पिथौरागढ़। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत बुधवार को पिथौरागढ़ पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा की। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि 2027 के विधानसभा चुनावों के साथ देश की राजनीति में बदलाव आयेगा। नैनीसैनी एअरपोर्ट पर उतरे पूर्व मुख्यमंत्री का कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया।
एअरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। युवा बेरोजगारी से परेशान हैं। रोजी-रोटी के लिए युवाओं को पलायन करना पड़ रहा है। बिजली, पानी, भवन कर जैसे तमाम टैक्स बेतहाशा बढ़ाये जा रहे हैं। महिला अपराध के मामले में उत्तराखंड देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है। अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिला। पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि 2027 में भाजपा का सत्ता से जाना तय है।
इस के बाद केंद्र में भी बदलाव होगा। अपनी विदाई देख भाजपा ने प्रदेश में ध्रुवीकरण की कोशिश तेज कर दी हैं। एक बार फिर मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मसले को उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने कभी भी प्रदेश में मुस्लिम यूनिवर्सिटी की बात कही हो और भाजपा इसका एक भी प्रमाण दे, तो वह उसी क्षण राजनीति छोड़ देंगे।
स्थानीय विधायक के पार्टी कार्यक्रमों में भागीदारी नहीं करने के सवाल पर हरीश रावत ने कहा कि वह पार्टी में सक्रिय हैं। पिछले दिनों देहरादून आकर उन्होंने पार्टी नेताओं से मुलाकात की थी। कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है। 2027 में कांग्रेस सत्ता में वापसी करेगी।
इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, पूर्व जिलाध्यक्ष अंजू लुंठी, वरिष्ठ नेता रमेश कापड़ी, मनोज ओझा, महिला अध्यक्ष भावना नगरकोटी, पदमा बिष्ट, रईसा बानू, पीसीसी सदस्य दीपक लुंठी आदि मौजूद रहे। बाद में उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और चुनावों के लिए जुट जाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।







