Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

उत्तराखंड में खतरनाक साबित हो सकती है ये झीलें, जानिए क्या होगा

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 29, 2024
in राज्य
A A
14
SHARES
477
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

देहरादून: जून 2013 केदारनाथ के ऊपर चौराबाड़ी ग्लेशियर में बनी झील के टूटने से जो तबाही बरपी, उसे आज भी कोई भूल नहीं सकता है। 2021 में चमोली में ग्लेश्यिर टूटने से धौली गंगा में आई बाढ़ से 200 से अधिक लोगो की जान चली गई।

ऐसे में उत्तराखंड में इस तरह की दोबारा कोई घटना न हो इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। इस बीच एक खबर ने आपदा प्रबंधन विभाग की नींद उड़ा दी है। उत्तराखंड में उच्च हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर में 13 झील चिन्हित की गई हैं।

इन्हें भी पढ़े

teacher

बिहार में सरकारी शिक्षकों की होगी गुप्त मॉनिटरिंग, सीधे शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी रिपोर्ट

August 16, 2026
divyastra mk3

भारत की रक्षा क्षेत्र में बड़ी छलांग, स्वदेशी जेट पावर्ड ‘दिव्यास्त्र Mk3’ ने भरी पहली सफल उड़ान

August 16, 2026
गन्ने की खेती

गन्ना किसानों की बल्ले-बल्ले, सरकार देगी 5000 रुपये प्रति एकड़ सब्सिडी

August 16, 2026
vimal elaichi ad

विमल इलायची के Ad के लिए कितने रुपए चार्ज करते हैं शाहरुख और अजय देवगन?

August 16, 2026
Load More

वैज्ञानिकों के अनुसार इनमें से 4,351 से 4,868 मीटर की ऊंचाई पर ग्लेश्यिर मोरेन में बनी पांच बड़ी झीलें बेहद खतरनाक हैं, जो टूटी तो निचले क्षेत्रों में तबाही बरपा सकती हैं।

उत्तराखंड में वैज्ञानिकों ने गंगा से लेकर धौलीगंगा और पिथौरागढ़ की दारमा वैली तक उच्च हिमालयी क्षेत्र में ग्लेश्यिर मोरेन में बनी 13 झीलें चिन्हित की हैं। इन 13 झीलों में से भी पांच झीलों को हाई रिस्क कैटागरी में रखा गया है, जो काफी बडे़ आकार की हैं जिनमें एक चमोली और चार पिथौरागढ़ में हैं।

ग्लेशियर में लेक फ़ार्मेशन ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। आपदा प्रबंधन विभाग दो जुलाई को सबसे पहले वसुधारा ताल के वैज्ञानिक परीक्षण के लिए वैज्ञानिकों की एक टीम भेजने जा रहा है।

SDRF जवान ने रचा कीर्तिमान,नार्थ अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट देनाली को किया फतह,बताया आगे क्या है लक्ष्यSDRF जवान ने रचा कीर्तिमान,नार्थ अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट देनाली को किया फतह,बताया आगे क्या है लक्ष्य

उत्तराखंड के सचिव आपदा प्रबंधन रंजीत सिंह का कहना है कि इस टीम में जएसआई, आईआईआरएस, एनआईएच के साइंटिस्ट शामिल होंगे।

टीम के साथ आईटीबीपी और एनडीआरएफ के जवान भी रहेंगे। टीम वसुधारा ताल पहुंचकर लेक का वैज्ञानिक अध्ययन करेगी। वहां जरूरी उपकरण लगाने की भी योजना है। अगर जरूरी हुआ तो झील को पंचर भी किया जा सकता है।

डॉ.सिन्हा ने बताया कि इन झीलों को वैज्ञानिक तरीके से पंचर किया जाएगा, ताकि आपदा का खतरा न हो। लगातार पिघल रहे ग्लेशियरों की वजह से इन झीलों का जल स्तर बढ़ रहा है। सैटेलाइट और स्थानीय स्तर पर इनकी निगरानी की जा रही है।

धामी सरकार का धाकड़ फैसला, पीसीएस की परीक्षा से नौकरी में कुशल खिलाड़ियों के चार प्रतिशत आरक्षण की शुरुआत धामी सरकार का धाकड़ फैसला, पीसीएस की परीक्षा से नौकरी में कुशल खिलाड़ियों के चार प्रतिशत आरक्षण की शुरुआत

आपदा प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, पांचों झीलों के अध्ययन व न्यूनीकरण के लिए सी-डैक पुणे के नेतृत्व में टीम जाएगी, जिनमें वाडिया इंस्टीट्यूट, जीएसआई लखनऊ, एनआईएच रुड़की, आईआईआरएस देहरादून समेत विभिन्न एजेंसियों के विशेष शामिल होंगे।

ऐसे किया जाएगा पंचर

झीलों की निगरानी के लिए मौके पर उपकरण स्थापित किए जाएंगे। सैटेलाइट से भी उन्हें लिंक किया जाएगा। इसके अलावा न्यूनीकरण के लिए ग्लेशियर झीलों की परिस्थितियों को देखते हुए, वहां पर डिस्चार्ज क्लिप पाइप्स डाले जाएंगे, जिससे झीलें पंचर होंगी। तकनीकी टीम अपने अध्ययन में ये भी देखेगी कि इन झीलों की दीवारें कितनी मजबूत व गहरी हैं।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
CSIR-IHBT

CSIR-IHBT में हुआ 82वें सीएसआईआर स्थापना दिवस समारोह का आयोजन

November 7, 2023
स्वच्छ भारत अभियान

हम सबने ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है!

June 23, 2026

तेल का खेल है

July 3, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • जनगणना की आज से शुरुआत, आधार से बैकिंग तक पूछे जाएंगे 40 सवाल
  • UGC NET की गड़बड़ियों पर NTA सख्त, पेपर से प्रिंटिंग तक होगी समीक्षा
  • बीजेपी की नई टीम में स्मृति IN, अमित मालवीय OUT, एक मंत्री हुए शामिल

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.