नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ इस दौरे पर शुरुआत में शानदार प्रदर्शन करते हुए शुरुआती तीन टी20 मुकाबले लगातार जीतकर पहले ही सीरीज पर अपना कब्जा जमा लिया था. लेकिन, चौथे टी20 मुकाबले में कीवी टीम ने जोरदार वापसी करते हुए भारतीय टीम को 87 रनों के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी. न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 259 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. जवाब में भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट पर 172 रन ही बना सकी और मैच हार गई. इस मुकाबले में भारतीय टीम की इस बड़ी हार के 5 मुख्य गुनहगार रहे, जिनके खराब प्रदर्शन ने जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.
भारतीय पारी की शुरुआत करने आए विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन (Sanju Samson) से टीम को एक विस्फोटक शुरुआत की उम्मीद थी. लेकिन वे दूसरी ही गेंद पर जैकब डफी का शिकार बन गए और मात्र 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. पारी की शुरुआत में ही इस तरह का झटका लगने से टीम पर दबाव आ गया.
मिडिल ऑर्डर या शीर्ष क्रम में तेजी से रन बनाने की जिम्मेदारी उठाने वाले ईशान किशन (Ishan Kishan) इस मैच में पूरी तरह बेअसर साबित हुए. उन्होंने 3 गेंदों का सामना किया लेकिन अपना खाता तक नहीं खोल पाए और जैकब डफी की गेंद पर उन्हीं को कैच थाम बैठे. उनका यह गोल्डन डक टीम के लिए बेहद भारी पड़ा.
मुकाबले में भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) से एक बड़ी और जिम्मेदार पारी की उम्मीद थी. उन्होंने शुरुआत में कुछ अच्छे शॉट खेले और 11 गेंदों में 22 रन बनाए, जिसमें 4 चौके शामिल थे. हालांकि, वे अपनी इस छोटी सी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल पाए और एडम मिल्ने की गेंद पर बोल्ड होकर चलते बने.
शीर्ष क्रम के लड़खड़ाने के बाद मध्यक्रम पर रन गति संभालने का जिम्मा था, लेकिन संजू सैमसन, ईशान किशन और श्रेयस अय्यर के सस्ते में आउट होने के बाद पूरी बल्लेबाजी बिखर गई. अक्षर पटेल (7 रन) और अन्य बल्लेबाज भी क्रीज पर टिकने में नाकामयाब रहे, जिससे भारतीय पारी कभी भी मुकाबले में मजबूत स्थिति में नहीं आ पाई.
जब न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर हमला बोला, तो युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव (Mayank Yadav) भी अपनी लय तलाशते नजर आए. उन्होंने अपने 4 ओवरों के कोटे में काफी संघर्ष किया और बिना किसी नियंत्रण के 48 रन लुटा दिए, हालांकि उन्हें 3 सफलताएं मिलीं लेकिन उनका इकोनॉमी रेट 12.00 का रहा जो बेहद महंगा साबित हुआ.
गेंदबाजी के मोर्चे पर नितीश कुमार रेड्डी के लिए यह मुकाबला किसी बुरे सपने जैसा रहा. उन्होंने अपने 4 ओवरों के स्पेल में कीवी बल्लेबाजों के खिलाफ बेतहाशा रन लुटाए. नितीश ने 4 ओवरों में कुल 64 रन खर्च किए और उन्हें केवल 1 विकेट मिला, जिससे उनका इकोनॉमी रेट 16.00 का पहुंच गया और विपक्षी टीम बड़ा स्कोर बनाने में सफल रही.
युवा गेंदबाज प्रिंस यादव भी कीवी बल्लेबाजों के सामने बेबस नजर आए. उन्होंने अपने 4 ओवरों के कोटे में कुल 49 रन खर्च किए और सिर्फ 1 सफलता हासिल की. उनका इकोनॉमी रेट 12.20 का रहा, जिससे न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने का पूरा मौका मिल गया और स्कोर 250 के पार पहुंच गया.
स्पिन गेंदबाजी विभाग में अक्षर पटेल से कसी हुई गेंदबाजी की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने भी 3 ओवरों में 43 रन लुटा दिए और सिर्फ 1 विकेट लिया. उनका इकोनॉमी रेट 14.30 का रहा. इसके अलावा नमन धीर ने भी 1 ओवर में 16 रन खर्च कर दिए, जिससे पूरी गेंदबाजी इकाई बिखर गई.
260 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड टीम के खिलाफ भारतीय गेंदबाजों ने अतिरिक्त रन के रूप में भी कई रन दिए. वाइड और नो-बॉल जैसी गलतियों ने कीवी बल्लेबाजों के काम को और आसान कर दिया. दबाव के क्षणों में गेंदबाज अपनी रणनीति पर टिके रहने में असफल रहे.
260 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करते हुए मानसिक दबाव साफ तौर पर भारतीय बल्लेबाजों पर हावी दिखा. हालांकि तिलक वर्मा (35 रन), नमन धीर (28 रन) और अभिषेक शर्मा (27 रन) ने कुछ संघर्षपूर्ण प्रयास जरूर किए, लेकिन शुरुआती झटकों और गेंदबाजों के बेहद खराब प्रदर्शन की भरपाई करने के लिए यह नाकाफी साबित हुआ और भारत को 87 रनों से करारी हार झेलनी पड़ी.







