नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा की फिल्म ‘इक्कीस’ के साथ साल की शुरुआत हुई। अब अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडीज अभिनीत फिल्म वेलकम टू जंगल की रिलीज के साथ छमाही महीना खत्म हो रहा है। इस वक्त में हिंदी सिनेमा में बॉक्स ऑफिस पर सबसे बड़ी सफलता रणवीर सिंह, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल अभिनीत धुरंधर : द रिवेंज (Dhurandhar: The Revenge) ने दी है।
ये हैं 2026 की टॉप 5 फिल्में
फिल्म ने दुनियाभर में ऑफिस ऑफिस पर 1813.11 करोड़ रुपये की कमाई की। वहीं सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी अभिनीत मल्टी स्टारर फिल्म बार्डर 2 (Border ने 464.5 करोड़ रुपये की कमाई की। इस सूची में तीसरे नंबर पर 287.89 करोड़ रुपये की कमाई के साथ भूत बंगला रही।
छमाही में हिंदी फिल्मों के कारोबार को लेकर ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श कहते हैं कि मैं यह नहीं कहूंगा कि यह साल बहुत अच्छा रहा। कुछ फिल्में चली कुछ नाकामयाब रही। अगर आप देखें तो सफल फिल्मों का अनुपात काफी कम है। धुरंधर 2 , बार्डर 2, मर्दानी 3, भूत बंगला जैसी फिल्में हिट हो गई, लेकिन इनकी संख्या सीमित है। फिल्में कम रिलीज हुई, आई भी तो इस तरह की नहीं थी कि दर्शकों को इकट्ठा करने में कामयाब हो पाए।
- 1 धुरंधर: द रिवेंज: ₹1,813.11 करोड़
- 2 बार्डर 2: ₹464.50 करोड़
- 3 भूत बंगला: ₹287.26 करोड़
- 4 राजा शिवाजी: ₹114 करोड़
- 5 ओ’रोमियो: ₹95.60 करोड़
हॉलीवुड फिल्मों ने किया अच्छा कारोबार
ऐसा कंटेंट नहीं आ रहा जो दर्शकों को आकर्षित करें। इन दिनों दर्शकों को आकर्षित करने के लिए एक पर एक मुफत, मंगलवार को टिकट पर डिस्कांउट जैसे ऑफर भी दिए जाते हैं, लेकिन कंटेंट अगर अच्छा नहीं होगा तो दर्शक नहीं आएगा। इस साल हॉलीवुड की फिल्म आब्सेशन, हेल मैरी, माइकल ने भारत में अच्छी कमाई की।
‘स्टार सिस्टम’ का ऐसा रहा हाल
इस छमाही में आमिर खान (Aamir Khan) स्टारर फिल्म नहीं आई लेकिन उनके प्रोडक्शन तले बनी हैप्पी पटेल : खतरनाक जासूस और एक दिन बॉक्स ऑफिस पर धड़ाम साबित हुई। ‘एक दिन’ फिल्म में आमिर के बेटे जुनैद खान और साई पल्लवी प्रमुख भूमिका में थे। वहीं सलमान खान फिल्म राजा शिवाजी में कैमियो में दिखे।
काफी समय से बाक्स आफिस पर सूखे की मार झले रहे अक्षय कुमार की भूत बंगला कमाई के मामले में तीसरे नंबर पर रही। जबकि वेलकम टू जंगल गत शुक्रवार को रिलीज हुई है। वहीं विशाल भारद्वाज निर्देशित और शाहिद कपूर अभिनीत ओ रोमियो कमाई के मामले में पांचवें नंबर पर रही। शाहिद, कृति सैनन और की काकटेल 2 भी सोमवार तक 95.60 रुपये कमा ले गई।
सितारों की फिल्मों के दबदबे को लेकर ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन कहते हैं कि स्टार सिस्टम तो हमेशा से था। कुछ फिल्में चली लेकिन कंटेंट की तारीफ देखा जाए तो ‘धुरंधर’ के दोनों पार्ट की हुई है। बाकी कंटेंट के आधार पर ‘है जवानी तो इश्क होना है’ या ‘कॉकटेल 2’ उनके कंटेंट की तारीफ नहीं हुई। फिल्ममेकर्स कंटेंट पर इतना काम नहीं कर रहे जिस पर इस समय सबसे ज्यादा काम करने की जरूरत है।
फ्रेंचाइजी फिल्मों की रही बहार
