नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कफ सिरप से हुई 24 मासूम बच्चों की मौत मामले में बड़ी खबर सामने आई है. कफ सिरप कोल्ड्रिफ से मासूम बच्चों की मौतों के सनसनीखेज मामले में SIT ने एक और बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी (Dr. Praveen Soni) की पत्नी और अपना मेडिकल स्टोर की प्रोपराइटर ज्योति सोनी को गिरफ्तार किया है.
लंबे समय से फरार चल रही थीं ज्योति सोनी
गिरफ्तारी के बाद ज्योति सोनी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आगे की कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं. दरअसल, डॉक्टर प्रवीण सोनी की गिरफ्तारी के बाद से ही उनकी पत्नी ज्योति सोनी फरार चल रही थीं. SIT द्वारा लगातार दबिश के बाद आखिरकार उन्हें हिरासत में ले लिया गया और अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अपना मेडिकल स्टोर से गायब कफ सिरप की 66 बोतलें कहां हैं.
जहरीली सिरप की बिक्री और सबूत मिटाने के गंभीर आरोप
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ज्योति सोनी पर मेडिकल स्टोर से जहरीली सिरप की बिक्री और सबूत मिटाने के गंभीर आरोप हैं. जांच रिपोर्ट में पाया गया कि सिरप की 74 बोतलों में से 66 बोतलें ‘अपना मेडिकल स्टोर’ और क्लीनिक से गायब थीं. SIT को शक है कि साक्ष्य छिपाने के लिए यह पूरा स्टॉक जानबूझकर हटाया गया. अब SIT यह जांच कर रही है कि ये जहरीली सिरप आखिर कहां गईं और इनकी सप्लाई चेन में और कौन-कौन शामिल था.
कफ सिरप से मौत मामले में अब तक 7वीं गिरफ्तारी
कोल्ड्रिफ कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के मामले में अब तक ये सातवीं गिरफ्तारी है. पुलिस ने अब अपना मेडिकल स्टोर की प्रोपराइटर ज्योति सोनी को पकड़ा है. इससे पहले पुलिस ने जहरीली सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स (तमिलनाडु) के मालिक रंगनाथन गोविंदन, कंपनी की महिला कर्मचारी महेशवरी, कोल्ड्रिफ सिरप लिखने वाले डॉ. प्रवीण सोनी, न्यू अपना फार्मा एजेंसी के संचालक राजेश सोनी, अपना फार्मा के केमिस्ट सौरभ जैन, कंपनी के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) सतीश वर्मा को गिरफ्तार किया था.
89 रुपए के कफ सिरप में 54 रुपए कमीशन
इससे पहले कोल्ड्रिफ कफ सिरप को बेचने के पीछे कमीशनखोरी का बड़ा खुलासा हुआ था और पुलिस ने जांच में पता लगाया था कि 89 रुपए की कफ सिरप में से करीब 54 रुपए तक कमीशन अलग-अलग लोगों में बांटा जाता था. यह रकम मेडिकल रिप्रजेंटेटिव से लेकर डॉक्टर, रिटेलर और स्टॉकिस्ट तक पहुंचती थी.
पुलिस ने श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी के मेडिकल रिप्रजेंटेटिव (MR) सतीश वर्मा को गिरफ्तार किया और जांच में सामने आया कि सतीश वर्मा को सिरप की बिक्री पर 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था. इसके अलावा, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को 10 प्रतिशत, मेडिकल स्टोर की मालकिन और रिटेलर ज्योति सोनी को 20 प्रतिशत और स्टॉकिस्ट राजेश सोनी को 10 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था. यानी 89 रुपए की दवा में से सीधे 54 रुपए कमीशन में चले जाते थे.







