नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को साहस, ऊर्जा और शौर्य का प्रतीक माना जाता है, वहीं मकर राशि (शनि की राशि) अनुशासन और धैर्य को दर्शाती है। जब 16 जनवरी 2026 को मंगल मकर राशि में प्रवेश करेंगे, तो यह ‘कंट्रोल्ड एनर्जी’ और ‘स्मार्ट एक्शन’ का एक अनोखा दौर लेकर आएगा। यह वह समय है जब केवल जोश से काम नहीं चलेगा, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से की गई मेहनत ही सफलता दिलाएगी।
इस गोचर के दौरान लोगों में जल्दबाजी के बजाय सोच-समझकर निर्णय लेने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। विशेष रूप से धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए यह बदलाव उनके करियर, आर्थिक स्थिति और व्यक्तिगत विकास के लिए बहुत ही प्रभावशाली रहने वाला है। आइए विस्तार से समझते हैं आनंद सागर पाठक के अनुसार कि मंगल का यह गोचर आपकी राशि के लिए क्या खास लेकर आ रहा है।
धनु
धनु राशि वालों के लिए मंगल का यह गोचर दूसरे भाव में होगा, जिससे पैसा, बोलचाल और फैमिली वैल्यूज पर असर पड़ेगा। इस समय फाइनेंशियल डिसिप्लिन बहुत जरूरी रहेगा।
मंगल की दृष्टि पांचवें, आठवें और नौवें भाव पर पड़ेगी, जिससे पढ़ाई, अंदरूनी बदलाव और आपकी सोच/मान्यताओं में बदलाव आ सकता है।
उपाय: खर्च और बोलचाल दोनों पर कंट्रोल रखें। जरूरतमंदों को भोजन दान करें।
मकर
मकर राशि वालों के लिए यह गोचर पहले भाव में होगा, जो पर्सनल ग्रोथ, आत्मविश्वास और लीडरशिप के लिए बेहद स्ट्रॉन्ग फेज है। एनर्जी और एम्बिशन अपने पीक पर रहेंगे।
मंगल की दृष्टि चौथे, सातवें और आठवें भाव पर पड़ेगी, जिससे रिश्तों और इमोशनल बैलेंस पर असर पड़ सकता है।
उपाय: रिश्तों में धैर्य रखें। जरूरत से ज्यादा हावी होने की आदत से बचें।
कुंभ
कुंभ राशि वालों के लिए मंगल का गोचर बारहवें भाव में होगा। इससे खर्च बढ़ सकता है, विदेश से जुड़े काम या कनेक्शन बन सकते हैं और खुद के अंदर झांकने का मन होगा। अगर एनर्जी सही दिशा में न लगी, तो बेचैनी महसूस हो सकती है।
मंगल की दृष्टि तीसरे, छठे और सातवें भाव पर पड़ेगी, जिससे बातचीत, कॉम्पिटीशन और पार्टनरशिप पर असर पड़ेगा।
उपाय: जल्दबाजी में खर्च न करें। माइंडफुलनेस, योग या मेडिटेशन करें।
मीन
मीन राशि वालों के लिए यह गोचर ग्यारहवें भाव में होगा, जो मेहनत से होने वाली कमाई, नेटवर्किंग और प्रोफेशनल कॉन्टैक्ट्स को सपोर्ट करेगा। आपकी एम्बिशन को स्पीड मिलेगी।
मंगल की दृष्टि दूसरे, पांचवें और छठे भाव पर पड़ेगी, जिससे पैसा, क्रिएटिविटी और काम से जुड़ी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
उपाय: रियलिस्टिक गोल्स सेट करें। जरूरत से ज्यादा खुद पर दबाव न डालें।