इस छमाही फ्रेंचाइजी फिल्मों का दबदबा भी साफ तौर पर देखने को मिला। बार्डर 2, मर्दानी 3, वध 2, द केरल स्टोरी 2, गिन्नी वेड्स सनी 2, काकटेल 2 और पति पत्नी और वो दो जैसी फिल्मों के जरिए निर्माताओं ने स्थापित ब्रांड और लोकप्रिय कहानियों को आगे बढ़ाने की स्ट्रैटजी अपनाई। फ्रेंचाइज फिल्मों की ओर बढ़ते रुझान को लेकर अतुल कहते हैं कि सीक्वल या फ्रेंचाइज फिल्मों से ब्राडिंग मिल जाती है। पुरानी फिल्मों की याद ताजा हो जाती है। मार्केटिंग टूल के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हें, लेकिन अगर कंटेंट अच्छा नहीं होगा तो समस्या वहीं आएगी।
इकोज आफ द पास्ट 20.41 करोड़ रुपये कमा चुकी है। बार्डर 2, मर्दानी 3 को छोड़ दें तो फिल्मों के पार्ट 2 इस साल भी खास कमाल नहीं दिखा पाए है जबकि मूल फिल्म का बिजनेस काफी ज्यादा था।
पैन इंडिया का जादू भी नहीं चला
हालांकि पिछले कुछ अर्से से पैन-इंडिया सिनेमा को फिल्म कारोबार का सबसे बड़ा मंत्र माना जा रहा था, उसका आकर्षण अब कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। बड़े बजट और सितारों से सजी द राजा साहब, पैट्रीयाट, पेड्डी, दृश्यम 3 समेत कई पैन-इंडिया फिल्में दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रहीं। तरण आदर्श कहते हैं कि पेड्डी, दृश्यम 3 साउथ में हिट हो गई, लेकिन हिंदी में नहीं चली। पैन इंडिया बबल जो था वो बस्ट हो गया है। वैसा कंटेंट नहीं आ रहा है। अगस्त में रिलीज होने वाली यश अभिनीत फिल्म टॉक्सिक से उम्मीदें है। इसके अलावा रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) की रामायणम् पर भी निगाहें हैं।
क्या कहती है रिपोर्ट?
आरमेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी से मई 2026 तक भारतीय बॉक्स ऑफिस पर हिंदी सिनेमा ने 43 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अपना वर्चस्व कायम रखा। इसके बाद तेलुगु सिनेमा की 17 प्रतिशत और तमिल सिनेमा की 13 प्रतिशत भागीदारी रही। वहीं मलायालम सिनेमा की चार प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा की आठ प्रतिशत भागीदारी रही।
दर्शकों को चाहिए अच्छा कंटेंट
तमिल फिल्म करुप्पु ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 229 करोड़, मलयालम फिल्म वाझा 2 ने 141 करोड़, दृश्यम 3 ने 133 करोड़ रुपये कमाए। फिल्म निर्माता आनंद पंडित कहते हैं कि मैं यह समझता हूं कि हिंदी सिनेमा को इंस्पायर फिल्म इंडस्ट्री से उभर के ओरिजिनल फिल्म इंडस्ट्री होना जरूरी है। क्षेत्रीय सिनेमा में साउथ, गुजरात, केरलम, पंजाब में फिल्में चल रही हैं। मेरी छोटी बजट में बनी फिल्म हांटेड 3डी : इकोज आफ द पास्ट अच्छा बिजनेस कर रही है।
यह बताता है कि दर्शक फिल्में देखने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें अच्छा कंटेंट चाहिए। एक समय सौ करोड़, फिर पांच सौ करोड़ क्लब की चर्चा होती थी, लेकिन अब धुरंधर की रिकार्डतोड़ कमाई ने एक हजार करोड़ रुपये के क्लब को भी पीछे छोड़ते हुए बॉक्स ऑफिस के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं।
आनंद कहते हैं कि मेरे ख्याल से ए-लिस्टर एक्टर्स के ऊपर प्रेशर बढ़ा है। यह प्रेशर बढ़ा है तो अच्छी बात है क्योंकि वो ज्यादा हासिल करने का सोच सकेंगे। अगर प्रेशर नहीं होगा फिनिश लाइन का तो आप भागेंगे नहीं। मुझे लगता है कि अच्छा ही है। मैं तो चाहूंगा ये साल में कोई 2000 करोड़ की फिल्म भी आए।







