नई दिल्ली। दिल्ली और पंजाब में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी इस वक्त अपने सबसे बड़े राजनीतिक संकट में जूझ रही है। पार्टी में आधिकारिक रूप से नंबर दो का स्थान रखने वाले मनीष सिसोदिया महीनों से तिहाड़ जेल में पड़े हैं। पार्टी के मुख्य संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर आए हैं, लेकिन उनकी फिर से तिहाड़ वापसी की तारीख पहले ही तय है।
केजरीवाल चुनाव प्रचार के लिए सुप्रीम कोर्ट की रहम पर बाहर क्या आए, मुख्यमंत्री आवास में पार्टी के राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ ऐसा कथित कांड हो गया, जिससे पार्टी की साख पर बट्टा लगने का संकट पैदा हुआ है। क्योंकि, एक महिला सांसद के साथ मारपीट और अभद्रता करने का आरोप सीएम के बेहद खास सहयोगी बिभव कुमार पर है।
‘आप’ की सामान्य चेहरा नहीं हैं स्वाति मालीवाल
स्वाति मालीवाल आम आदमी पार्टी का कोई सामान्य चेहरा नहीं हैं। वह दिल्ली में पार्टी की ओर से राज्यसभा में भेजे जाने से पहले तक दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष थीं। अपने कार्यकाल के दौरान महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर वह बहुत ही मुखर थीं। कई बार वह दिल्ली पुलिस के लिए भी इतनी आक्रामक नजर आईं कि महिला आयोग की अध्यक्ष से ज्यादा उनकी छवि एक पार्टी नेता के तौर पर उभरती दिखी।
अपनी ही पार्टी में पूरी तरह से अलग-थलग पड़ीं मालीवाल
मालीवाल आज भी आधिकारिक तौर पर आम आदमी पार्टी की सदस्य हैं। दूसरी महिलाओं के खिलाफ हुए अत्याचार के मामले में कभी दिल्ली पुलिस के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल देने वाली यह महिला आज अपने ही लगाए आरोपों पर न्याय पाने के लिए दिल्ली पुलिस की ओर टकटकी लगाए देख रही है। लेकिन, आज उनके मुताबिक वह अपनी ही पार्टी की ओर से पूरी तरह से अलग-थलग छोड़ दी गई हैं।
संकट के समय मनीष सिसोदिया को याद कर रहीं मालीवाल
इस बीच 19 मई के उनके एक एक्स पोस्ट से कई सियासी मायने निकल रहे हैं। वह लिखती हैं, ‘किसी दौर में हम सब निर्भया को इंसाफ दिलाने के लिए सड़क पर निकलते थे, आज 12 साल बाद सड़क पर निकले हैं, ऐसे आरोपी को बचाने के लिए जिसने सीसीटीव फुटेज गायब किए और फोन फॉर्मेट किया? काश इतना जोर मनीष सिसोदिया जी के लिए लगाया होता। वो यहां होते तो शायद मेरे साथ इतना बुरा नहीं होता!’
संयोग से 21 मई को ही दिल्ली हाई कोर्ट ने उसी मामले में सिसोदिया को जमानत देने से मना कर दिया है, जिसमें बेल पर निकलकर केजरीवाल इंडिया ब्लॉक के लिए वोट मांग रहे हैं और मालीवाल केस के आरोपी बिभव कुमार के समर्थन में बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
मालीवाल और आतिशी दावे विरोधाभासी
यहां गौर करने वाली बात ये है कि मालीवाल के दावे से लगता है कि संकट के समय पार्टी ने सिसोदिया का पूरा साथ नहीं दिया है। बता दें कि सिसोदिया की पत्नी सीमा सिसोदिया लंबे समय से बीमार हैं और जब केजरीवाल जेल गए थे तो दिल्ली की मंत्री आतिशी ने दावा किया था कि ‘सीमा भाभी ने इतनी बीमारी के बाद भी कहा है कि अगर मनीष सिसोदिया ने अरविंद भैया का साथ छोड़ दिया तो मैं मनीष को छोड़ दूंगी….’
यहां मालीवाल और आतिशी के दावे परस्पर विरोधाभासी लग रहे हैं। बुधवार को मालीवाल ने एक्स पर एक और पोस्ट किया है। इसमें लिखा है कि उनके खिलाफ गंदी चीजें फैलाने के लिए पार्टी के नेताओं पर बहुत दबाव है।
मालीवाल के खिलाफ ‘आप’ नेताओं पर कौन डाल रहा है दबाव?
उन्होंने लिखा, ‘कल पार्टी के एक बड़े नेता का फोन आया। उसने बताया कैसे सब पर बहुत ज्यादा दबाव है, स्वाति के खिलाफ गंदी बातें बोलनी हैं, उसकी पर्सनल फोटोज लीक करके उसे तोड़ना है। ये बोला जा रहा है कि जो उसको सपोर्ट करेगा उसको पार्टी से निकाल देंगे।’
इसी पोस्ट में वह आगे लिखती हैं, ‘मुझे इनसे कोई नाराजगी नहीं है, आरोपी बहुत शक्तिशाली आदमी है। बड़े से बड़ा नेता भी उससे डरता है। किसी की हिम्मत नहीं उसके खिलाफ स्टैंड ले पाए। मैं किसी से उम्मीद भी नहीं करती। दुख इस बात का लगा कि दिल्ली की महिला मंत्री कैसे हंसते मुस्कुराते पार्टी की एक पुरानी महिला साथी का चरित्र हरण कर रही है।’







