कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ रहे शशि थरूर को मीडिया में खूब समर्थन मिल रहा है। अंग्रेजी पत्रकारों के वे वैसे भी चहेते रहे हैं इसलिए पत्रकार खुल कर उनके समर्थन में रहे हैं। जिन पत्रकारों को कांग्रेस पार्टी फूटी आंख पसंद नहीं है उनको भी अचानक कांग्रेस की चिंता हो गई है और उनको लगने लगा है कि कांग्रेस को बचाने के लिए शशि थरूर का जीतना जरूरी है। कई राज्यों में, जहां थरूर गए हैं वहां उनको अच्छा खासा समर्थन भी मिला है। पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। वैसे भी कांग्रेस के चुनाव प्राधिकार की ओर से सभी प्रदेश कमेटियों को लिखा गया है कि वे अध्यक्ष पद के दोनों दावेदारों के प्रति समान बरताव करेंगे और किसी के साथ पक्षपात नहीं किया जाएगा। इस तरह कांग्रेस बड़ी शिद्दत से चुनाव को स्वतंत्र व निष्पक्ष दिखाने का प्रयास कर रही है।
पर सवाल है कि डॉक्टर शशि थरूर को कौन वोट करेगा? मीडिया के लोग चाहे उनका जितना समर्थन करें, उनके बारे में चाहे जितने लेख लिखे जाएं और हवाईअड्डों पर उनका चाहे जितना स्वागत हो, उनको वोट कौन करेगा? वोट तो कांग्रेस के नौ हजार डेलिगेट्स को करना है। उनमें से कितने लोग थरूर के साथ हैं? क्या अपने गृह राज्य केरल में कांग्रेस के डेलिगेट्स का वोट थरूर को मिलेगा? इसका संभावना नहीं के बराबर है। हर राज्य में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पार्टी आलाकमान की इच्छा का पता है। वे जानते हैं कि मल्लिकार्जुन खडग़े पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार हैं। इसलिए हर प्रदेश कमेटी को खडग़े के लिए वोट डलवाना है। इसलिए थरूर के प्रति तमाम यूफोरिया बनाने के बावजूद अंग्रेजी के पत्रकार लोग या कांग्रेस छोड़ कर गए संजय झा जैसे पूर्व प्रवक्ता थरूर के लिए वोट का जुगाड़ नहीं कर पाएंगे। अंतिम तौर पर थरूर दो-तीन सौ वोट हासिल करने की स्थिति में होंगे।
इनपुट- RNS NEWS







