नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं भारत में दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है, और यह गुजरात के एक छोटे-से शहर में स्थित है। खास बात है कि फैक्ट्री और औद्योगिक इकाई के तौर पर भी यह रिफाइनरी भारत की सबसे बड़ी इंडस्ट्रियल यूनिट है। इस ऑयल रिफाइनरी पर पाकिस्तान तक की बुरी नजर है।
इस रिफाइनरी का नाम है, जामनगर रिफाइनरी, जो गुजरात के छोटे-से शहर जामनगर में स्थित है और इस पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का मालिकाना हक है। रिलायंस इंडस्ट्रीज का यह सिंगल-लोकेशन रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स 7500 एकड़ से अधिक के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। आइये आपको बताते हैं दुनियाभर में प्रसिद्ध इस रिफाइनरी से जुड़ी क्षमताएं और विशेषताएं…
जामनगर रिफाइनरी की क्षमता
रिलायंस इंडस्ट्रीज की साइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जामनगर रिफ़ाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे जटिल सिंगल-साइट रिफ़ाइनरी है, जिसकी क्रूड प्रोसेसिंग क्षमता 1.4 मिलियन बैरल प्रति दिन (22.26 करोड़ लीटर) और कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 21.1 है, जो दुनिया में सबसे ज़्यादा है।
इस रिफ़ाइनरी ने दुनिया भर में उत्पादित कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के 216 से ज़्यादा अलग-अलग ग्रेड को प्रोसेस किया है, ऐसा करने वाली यह दुनिया की एकमात्र रिफ़ाइनरी है।
खास बात है कि यह रिफाइनरी, दुनिया के सबसे भारी गुणवत्ता वाले कच्चे तेल को भी उच्च गुणवत्ता वाले पेट्रोलियम उत्पादों (जैसे पेट्रोल, डीजल, एविएशन फ्यूल) में बदलने में सक्षम है।
जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स में दुनिया की कुछ सबसे बड़ी यूनिट्स हैं। इनमें फ्लूइडाइज़्ड कैटेलिटिक क्रैकर (FCC), कोकर, एल्काइलेशन, पैराज़ाइलीन, पॉलीप्रोपाइलीन, रिफाइनरी ऑफ़-गैस क्रैकर (ROGC) और पेटकोक गैसीफिकेशन प्लांट शामिल हैं।
मुकेश अंबानी की कैश जनरेटर कंपनी
RIL जामनगर रिफाइनरी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और मुकेश अंबानी की कमाई का सबसे बड़ा जरिया है। दरअसल, कंपनी का सबसे बड़ा कैश जनरेटर पेट्रोकेमिकल बिजनेस है। यह रिफाइनरी साल 1999 में शुरू हुई थी। खास बात है कि 7500 एकड़ में फैली इस विशाल रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स को रिकॉर्ड 30 महीनों में तैयार करके चालू किया गया था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के फाउंडर दिवंगत धीरूभाई अंबानी ने पेट्रोकेमिकल और रिफाइन पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के घरेलू विनिर्माण के नजरिये से जामनगर में इस रिफाइनरी की नींव रखी थी, और इसके निर्माण का पूरा जिम्मा मुकेश अंबानी को सौंपा गया था। जामनगर रिफाइनरी को बनाने में उस वक्त 3.4 बिलियन डॉलर (करीब 30,000 करोड़ रुपये) खर्च हुए थे।







