नई दिल्ली। क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि गले तक पेट भर खाना खाने के बाद भी लगता है कि “काश थोड़ा-सा मीठा मिल जाता”? चाहे किसी शादी की दावत हो या घर का रोज का खाना, अंत में एक गुलाब जामुन, थोड़ी-सी खीर या एक टुकड़ा चॉकलेट का मिल जाए, तो खाने का मजा ही दोगुना हो जाता है।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हमारी इस आदत के पीछे असल वजह क्या है? यह सिर्फ हमारी जीभ का लालच नहीं है, बल्कि इसके पीछे शरीर का अपना एक साइंस है। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।
एसिडिटी और पाचन से है कनेक्शन
भारतीय खाने में अक्सर मसालों का अच्छा खासा इस्तेमाल होता है। मसालेदार और तीखा खाना खाने से हमारे पेट में पाचन के लिए एसिड बनने लगता है। जब हम आखिर में कुछ मीठा खाते हैं, तो यह पेट के उस भारीपन और एसिडिटी को कम करने का काम करता है। मीठा असल में पाचन की प्रक्रिया को धीमा करके पेट को शांत करता है।
‘हैप्पी’ हार्मोन रिलीज होना
यह बात सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे दिमाग से भी जुड़ी है। जब हम मीठा खाते हैं, तो हमारा दिमाग ‘सेरोटोनिन’ नाम का एक केमिकल रिलीज करता है। इसे ‘फील-गुड हार्मोन’ भी कहते हैं। इसे खाते ही हमें खुशी, सुकून और संतुष्टि का एहसास होता है। यही वजह है कि अच्छा और मीठा खाने के बाद हमारा मूड एकदम बढ़िया हो जाता है।
पाचन के लिए इंस्टेंट एनर्जी
आपको शायद अजीब लगे, लेकिन खाना पचाना हमारे शरीर के लिए एक भारी काम है, जिसमें काफी ऊर्जा लगती है। मीठी चीजों में शुगर और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो शरीर को तुरंत एनर्जी देने का काम करते हैं। यह एनर्जी हमारे शरीर के सिस्टम को खाना अच्छे से पचाने में मदद करती है।
क्या कहता है आयुर्वेद?
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आयुर्वेद का नियम हमारी आज की आदत से बिल्कुल उल्टा है। आयुर्वेद के अनुसार, मीठा हमेशा खाने की शुरुआत में खाना चाहिए, क्योंकि इसे पचने में सबसे ज्यादा समय लगता है। वहीं, तीखी चीजें अंत में खानी चाहिए ताकि पाचन की आग यानी जठराग्नि तेज हो सके, लेकिन बदलते समय के साथ, मुंह का तीखापन मिटाने के लिए मीठा खाने के अंत में ‘डेजर्ट’ के रूप में परोसा जाने लगा।
खाने के बाद थोड़ा-सा मीठा खाना बिल्कुल ठीक है, लेकिन इसकी मात्रा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। रोज-रोज ढेर सारी चीनी वाली मिठाइयां खाने से वजन और शुगर बढ़ सकता है। अगर आपको खाने के बाद मीठे की तलब होती है, तो आप सफेद चीनी की जगह गुड़ का एक छोटा टुकड़ा, खजूर या ताजे फल खा सकते हैं। इससे आपका शौक भी पूरा हो जाएगा और सेहत भी बनी रहेगी।







