्जे और क्रूरता का शिकार बता दिया। उन्होंने फिलिस्तीन की जनता को ‘मातृभूमि के साथ संघर्ष करने वाला’ बताया और कहा कि इजरायल उन पर कहर बरपा रहा है।







