नई दिल्ली। दुनिया के खूबसूरत रंग देखने के लिए प्रकृति ने हमें आंखें दी हैं. आंखें हमारे शरीर का सबसे सेंसिटिव ऑर्गन हैं और इनकी सही देखभाल करना जरूरी है. कई बार एक्सीडेंट, खेलकूद या अन्य कारणों से आंखों में चोट लग जाती है. अधिकतर लोग आंख में कुछ लगने पर तुरंत पानी से धोना शुरू कर देते हैं. लोगों को लगता है कि पानी से आंख धोएंगे, तो चोट में राहत मिल सकती है, लेकिन डॉक्टर्स की मानें तो ऐसा करना बिल्कुल गलत है. आंख में चोट लगने पर तुरंत पानी से धोना ठीक नहीं है. चलिए डॉक्टर से जानते हैं कि आंख में चोट लगने के बाद तुरंत पानी क्यों नहीं डालना चाहिए.
नई दिल्ली के विजन आई सेंटर के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. तुषार ग्रोवर ने News18 को बताया कि आंख बहुत सेंसिटिव होती है और इसमें जरा सी चोट लग जाए, तो उसका प्रॉपर ट्रीटमेंट कराना जरूरी होता है. आंख में कॉर्निया, रेटिना और लेंस होते हैं, जिनसे हमारा विजन बनता है. कॉर्निया आंख के बाहर की पारदर्शी परत होती है, जो किसी भी बाहरी चोट के प्रति संवेदनशील होती है. जब आंख में चोट लगती है, तो यह परत जल्दी से प्रभावित हो सकती है. अगर आप चोट लगने पर तुरंत पानी डालते हैं, तो यह कॉर्निया को कमजोर कर सकता है और चोट को गंभीर बना सकता है.
आंख में पानी डालना क्यों खतरनाक?
डॉक्टर ग्रोवर ने बताया कि चोट लगने के तुरंत बाद आंख को पानी से नहीं धोना चाहिए, क्योंकि इससे आंख में इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है. दरअसल हमारे नलों में आने वाले पानी में बैक्टीरिया हो सकते हैं, जो चोट में इंफेक्शन पैदा कर सकता है. आंख के अंदर इंफेक्शन फैल जाए, तो विजन प्रभावित हो सकता है और अन्य गंभीर कॉम्प्लिकेशंस हो सकती हैं. अगर चोट वाली जगह पर किसी प्रकार की गंदगी होती है, तो पानी डालने से यह अंदर जा सकती है और कंडीशन बिगड़ सकती है. आंख में पानी डालने से चोट के बाद होने वाली सूजन बढ़ सकती है. ऐसे में लोगों को आंख को धोने से बचना चाहिए और जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना चाहिए.
आई स्पेशलिस्ट ने बताया कि आंख में चोट लगने के बाद आंख को रगड़ना नहीं चाहिए. आंख में धूल या कोई अन्य चीज फंस गई है, तो उसे साफ और मुलायम कपड़े या कॉटन से निकालना चाहिए. आंख की चोट के बाद दर्द या सूजन होने पर ठंडी सिकाई भी एक प्रभावी तरीका हो सकता है, जो सूजन को कम करता है और राहत देता है. हालांकि चोट के बाद लोगों को जल्द से जल्द डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए, ताकि वक्त रहते ट्रीटमेंट हो सके और विजन खराब न हो.







