नई दिल्ली। TRAI ने मोबाइल यूजर्स के लिए रिचार्ज से जुड़ा एक अहम फैसला लिया है। Telecom Regulatory Authority of India ने टेलीकॉम कंपनियों को कम अवधि वाले Voice और SMS रिचार्ज प्लान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसका फायदा खास तौर पर उन ग्राहकों को हो सकता है जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं है और वे मुख्य रूप से कॉलिंग और SMS के लिए मोबाइल कनेक्शन इस्तेमाल करते हैं।
TRAI के नए नियम Telecom Consumer Protection (Thirteenth Amendment) Regulations, 2026 के तहत आए हैं। इसके मुताबिक टेलीकॉम कंपनियों को Voice, SMS और Data के लिए 30 दिन या उससे कम वैलिडिटी वाले Special Tariff Vouchers यानी STVs उपलब्ध कराने होंगे। इसका मतलब है कि ग्राहकों को लंबी वैलिडिटी वाले रिचार्ज के बजाय अपनी जरूरत के हिसाब से छोटी अवधि का विकल्प भी मिलेगा।
क्या कहते हैं नए TRAI नियम?
नए नियमों में हर टेलीकॉम कंपनी को कम से कम एक ऐसा STV भी देना होगा, जिसे हर महीने उसी तारीख को दोबारा रिन्यू किया जा सके। अगर किसी महीने में वह तारीख मौजूद नहीं है, तो रिन्यूअल महीने की आखिरी तारीख पर किया जाएगा। इसके अलावा कंपनियों को कम से कम एक ऐसा STV भी उपलब्ध कराना होगा जिसकी वैलिडिटी इस मासिक रिन्यू होने वाले प्लान से ज्यादा हो। बाकी STVs की वैलिडिटी 30 दिन या उससे कम रखी जाएगी।
इन ग्राहकों को मिलेगा फायदा
TRAI के मुताबिक, मौजूदा समय में Voice और SMS पर ज्यादा निर्भर रहने वाले ग्राहकों के लिए कम अवधि वाले विकल्प सीमित हैं। खासकर कम आय वाले यूजर्स के लिए लंबे समय की वैलिडिटी वाला रिचार्ज एक साथ करना मुश्किल हो सकता है। वहीं, कई ऐसे ग्राहक भी हैं जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं होती, लेकिन उन्हें ऐसे प्लान चुनने पड़ते हैं जिनमें डेटा भी शामिल होता है। नए नियमों का उद्देश्य ऐसे ग्राहकों को ज्यादा विकल्प देना है।
बता दें, यह बदलाव TRAI की पहले शुरू की गई कंसल्टेशन प्रक्रिया के बाद आया है। रेगुलेटर ने 7 अप्रैल 2026 को ड्राफ्ट नियम जारी किए थे। इस पर स्टेकहोल्डर्स से 1,132 प्रतिक्रियाएं मिलीं और 15 जून 2026 को Open House Discussion भी आयोजित किया गया। इसके बाद मिले सुझावों और TRAI के एनालिसिस के आधार पर अंतिम नियम तैयार किए गए।
ध्यान देने वाली बात यह है कि Voice और SMS-only रिचार्ज पहले से मौजूद हैं। TRAI की वेबसाइट के अनुसार ऐसे प्लान उन ग्राहकों के लिए हैं जिन्हें इंटरनेट डेटा की जरूरत नहीं होती और वे मोबाइल का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉल और मैसेज के लिए करते हैं। नए नियमों से इन प्लान में छोटी वैलिडिटी के विकल्प बढ़ने की उम्मीद है।







