Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

DM ऑफिस में बनी मस्जिद पर क्यों चल गया बुलडोजर? समझिए पूरा मामला

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 5, 2026
in राजनीति, राज्य
A A
बुलडोजर
26
SHARES
866
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के डीएम ऑफिस में शनिवार सुबह बुलडोजर चल गया। कोर्ट के फैसले के बाद इस मस्जिद को अवैध ठहरा दिया गया था और अब इसे ढहा दिया गया है। सहारनपुर के सिटी मैजिस्ट्रेट ने ही इस मस्जिद को गिराने का आदेश दिया था। इसका विरोध करने के लिए अपने घर से निकलने की कोशिश कर रहीं समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को हाउस अरेस्ट कर दिया और घर से निकलने नहीं दिया गया। स्थानीय सांसद इमरान मसूद ने इस पर कहा है कि देश के संविधान का उल्लंघन हुआ है।

यह मामला बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी की शिकायत के बाद शुरू हुआ था। उनकी शिकायत में कहा गया था कि जिलाधिकारी कार्यालय में अवैध रूप से मस्जिद बनाई गई है। शिकायत में यह भी कहा गया था कि इस मस्जिद में सिर्फ इबादत नहीं होती बल्कि इसका व्यावसायिक इस्तेमाल भी हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि इसके कमरे किराए पर भी दिए गए हैं।

इन्हें भी पढ़े

shri ram temple

राम मंदिर: 2020 में गठित ट्रस्ट में पहली बार, CEO की नियुक्ति से शुरू हुआ नया अध्याय

September 5, 2026
Banana

बिहार में केले की खेती होगी हाईटेक, किसानों को मिलेगा 70 हजार का अनुदान

September 5, 2026
RSS

इस राज्य में खुलेंगे RSS के 1000 नए स्कूल, शिक्षा विभागों का होगा विलय

September 4, 2026
Deendayal Upadhyay released

दीनदयाल उपाध्याय के गुजराती संस्करण का विमोचन, एकात्म मानव दर्शन पर 100 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत हुए

September 4, 2026
Load More

क्या बोले पुलिस के अधिकारी?

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर DIG अभिषेक सिंह ने बताया है, ‘जनपद सहारनपुर के कलेक्ट्रेट में एक मस्जिद थी जिसे सिटी मैजिस्ट्रेट की कोर्ट ने अवैध पाया। इस आदेश के खिलाफ मस्जिद कमेटी ने फर्स्ट अपील की थी और इसे खारिज कर दिया गया था। सिटी मैजिस्ट्रेट के आदेश को पुष्ट किया गया है और इसी के तहत अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो रही है। हमें पांच कंपनी PAC/RAF मिली है जिसे स्ट्रैटटिक प्वाइंट पर तैनात किया गया है। कानून व्यवस्था के मद्देनजर हमें जितने भी कदम उठाने थे, हमने उठाए हैं। लगातार चेकिंग की जा रही है और हम सोशल मीडिया पर भी नजर रख रहे हैं।’

इमरान मसूद ने जताया विरोध

इस मामले में स्थानीय सांसद इमरान मसूद ने कहा, ‘पूरी रात हमारे लोग जागते रहे। हम लोग अधिकारियों से संपर्क करते रहे। यह मस्जिद नहीं शहीद की गई है, संविधान की धज्जियां उड़ाई गई हैं। मस्जिद 1911 से पहले की है। मस्जिद की मिल्कियत आज भी वहीद खां और याकूब खां के नाम है। हालात ये हैं कि सारी चीजें देने के बावजूद सिटी मैजिस्ट्रेट ने आदेश किया और ऐसा आदेश किया कि 30 दिन के अंदर करना है। सारी चीजों को नजरअंदाज कर दिया गया।’

उन्होंने आगे कहा, ‘इसमें वक्फ बोर्ड को पार्टी नहीं बनाया। इसमें लिमिटेशन ऐक्ट का ख्याल नहीं रखा गया। वक्फ के नए कानून का ध्यान नहीं रखा। वक्फ बाय यूजर का ख्याल नहीं रखा। आप अपना टाइटल साबित नहीं कर सके कि आपका कैसे हो गया। खसरा तो सिर्फ मौजूदा स्थिति बताता है। चारों तरफ से घेरा हुआ है। हमारे लोग घूम रहे थे लेकिन लोगों को घरों में बंद करके मस्जिद गिरा दी। यह देश के संविधान पर हथौड़ा चल रहा है। हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट जहां तक लड़ना होगा, लड़ेंगे। यह काम आप आज हमारे लिए करेंगे, कल दूसरों के लिए करेंग। इससे कोई हिंदू खुश नहीं होगा कि किसी दूसरे का धर्मस्थल गिर गया। सहारनपुर के लोगों को इसका विरोध खामोशी के साथ करना चाहिए।’

क्या है मस्जिद का पूरा विवाद?

शिकायतों के बाद प्रशासन ने 24 मार्च 2025 को सिटी मैजिस्ट्रेट की कोर्ट में पीपी ऐक्ट के तहत याचिका दायर की थी। 16 जुलाई 2026 को मस्जिद को अवैध करार देते हुए 64.16 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इसी फैसले को जिला कोर्ट में चुनौती दी गई तो उसे खारिज कर दिया गया और सिटी मैजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को ही बरकरार रखा गया।

मस्जिद पक्ष ने साल 1911 का बिजली बिल पेश किया गया। इस पर प्रशासन ने तर्क दिया था कि सहारनपुर में बिजली ही 1922 में पहुंची और लोगों तक उसकी सप्लाई 1928 में शुरू हुई तो बिल कहां से आ गया? इतना ही नहीं, खसरे के मुताबिक,सरकार केसरी हिंद में कचहरी और कलेक्ट्रेट दर्ज होने के आधार पर माना गया कि वहां कोई मस्जिद नहीं थी।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
G. Kishan Reddy WCL

देश की कोयला आवश्यकताओं की पूर्ति में WCL का योगदान महत्वपूर्ण : जी. किशन रेड्डी

October 8, 2024
Israeli tanks entered central Gaza

मध्य गज़ा में घुसे इस्राइली टैंक, सेना ने फाइटर जेट का भी किया इस्तेमाल

October 27, 2023

दिल्ली के न्यू अशोक नगर में धूमधाम से मनाया गया उत्तराखंड का लोक महापर्व उतरैणी-मकरैणी

January 15, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • चीन से व्यापार पर पीएम मोदी ने हमें चेतावनी दी थी, यूरोप को हुआ भूल का एहसास
  • UPI से 5G तक जानिए कितनी बदल गई भारत की तस्वीर!
  • मेट्रो पर फोन चिपकाकर Reel बनाना पड़ेगा मंहगा! DMRC ने दी सख्त चेतावनी

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.