Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

दक्षिण में दूध एक बार फिर बना बहस का मुद्दा!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 26, 2023
in राज्य, विशेष
A A
milk
26
SHARES
856
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

दक्षिण में दूध एक बार फिर बहस का मुद्दा बन गया है. पहले कर्नाटक था, इस बार तमिलनाडु. विवाद इतना बढ़ गया कि राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है. विवाद के केंद्र में एक बार फिर Amul है. क्या है पूरा मामला इत्मीनान से समझते हैं.

अमूल (गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन) का दूध देश के अलग-अलग राज्यों में बिकता है. लेकिन ये कंपनी गाय पालकर, दूध निकालकर नहीं बेचती. इसके लिए उन लोगों से दूध खरीदती है जो गाय और भैंस पालते हैं. और इकट्ठा करके ग्राहकों को बेच देती है. अमूल ने कुछ ऐसा ही काम तमिलनाडु में भी किया. अमूल लंबे समय से तमिलनाडु में दूध बेच रही है. लेकिन अब उसने दूध खरीदना भी शुरू कर दिया. और इसी को लेकर विवाद हो गया.

इन्हें भी पढ़े

trump

ट्रंप प्रशासन के नए टैरिफ़ पर अमेरिका में बवाल, 25 राज्यों ने संघीय सरकार के खिलाफ़ दायर किया मुक़दमा

August 4, 2026
DUVASU

डुवासु ने नशा मुक्ति पखवाड़े का किया आयोजन

August 4, 2026
pensioners

जंतर-मंतर पर गूंजेगी 81 लाख पेंशनर्स की आवाज, 5 अगस्त को EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति का बड़ा प्रदर्शन

August 4, 2026
Family members

आग से युवक की मौत के मामले में परिजनों ने की कार्रवाई की मांग

August 4, 2026
Load More

दरअसल, तमिलनाडु में दूध की एक कंपनी आविन (तमिलनाडु कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन) ने इसी बात पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि जहां से वो दूध खरीदते हैं वहीं से अमूल भी दूध खरीद रही है. ऐसे में उनको नुकसान होगा. इसी को लेकर राज्य के सीएम स्टालिन ने गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक स्टालिन ने कहा है कि अमूल तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले में प्रोसेसिंग प्लांट और चिलिंग सेंटर बना रही है. इसके साथ ही अमूल कृष्णागिरी, धरमपुरी, वेल्लोर, रानीपेट, तिरुपथुर, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर के स्वयं सहायता समूह और किसानों से दूध खरीद रही है. इसे रोका जाए.

तमिलनाडु में प्रतिदिन 60 लाख लीटर(LLPD) दूध और दही की खपत होती है. इसमें सबसे बड़ा शेयर 25 LLPD आविन का होता है. बाकी का 35LLPD बाकी छोटे-छोटे प्राइवेट प्लेयर्स राज्य में दूध की खपत पूरा करते हैं. इनमें हटसन एग्रो, हेरिटेज फूड्स, डोडला डेयरी और क्रेमिलिन डेयरी प्रोडक्ट शामिल हैं.

स्टालिन ने अपने पत्र में लिखा कि चेन्नई समेत कई जगहों पर दूध की डिलिवरी में देरी हो रही है. निचले इलाकों में ज्यादा बारिश, चारे के बढ़ते दाम और उत्तर भारत में गायों में फैली लंपी बीमारी की वजह से दूध के व्यापार पर पहले ही असर पड़ा है. लेकिन कि दूध की खरीददारी को लेकर अमूल ने जो स्ट्रैटेजी बदली है उससे भी दूध की सप्लाई में काफी असर पड़ रहा है. क्योंकि आविन और दूसरे निजी ऑपरेटर्स को दूध मिलने में दिक्कत हो रही है.

दूध पर इससे पहले दक्षिण भारत के कर्नाटक में भी रार छिड़ चुकी है. चुनाव के ठीक पहले अमूल ने जब कर्नाटक में अपने पैर पसारने का ऐलान किया तो स्थानीय दूध कोऑपरेटिव नंदिनी के साथ-साथ राजनीतिक विरोध भी देखा गया. अमूल की एंट्री पर कांग्रेस ने भी विरोध जताया था. बीजेपी की हार का इसे एकमात्र कारण नहीं कहा जा सकता लेकिन बेंगलुरु रूरल, कोलार, मंड्या, टुमकुर, मैसूर, हासन और दक्षिण कन्नडा में बीजेपी का हाल काफी बुरा रहा. और ये वही इलाके हैं जहां से नंदिनी दूध इकट्ठा करती है.

हालांकि, नंदिनी कर्नाटक में दूध के व्यापार में सबसे बड़ा प्लेयर है. नंदिनी हर रोज 80 लाख लीटर दूध बेचती है. जबकि तमिलनाडु की आविन उसका आधा भी आंकड़ा नहीं छूती. स्टालिन की चिट्ठी के पीछे एक वजह ये भी बताई जा रही है कि DMK ने चुनाव के दौरान ये वादा किया था कि दूध के दामों को कम किया जाएगा.

स्टालिन ने गृहमंत्री को लिखी चिट्ठी में कहा कि स्थानीय कोऑपरेटिव राज्यों में डेयरी विकास का आधार रही हैं. और उनकी वजह से ही राज्य में दूध की सप्लाई सुचारू तरीके से चल रही है और लोगों को उचित दाम में दूध मिल रहा है. स्टालिन इस मामले में शायद इस वजह से भी ज्यादा ऐक्टिव नज़र आ रहे हैं क्योंकि उन्होंने चुनाव में दूध के दाम करने का वादा किया था.

 

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Heron Mark 2 Drones

भारत ने बढ़ाई सरहद की सुरक्षा, तैनात किया ये शक्तिशाली हथियार

August 13, 2023
CM Dhami

उत्तराखण्ड की उन्नति के होंगे आने वाले दस वर्ष : सीएम धामी

April 17, 2023
doctor

शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम हिंदी में चिकित्सा पाठ्यक्रम

October 18, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • 1 अक्टूबर से बदलेंगे RBI के Deposit Rules, जानें FD कराने वालों पर क्या होगा असर
  • ट्रंप प्रशासन के नए टैरिफ़ पर अमेरिका में बवाल, 25 राज्यों ने संघीय सरकार के खिलाफ़ दायर किया मुक़दमा
  • डुवासु ने नशा मुक्ति पखवाड़े का किया आयोजन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.