नई दिल्ली: शनिवार 23 मई को एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा कर दिया गया। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आज शनिवार को पेट्रोल की कीमतों में 0.87 रुपये और डीजल की कीमतों में 0.91 रुपये का लीटर की बढ़ोतरी की है। महज 10 के अंदर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 बार इजाफा किया जा चुका है।
इस दौरान पेट्रोल और डीजल का रेट करीब 5 रुपये बढ़ गया है। इस इजाफे के बाद केंद्र सरकार का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों की वजह से यह बढ़ोतरी करनी पड़ी है। युद्ध शुरू होने के 76 दिन तक क्रूड ऑयल की बढ़ी कीमतों का दबाव सरकार ने खुद उठाया था। बता दें, केंद्र सरकार का कहना है कि हालिया बढ़ोतरी के बाद भी अन्य देशों की तुलना में भारत में पेट्रोल और डीजल का रेट उतना नहीं बढ़ा है।
हर राज्य में क्यों अलग है पेट्रोल और डीजल का दाम?
केंद्र की तरफ से कहा गया है कि अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमत अलग होने की वजह वैल्यू एडेड टैक्स है। यह VAT राज्य सरकारों की तरफ से लगाया जाता है। जिसके कारण एक राज्य से दूसरे राज्य में पेट्रोल और डीजल का रेट भी अलग-अलग रहता है।
केंद्र का कहना है कि सेंट्रल गवर्नमेंट की तरफ से लगाया गया एक्साइज ड्यूटी हर एक ही रहता है। लेकिन राज्य दर राज्य पंप पर अलग पेट्रोल और डीजल का रेट होने की वजह VAT है। सरकार का कहना है कि राज्यों की तरफ से अधिक VAT लगाया जाता है।
केंद्र सरकार का कहना है, “कुछ राज्य तेल पर 30 प्रतिशत या उससे अधिक का VAT लगाते हैं। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर सेस भी रहता है। कुछ राज्य हैं जो प्रति लीटर पेट्रोर और डीजल पर 20 प्रतिशत के करीब VAT लगाते हैं। साथ वह कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं वसूलते हैं।”
इन राज्यों में 112 रुपये के पार पहुंचा दाम
कुछ राज्यों में पेट्रोल की कीमतें 112 रुपये प्रति लीटर को क्रॉस कर गई हैं। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल में पेट्रोल का दाम 112 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गया है। आंध्र प्रदेश की तरफ से 31% VAT और 4 रुपये प्रति लीटर रोड डेवलपमेंट सेस वसूला जाता है। जिसकी वजह से इस राज्य में वैट 35 प्रतिशत के करीब पहुंच गया है। तेलांगाना में पेट्रोल का रेट 116 रुपये प्रति लीटर है।
जिन राज्यों में VAT कम है वहां पेट्रोल और डीजल का रेट भी कम है। गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, गोवा और असम में पेट्रोल का रेट 102 रुपये प्रति लीटर या उससे कम है।
सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में की है कटौती
27 मार्च 2026 को केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी को 10-10 रुपये प्रति लीटर घटा दिया था। यह कटौती सरकार ने आम आदमी को इंटरनेशनल मार्केट के दबाव से बचाने और तेल कंपनियों को राहत देने के लिए की गई थी।







