Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विश्व

पुतिन-ट्रंप की ‘महामुलाकात’ से निकली ये तीन अच्छी और तीन बुरी बातें

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
August 16, 2025
in विश्व
A A
trump-putin
26
SHARES
858
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात खत्म तो हो गई है, मगर कई बिंदुओं पर चर्चाओं का भी दौर जारी है. ये मुलाकात दस साल बाद पुतिन की अमेरिका यात्रा के कारण और भी ऐतिहासिक मानी जा रही थी. हालांकि उम्मीदें जितनी बड़ी थीं, नतीजे उतने ही निराशाजनक साबित हुए.

लगभग तीन घंटे की बातचीत के बाद भी यूक्रेन युद्ध पर कोई ठोस समझौता सामने नहीं आ सका. ऊपर से प्रेस कॉन्फ्रेंस भी दोनों नेताओं ने 12 मिनट में निपटा दिया बगैर मीडिया के सवालों के जवाब दिए. ट्रंप-पुतिन वार्ता ने ये साफ कर दिया कि संवाद जरूरी है, लेकिन कठिन. कुल मिलाकर यह मुलाकात उम्मीदें जगाने के साथ-साथ नई चिंताएं भी छोड़ गई है. आइए इसे विस्तार से समझते हैं.

इन्हें भी पढ़े

india-us trade deal

भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर तेज हुई वार्ता!

June 22, 2026
India-Russia

चीन की दादागिरी खत्म करने का मास्टरप्लान, रूस संग ये डील है गेमचेंजर!

June 21, 2026
trump

खत्म हो चुका है ईरान, एक पैसा भी नहीं मिलेगा…तेहरान के साथ डील पर ट्रंप का बड़ा बयान

June 19, 2026
donald trump

G7 के मंच से ट्रंप की दो टूक चेतावनी, ईरान के साथ डील फेल हुई तो फिर बरसाएंगे बम

June 17, 2026
Load More

सकारात्मक
पहला: पुतिन का वैश्विक मंच पर लौटना
अलास्का की इस बैठक का सबसे बड़ा हाईलाइट यही रहा कि व्लादिमीर पुतिन एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर धाक जमाते नजर आए. फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिमी देशों ने रूस को पूरी तरह अलग-थलग कर दिया था, कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे. लेकिन अब वापसी हुई तो सीधे दुनिया के सबसे ताकतवर शख़्स अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ. ट्रंप ने न सिर्फ रेड कार्पेट बिछाकर बल्कि तालियों और मुस्कुराहटों से पुतिन का स्वागत किया. इस शानदार स्वागत ने पुतिन को वो मोमेंट दे दिया जिसकी उन्हें लंबे समय से तलाश थी.

दूसरा: ट्रंप फिर से पुतिन के लिए करेंगे बैटिंग
ट्रंप ने पुतिन का स्वागत करते हुए संकेत दिया कि वे उनके लिए राजनयिक बैटिंग करने को तैयार हैं. अमेरिका के पारंपरिक सहयोगी यूरोपीय देशों के बीच यह संदेश गया कि ट्रंप की प्राथमिकता रूस को बातचीत की मेज पर बनाए रखना है, भले ही इसके लिए पश्चिमी एकजुटता पर दबाव क्यों न पड़े.

तीसरा: भारत की भूमिका और ट्रम्प का दांव
इस बैठक के राजनीतिक और कूटनीतिक संकेत भारत के लिए भी अहम हैं, क्योंकि बातचीत से पहले ट्रंप ने भारत के रूस से तेल आयात को निशाना बनाते हुए बयान दिया था. एक रेडियो इंटरव्यू में ट्रम्प ने दावा किया कि भारत पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ ही वह कारण हैं, जिनकी वजह से पुतिन वार्ता को तैयार हुए. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह दबाव भारत के जरिए रूस को संदेश देने की ट्रंप की रणनीति का हिस्सा है. चूंकि मीटिंग में कुछ ठोस नहीं निकला है तो इस स्थिति में अमेरिका भारत को फिर से टारगेट नहीं कर सकता.

नकारात्मक
पहला: तीन साल से जारी जंग खत्म नहीं होगी
नकारात्मक पक्षों की बात करें तो सबसे पहली चिंता यही है कि बातचीत के बावजूद युद्ध जारी रहेगा. किसी भी समझौते पर न पहुंच पाने से जमीनी हालात जस के तस बने रहेंगे और आम लोगों की पीड़ा बढ़ती जाएगी. रूसी राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन के साथ युद्ध अपनी शर्तों पर खत्म करना चाहते हैं. यही एक वजह भी रही होगी कि अलास्का की मीटिंग से युद्ध को खत्म करने की दिशा में कोई सहमति नहीं बन पाई.

दूसरा: यूरोप और अमेरिका पर भरोसे की कमी
दूसरी बड़ी चिंता यह है कि यूरोप और अमेरिका के सहयोगी देशों का भरोसा कम होगा. अगर अमेरिका रूस को लेकर नरमी दिखाता है, तो यूरोपीय राष्ट्रों को लग सकता है कि उनके सुरक्षा हितों को दरकिनार किया जा रहा है. इस मीटिंग से पहले भी यूरोप में यूक्रेन के सहयोगी देशों ने जोर देकर कहा था कि रूस के साथ किसी भी तरह की शांति वार्ता में यूक्रेन को शामिल किया जाना चाहिए.

तीसरा:अमेरिका के लिए संतुलन साधने की चुनौती
तीसरी अहम चुनौती अमेरिका के लिए रूस और यूरोप के बीच संतुलन साधने की है. एक ओर ट्रंप पुतिन के साथ संबंध सुधारना चाहते हैं, दूसरी ओर उन्हें नाटो देशों की अपेक्षाओं को भी नजरअंदाज नहीं करना है. यह संतुलन साधना अमेरिका की विदेश नीति के लिए मुश्किल राह बन सकता है.

 

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
bjp-aap

सीएम केजरीवाल के ‘लक्ष्मी-गणेश’ पर बीजेपी का काउंटर प्लान, किया ये बड़ा ऐलान?

October 29, 2022
india economy

भारतीय आर्थिक दर्शन के अनुरूप हो इस वर्ष का बजट

July 7, 2024
pm modi

9 साल 9 फैसले, जानें कैसे मजबूत हुए प्रधानमंत्री!

May 26, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • निर्जला एकादशी का व्रत कैसे करें? जानें व्रत के नियम    
  • दिल्ली को बाढ़ से बचाने के लिए रेखा सरकार ने कसी कमर, ऐसा है पूरा प्लान
  • कानपुर मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क: 8 लाख की झूठी लूट से खुला 3200 करोड़ के काले धन का राज

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.