नई दिल्ली। शारदीय नवरात्रि का आगाज 11 अक्टूबर, रविवार से होने जा रहा है। इन 9 दिनों में माता के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। साथ ही, मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्त श्रद्धा और विधिपूर्वक नवरात्रि का व्रत करते हैं। इसी बीच अगर आप दिल्ली में माता दुर्गा के दर्शन करने जाने की योजना बना रहे हैं, तो इन 10 प्रसिद्ध मंदिरों में जा सकते हैं। कालकाजी, गुफा वाला मंदिर सहित 10 माता रानी के मंदिर दिल्ली के प्रसिद्ध मंदिरों में शामिल हैं। जहां भक्त दूर-दूर से बड़ी संख्या में देवी के दर्शन करने पहुंचते हैं। आइए विस्तार से जानें दिल्ली में मौजूद माता के 10 प्रमुख मंदिरों के बारे में।
कालकाजी मंदिर
दिल्ली का कालकाजी मंदिर देशभर में काफी प्रसिद्ध है। इसे सिद्धपीठों में से एक माना जाता है और नवरात्रि के दौरान भक्त या लंबी संख्या में माता के दर्शन करने पहुंचते हैं। मान्यता है की इसी स्थान पर माता दुर्गा महाकाली रूप में प्रकट हुई थीं और उन्होंने असुरों का संहार किया था। मुख्य मंदिर में 12 द्वार हैं जो 12 महीनों का संकेत देते हैं। कालकाजी मंदिर में 300 साल पुराना ऐतिहासिक हवन कुंड भी मौजूद है।
छतरपुर मंदिर
दिल्ली के छत्तरपुर मेट्रो स्टेशन के पास मौजूद छत्तरपुर मंदिर दुर्गा मां के छठे रूप कात्यायनी माता को समर्पित है। कहते हैं कि कात्यायनी मां के श्रृंगार के लिए यहां रोजाना दक्षिण भारत से खास रंगों के फूलों की माला आती है। यह दिल्ली के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है जो दिखने में बहुत खूबसूरत है। ऐसे में नवरात्रि के दौरान आप छत्तरपुर मंदिर के दर्शन करने भी जा सकते हैं।
झंडेवालान माता मंदिर
करोल बाग क्षेत्र में स्थित झंडेवालान माता मंदिर अत्यंत प्रसिद्ध और प्राचीन है। यहां अष्टकोणीय आकार में माता की मूर्ति मौजूद है। नवरात्रि के दौरान इस मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है। यहां एक गुफा में माता के मूल प्रतिमा के दर्शन किए जाते हैं। कहते हैं कि जब इस जगह की खुदाई की गई तो नीचे माता की मूर्ति मिली थी, जो नीचे गुफा में मौजूद है।
गुफा वाला मंदिर, प्रीत विहार
दिल्ली के प्रीत विहार में मौजूद गुफा मंदिर माता वैष्णो देवी को समर्पित है। यहां एक बड़ी और एक छोटी गुफा भी है। इसमें देवी कात्यायनी, ज्वाला देवी और चिंतपूर्णीजी मूर्तियां मौजूद है। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन करने पहुंचते हैं। अगर आप दिल्ली या आसपास कहीं रहते हैं, तो गुफा वाले मंदिर के दर्शन करने जा सकते हैं।
योगमाया मंदिर
कुतुब मीनार से कुछ दूरी पर मौजूद महरौली में योगमाया मंदिर स्थित है। कहा जाता है कि यह कई हजार साल पुराना मंदिर है। इसे लेकर कथा है कि योगमाया श्रीकृष्ण की बहन थी। इन्हीं को यमुना नदी पार करके लाया गया था और देवकी के बगल में श्रीकृष्ण के स्थान पर रखा था। कंस ने इनका भी अंत करना चाहा लेकिन योगमाया देवी निकलकर आकाश में चली गईं। फिर, उन्होंने अपने वास्तविक रूप में आकर कंस के अंत की भविष्यवाणी की थी।
नई दिल्ली कालीबाड़ी मंदिर
यह दिल्ली के प्राचीन मंदिरों में से एक है, जो मंदिर मार्ग के पास स्थित है। यह माता काली को समर्पित है, जहां भक्त दूर-दूर से माता के दर्शन करने आते हैं। वहीं, विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में दिखाई देते हैं। कालीबाड़ी मंदिर में माता काली बहुत सुंदर मूर्ति मौजूद है। नवरात्रि में यहां पर कई कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
नीलम माता वैष्णो मंदिर
दिल्ली के मयूर विहार फेस-2 में स्थित नीलम माता वैष्णो मंदिर बहुत ही खूबसूरत है। मंदिर के बेसमेंट में गुफा भी है, जो वैष्णो देवी गुफा का अनुभव कराती है। विशेष अवसरों पर भक्त यहां माता के दर्शन और पूजा करने पहुंचते हैं। अगर आप मयूर विहार के पास या दिल्ली में रहते हैं, तो नवरात्रि के दौरान माता के इस मंदिर के दर्शन करने भी जा सकते हैं।
श्री वैष्णो देवी मंदिर
गुलाबी बाग में स्थित श्री वैष्णो देवी मंदिर दिल्ली के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यहां मां काली के साथ देवी दुर्गा के सभी नौ स्वरूपों के दर्शन करने भक्त बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। नवदुर्गा धाम मंदिर के पहली मंजिल पर स्थित है। यही कारण है कि इसे श्री वैष्णो मंदिर कहा जाता है। यहां नवरात्रि के दौरान विशेष रौनक देखने को मिलती है।
कालीबाड़ी मंदिर, द्वारका
यह मंदिर दिल्ली के द्वारका सेक्टर-21 में स्थित है। यहां शाम की आरती बहुत प्रसिद्ध है, जिसमें शामिल होने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर दिखने में बहुत ही खूबसूरत है। मंदिर में प्रथम तल पर माता काली की प्रतिमा स्थापित है। दुर्गा पूजा के दौरान यहां कई प्रकार के कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता है।
संतोषी माता मंदिर
दिल्ली के हरि नगर में संतोषी माता मंदिर स्थित है। मंदिर के गर्भग्रह में मां सरस्वती, माता वैष्णो और मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित है। नवरात्रि में आप तीन माताओं के एक ही स्थान पर दर्शन करने के लिए संतोषी माता मंदिर जा सकते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां भक्त देवी के दर्शन करने पहुंचते हैं।







