Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

उपराष्ट्रपति नायडू ने मैकाले की शिक्षा पद्धति को खारिज करने की अपील की, बोले- भगवा में गलत क्या?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
March 19, 2022
in राष्ट्रीय
A A
Vice President Naidu
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली l उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने शनिवार को कहा कि सरकार पर शिक्षा का भगवाकरण करने का आरोप लगाया जाता है, लेकिन ‘‘भगवा में गलत क्या है।” उन्होंने देश से मैकाले शिक्षा प्रणाली को पूरी तरह से खारिज करने का आह्वान किया। उपराष्ट्रपति ने हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय में दक्षिण एशियाई शांति और सुलह संस्थान का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि भारतीयों को ‘औपनिवेशिक मानसिकता’ त्याग देनी चाहिए और अपनी भारतीय पहचान पर गर्व करना सीखना चाहिए।

नायडू ने कहा कि शिक्षा प्रणाली का भारतीयकरण भारत की नई शिक्षा नीति का केंद्र है, जो मातृ भाषाओं को बढ़ावा देने पर बहुत जोर देती है। उन्होंने पूछा, ‘‘हम पर शिक्षा का भगवाकरण करने का आरोप है, लेकिन भगवा में गलत क्या है।” स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में मैकाले की शिक्षा प्रणाली को खारिज करने का आह्वान करते हुए नायडू ने कहा कि इसने देश में शिक्षा के माध्यम के रूप में एक विदेशी भाषा थोप दी और शिक्षा को अभिजात वर्ग तक सीमित कर दिया।

इन्हें भी पढ़े

crpf lady commando

40 साल पहले शुरू हुई थी कहानी…आज CRPF की ‘लेडी कमांडो’ देश के हर मोर्चे पर तैनात

September 22, 2026
ethanol fuel

E20 पेट्रोल से किसी गाड़ी में शिकायत नहीं, अगले महीने आएगी 100% इथेनॉल वाली कार

September 22, 2026
india export

भारत को डराया नहीं जा सकता, यह नया भारत है!

September 22, 2026
el niño

भारत पर मंडरा रहा गंभीर खतरा! 180 से ज्यादा वैज्ञानिकों की चेतावनी- कुछ तो बड़ा होने वाला है

September 20, 2026
Load More

नायडू ने कहा, ‘‘सदियों के औपनिवेशिक शासन ने हमें खुद को एक निम्न जाति के रूप में देखना सिखाया और हमें अपनी संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान का तिरस्कार करना सिखाया गया। उन्होंने कहा कि इसने एक राष्ट्र के रूप में हमारे विकास को धीमा कर दिया, क्योंकि शिक्षा के माध्यम के रूप में एक विदेशी भाषा को लागू करने से शिक्षा सीमित हो गई।” उन्होने कहा कि समाज का एक छोटा वर्ग शिक्षा के अधिकार से एक बड़ी आबादी को वंचित कर रहा है।

उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमें अपनी विरासत, अपनी संस्कृति और अपने पूर्वजों पर गर्व महसूस करना चाहिए। हमें अपने बच्चों को अपनी भारतीय पहचान पर गर्व करना सिखाना चाहिए और अपने शास्त्रों को जानने के लिए संस्कृत सीखनी चाहिए, जो ज्ञान का खजाना है।” युवाओं को अपनी मातृभाषा का प्रचार करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैं उस दिन की प्रतीक्षा कर रहा हूं जब सभी गजट अधिसूचनाएं संबंधित राज्य की मातृभाषा में जारी की जाएंगी। आपकी मातृभाषा आपकी दृष्टि की तरह है, जबकि एक विदेशी भाषा का आपका ज्ञान, आपके चश्मे की तरह।”

नायडू ने कहा कि ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का हमारे प्राचीन ग्रंथों में जो निहित दर्शन है, वही आज भी भारत की विदेश नीति के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि भारत के लगभग सभी दक्षिण एशियाई देशों के साथ मजबूत संबंध रहे हैं जिनकी जड़ें समान हैं। उन्होंने कहा कि सिंधु घाटी सभ्यता अफगानिस्तान से गंगा के मैदानों तक फैली हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी देश पर पहले हमला न करने की हमारी नीति का पूरी दुनिया में सम्मान किया जाता है। यह सम्राट अशोक जैसे महान योद्धाओं का देश है, जिन्होंने हिंसा पर अहिंसा और शांति को चुना।

उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘एक समय था जब दुनियाभर से लोग नालंदा और तक्षशिला के प्राचीन भारतीय विश्वविद्यालयों में पढ़ने के लिए आते थे, लेकिन अपनी समृद्धि के चरम पर भी भारत ने कभी किसी देश पर हमला करने के बारे में नहीं सोचा, क्योंकि हम दृढ़ता से मानते हैं कि दुनिया को शांति की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को प्रकृति के करीबी संपर्क में रहना भी सिखाया जाना चाहिए, क्योंकि प्रकृति एक अच्छी शिक्षक है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
CM Dhami

ऋषि-मुनियों और संस्कृत की भूमि रही उत्तराखण्ड में युवाओं को दिए जाएंगे 16 संस्कारों के प्रशिक्षण : CM धामी

April 25, 2025
CM Dhami

सीएम धामी ने शिशु सदन केदारपुरम के बच्चों से की भेंट

April 17, 2023
Alien UFO Report

अंतरिक्ष से आने वाले Aliens को लेकर बड़ा खुलासा, दुनिया रह गई हैरान

December 18, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • ED का बड़ा ऐक्शन, जालंधर से दिल्ली तक ताबड़तोड़ पढ़े छापे
  • भारत पर ऐक्शन से पहले सोच लेना’, रूस से तेल खरीदारी पर US को किसने दिखाया आईना
  • दिल्ली के इस 160 साल पुरानी इमारत का होगा कायाकल्प, दिखेगा विरासत और संस्कृति का मेल

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.