प्रकाश मेहरा
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और चढ़ावे की चोरी के मामलों में दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ज़मीन खरीद, निर्माण कार्यों में कथित कमीशनखोरी और चढ़ावे की चोरी जैसे मामलों में उपलब्ध दस्तावेज़ों और आरोपों के बावजूद न तो निष्पक्ष जांच हो रही है और न ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि “राम मंदिर से जुड़े ज़मीन खरीद मामलों में बड़े स्तर पर अनियमितताओं के आरोप लंबे समय से सामने आते रहे हैं। उनका दावा था कि इन मामलों से जुड़े दस्तावेज़ सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं, लेकिन अब तक किसी प्रकार की एफआईआर दर्ज नहीं की गई और न ही किसी जिम्मेदार व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।”
उन्होंने निर्माण कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए। केजरीवाल के अनुसार, परियोजना में कार्य कर चुके कुछ इंजीनियरों ने सार्वजनिक रूप से यह आरोप लगाया है कि निर्माण कार्यों में 40 प्रतिशत तक कमीशन मांगा जाता था। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद संबंधित एजेंसियों ने कोई जांच शुरू नहीं की है।
बड़े लोगों को बचाने की कोशिश
आप प्रमुख ने मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की कथित चोरी का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि सीसीटीवी कैमरों में कई घटनाएं सामने आने के बावजूद मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई केवल कुछ छोटे कर्मचारियों तक सीमित रखी गई, जबकि कथित रूप से जिम्मेदार बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
केजरीवाल ने कहा कि यदि सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो जनता को अपनी आवाज़ बुलंद करनी होगी। इसी उद्देश्य से आम आदमी पार्टी रविवार सुबह 11:30 बजे दिल्ली के रोहिणी में सुंदरकांड पाठ के बाद देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू करेगी।
उन्होंने बताया कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम लिखी गई एक चिट्ठी के समर्थन में चलाया जाएगा। इस पत्र में राम मंदिर से जुड़े कथित ज़मीन घोटालों, निर्माण कार्यों में कथित 40 प्रतिशत कमीशन और चढ़ावे की कथित चोरी के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
केजरीवाल ने कहा कि “पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों के हस्ताक्षर जुटाएंगे। अभियान पूरा होने के बाद हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा जाएगा।”
सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं
इस विषय पर केंद्र सरकार या राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस रिपोर्ट लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यदि संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त होती है तो उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।







