Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

महिला आरक्षण बिल इसी समय क्यों लाया गया? सरकार ने बताया

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
April 19, 2026
in राजनीति, राष्ट्रीय
A A
PM Modi
25
SHARES
847
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। लोकसभा में 33% महिला आरक्षण को तुरंत प्रभावी बनाने के सरकार के प्रयासों को एक बड़ा झटका लगने के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। संविधान संशोधन विधेयक के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत न मिल पाने के कारण यह लोकसभा में गिर गया। सदन में सरकार के पक्ष में 298 सदस्यों ने मतदान किया, जबकि 230 सदस्यों ने इसके विरोध में वोट डाला। इस हार के अगले ही दिन केंद्र सरकार ने एक विस्तृत ‘एफएक्यू’ (FAQs) जारी कर अपनी मंशा और भविष्य की योजनाओं को स्पष्ट किया है।

विधेयक को तुरंत लाने की क्या थी वजह?
मौजूदा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के अनुसार, आरक्षण जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद ही लागू होना था। सरकार का तर्क है कि यदि वह जनगणना का इंतजार करती तो महिलाएं 2029 के आम चुनाव में इस आरक्षण का लाभ नहीं उठा पातीं। इसीलिए सरकार ने 16 अप्रैल 2026 को तीन मुख्य बिल पेश किए थे ताकि आरक्षण को जनगणना की शर्त से अलग किया जा सके।

इन्हें भी पढ़े

divyastra mk3

भारत की रक्षा क्षेत्र में बड़ी छलांग, स्वदेशी जेट पावर्ड ‘दिव्यास्त्र Mk3’ ने भरी पहली सफल उड़ान

August 16, 2026
Ajit Doval

डोभाल का खुलासा, पहलगाम हमले के बाद PM मोदी ने दिए थे आतंकियों के लिए कड़े निर्देश

August 16, 2026
वंदे मातरम् विवाद

वंदे मातरम् विवाद पर बंकिम चट्टोपाध्याय के वंशज ने सोनिया गांधी से की माफी की मांग!

August 16, 2026
PM Modi

PM मोदी का अमेरिका को सीधा जवाब, भारत अब ‘बाजार’ पर करेगा कब्जा!

August 15, 2026
Load More

850 सीटों वाली नई लोकसभा का प्रस्ताव
सरकार ने अपनी स्पष्टीकरण सूची में बताया है कि महिला आरक्षण को सही ढंग से लागू करने के लिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना अनिवार्य है। सरकार का तर्क है कि 1971 में देश की आबादी 54 करोड़ थी, तब सीटें 550 तय की गई थीं। अब 140 करोड़ की आबादी के लिए 850 सीटों की जरूरत है।

सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सीटों की संख्या में 50% की समान वृद्धि का प्रस्ताव रखा था ताकि किसी राज्य का प्रतिनिधित्व कम न हो।

दक्षिणी राज्यों की चिंता और सरकार का जवाब
अक्सर यह चिंता जताई जाती है कि परिसीमन से दक्षिण भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा। सरकार ने आंकड़ों के जरिए स्पष्ट किया कि वर्तमान में लोकसभा में दक्षिण भारतीय राज्यों की हिस्सेदारी 23.76% है। नए प्रस्ताव के तहत यह हिस्सेदारी मामूली रूप से बढ़कर 23.87% हो जाती। आबादी नियंत्रण करने वाले राज्यों को कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि उनका प्रतिनिधित्व आनुपातिक रूप से स्थिर रहता।

एससी/एसटी आरक्षण
सीटों की संख्या बढ़ने से अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षित सीटों की संख्या भी स्वतः बढ़ जाएगी, जिससे उनका प्रतिनिधित्व और मजबूत होगा।

जाति जनगणना
सरकार ने इन बिलों के जरिए जाति जनगणना को टालने के आरोपों को खारिज किया और कहा कि समयबद्ध कार्यक्रम के तहत जातिगत आंकड़े दर्ज किए जा रहे हैं।

मुस्लिम महिलाओं के लिए कोटा
सरकार ने साफ किया कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है; आरक्षण सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन पर आधारित है।

केंद्र शासित प्रदेश
दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों के लिए अलग कानूनों के कारण वहां महिला आरक्षण लागू करने हेतु ‘केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक’ जरूरी था।

अब आगे क्या?
चूंकि विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका, इसलिए 2029 के चुनावों में 33% आरक्षण का कार्यान्वयन अब फिर से पुरानी शर्तों (जनगणना और परिसीमन) के अधीन हो सकता है। सरकार के इस स्पष्टीकरण का उद्देश्य विपक्ष के उन आरोपों का जवाब देना है जिन्होंने इस विधेयक को असंवैधानिक या अपरिपक्व बताया था।

 

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
india eonomic

अब भारत को विभिन्न क्षेत्रों में अपने सूचकांक तैयार करना चाहिए

June 26, 2024

क्या इस बार 20 लाख नौकरियां मुहैया करा पायेगी दिल्ली सरकार?

April 11, 2022
Congress AAP

कांग्रेस की आप से होड़

January 21, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • बिहार में सरकारी शिक्षकों की होगी गुप्त मॉनिटरिंग, सीधे शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी रिपोर्ट
  • भारत की रक्षा क्षेत्र में बड़ी छलांग, स्वदेशी जेट पावर्ड ‘दिव्यास्त्र Mk3’ ने भरी पहली सफल उड़ान
  • गन्ना किसानों की बल्ले-बल्ले, सरकार देगी 5000 रुपये प्रति एकड़ सब्सिडी

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.