Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

देश में क्यों हो रही हैं जातिगत जनगणना की मांग?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
April 18, 2023
in राष्ट्रीय, विशेष
A A
caste census
20
SHARES
651
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। देश की राजनीति में इस समय जातिगत जनगणना (Caste Census) का मुद्दा छाया हुआ है। कांग्रेस, जदयू, राजद, एनसीपी, द्रमुक और आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार से जाति आधारित जनगणना कराने की मांग की है। कोविड-19 महामारी के कारण नियमित जनगणना में देरी होने के कारण जातिगत जनगणना की नए सिरे से मांग की जा रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी कर्नाटक रैलियों में दो दिनों में दूसरी बार जातिगत जनगणना की मांग की है। जातिगत जनगणना के समर्थक इसे समय की जरूरत बताते हैं, जबकि केंद्र की इस मामले पर अलग राय है।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
राहुल गांधी ने आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को हटाने की मांग करते हुए पीएम मोदी को 2011 की जाति आधारित जनगणना के आंकड़ों को सार्वजनिक डोमेन में जारी करने की चुनौती दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर ‘तुरंत’ जनगणना कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी।

इन्हें भी पढ़े

infrastructure india

विकसित भारत का रोडमैप तैयार! सरकार ने बनाया मास्टर प्लान

February 26, 2026
Nitin Gadkari

नितिन गडकरी ने दिल्ली में वाहनों पर लगने वाले ग्रीन टैक्स पर उठाए सवाल!

February 26, 2026
cji surya kant

NCERT किताब विवाद पर CJI सूर्यकांत: ये गहरी साजिश, जिम्मेदारी तय हो

February 26, 2026
railway

रेलवे में e-RCT सिस्टम से अब क्लेम करना होगा आसान, घर बैठे मिलेगा मुआवजा

February 26, 2026
Load More

बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक जाति आधारित जनगणना की मांग
पिछले हफ्ते तमिलनाडु की एमके स्टालिन सरकार ने भी राज्य विधानसभा में केंद्र से दशकीय जनगणना के साथ-साथ एक व्यापक जातिगत जनगणना कराने का आग्रह किया था। महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता अजीत पवार ने फरवरी में मांग की थी कि भाजपा-शिवसेना सरकार को बिहार जैसा जाति आधारित सर्वे कराना चाहिए। पिछले साल एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने भी सामाजिक समानता सुनिश्चित करने के लिए इसे एक आवश्यकता बताते हुए जाति आधारित जनगणना की मांग की थी।

भाजपा के ओबीसी कार्ड के दांव पर कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस के जातिगत जनगणना कराने की मांग भाजपा के ओबीसी कार्ड के दांव के पलटवार के तौर पर देखा जा रहा है। राहुल गांधी की मोदी सरनेम पर की गई टिप्पणी को लेकर भाजपा ने संसद के बजट सत्र में ओबीसी ट्रंप कार्ड खेला था। भाजपा ने इसे ओबीसी का अपमान बताया था और राहुल गांधी को घेरने की कोशिश की थी। राहुल पर ओबीसी और दलितों का अपमान करने का भी आरोप लगाया गया था। अब कांग्रेस के इस दांव से यह साफ है कि भाजपा के लिए ओबीसी अपमान का ट्रंप कार्ड चलना बिल्कुल आसान नहीं रहेगा।

जातिगत जनगणना क्या है?
जातिगत जनगणना का अर्थ है जनगणना की कवायद में भारत की जनसंख्या का जातिवार सारणीकरण शामिल करना। भारत ने केवल अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के – 1951 से 2011 तक – जातिगत आंकड़ों को गिना और प्रकाशित किया है। यह धर्मों, भाषाओं और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित डेटा भी प्रकाशित करता है।

क्या जातिगत जनगणना पहले किया गया था?
आखिरी बार जातिगत जनगणना 1931 में की गई थी। सभी जातिगत आंकड़ों को इसके आधार पर पेश किया जाता है। यह मंडल फार्मूले के तहत कोटा कैप का आधार बन गया। 2011 की जनगणना के लिए जाति के आंकड़े एकत्र किए गए थे, लेकिन डेटा को कभी सार्वजनिक नहीं किया गया।

अब क्यों हो रही जातिगत जनगणना की मांग?
यह वास्तव में एक पुरानी मांग है, जो इस तथ्य से उत्पन्न होती है कि उपलब्ध डेटा-सेट 90 वर्ष पुराना है, जबकि जातियों को अक्सर कई कल्याणकारी कार्यक्रमों के आधार के रूप में लिया जाता है। राजनीतिक रूप से, भाजपा कथित तौर पर 2024 के चुनाव से पहले अपने हिंदुत्व अभियान के लिए एक संभावित चुनौती के डर से जातिगत जनगणना का विरोध करती रही है।जाति आधारित पार्टियां जाति आधारित जनगणना की प्रबल हिमायती रही हैं।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
mcd election delhi

दिल्ली MCD चुनाव: क्या AAP तोड़ पाएगी BJP का 15 साल पुराना चक्रव्यूह?

November 9, 2022
neta cartun

छह जिद्दी नेता और 182 सीटे!

October 15, 2022
आचार संहिता

स्वस्थ्य लोकतंत्र के लिए ‘एक देश एक चुनाव’ है जरूरी!

February 14, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • बिना सिम के WhatsApp चलाना होगा बंद, 1 मार्च से लागू होंगे नियम
  • होलाष्टक के चौथे दिन शुक्र होंगे उग्र, क्या करने से होंगे शांत?
  • दिल्ली: मेड ने कराई ED की फर्जी रेड, आ गई ‘स्पेशल 26’ की याद

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.