नई दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रपुर में बारावफात जुलूस के दौरान त्रिशूल चौक के पास भड़काऊ भाषण देने वाले आरोपी मौलाना मुफ्ती मुजीब अहमद पर सख्ती कार्रवाई होने के संकेत दिए हैं। सीएम ने कहा है कि मौलवी ने उत्तराखंड में अराजकता फैलाने की कोशिश की है। सीएम ने कहा है कि मौलवी के खिलाफ राष्ट्रद्रोह जैसी धारा लगे इसके लिए बातचीत की जा रही है।
सीएम धामी ने कहा ‘मौलवी ने जो भाषा का इस्तेमाल किया है और पुराने इतिहास की बात कही है। उन्होंने लोगों के बीच में अराजकता, दंगा फैलाने और फसात करने की कोशिश की है। उनके खिलाफ और भी जो सख्त धाराएं हो सकती हैं, राष्ट्रद्रोह जैसी धाराएं जो इसमें बनती हैं उसपर भी बातचीत हो रही है। देखा जा रहा है कि कानून के तहत और कितनी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।’
सीएम बोले- अवैध मदरसों पर कार्रवाई जारी रहेगी
अवैध मदरसों पर कार्रवाई को लेकर धामी ने कहा है कि जो मदरसे राज्य के शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त नहीं हैं, उन्हें बंद कर दिया जाएगा। सीएम ने कहा ‘मैंने पहले भी कहा है और अब फिर से कहा रहा हूं कि जो भी मदरसे हमारे राज्य के शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम है उससे मान्यता प्राप्त नहीं करेंगे उनको बंद कर दिया जाएगा। और ऐसे मदरसों को यहां पर परमिशन नहीं दी जाएगी। और अवैध अतिक्रमण भी जो हमारा हटाने का अभियान है जिसमें 13 हजार एकड़ जमीन अभीतक खाली हो चुकी और अवैध कब्जों से मुक्त हो चुकी है। हमारा यह अभियान जारी रहेगा। प्रशासन कानून के अनुसार काम करेगा।’
‘धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी’
सीएम ने इससे पहले शनिवार कहा था कि ‘हमारी सरकार तुष्टिकरण की राजनीति में विश्वास नहीं करती, इसलिए कट्टरपंथी सोच से ग्रसित होकर लोगों को धमकी देने वालों के विरुद्ध भी कानून के दायरे में कठोर कार्रवाई की जाएगी। देवभूमि में कानून का राज सर्वोपरि है और इसे चुनौती देने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी।’
मौलवी ने आखिर ऐसा क्या कह डाला?
आपको बता दें कि मौलवी ने धामी सरकार को खुली धमकी दी थी। आरोपी मौलवी ने कथित तौर पर कहा था कि अगर मुसलमान जवाब देने पर आए तो भागने का भी मौका नहीं मिलेगा।
जानकारी के अनुसार विगत 26 अगस्त को बारावफात पर्व के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया। वीडियो में रुद्रपुर के त्रिशूल चौक के पास बारावफात जुलूस के दौरान खुले वाहन में बैठे मौलाना मुफ्ती मुजीब अहमद द्वारा कथित रूप से भड़काऊ और उकसाऊ भाषण दिए जाने की बात सामने आई। मौलाना ने कहा था कि मदरसों के बारे में ज्यादा फैसला टीक नहीं। वहां बच्चों को ऐसी तालीम दी जाती है कि उन्हें किसी पर जुल्म या ज्यादती नहीं करनी चाहिए, चोरी नहीं करनी चाहिए। अगर इन मदरसों को बंद किया गया तो देखना हम क्या हालत करते हैं? उसने आगे कहा था कि हम अभी चुप हैं तो इसका यह मतलब नहीं कि हमेशा चुप रहेंगे। जब हमारा वक्त आएगा तो तुम्हें भागने की जगह नहीं मिलेगी। गौरतलब है कि लाइव हिन्दुस्तान इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
किन धाराओं के तहत मामला?
आपको बता दें कि आरोपी मौलाना के खिलाफ पुलिस ने प्रारंभ में धारा 196(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया लेकिन विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152(2) के तहत धारा भी बढ़ाई गई। गिरफ्तार मौलाना ऊधम सिंह नगर के खेड़ा मदरसा का प्रधानाचार्य बताया जा रहा है और आरोपी मूल रूप से उप्र के रामपुर के थाना टांडा के पर्वतपुर का निवासी है।







