आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना पर नोटबंदी के दौरान 1400 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था. आप के इस आरोप पर विनय कुमार सक्सेना ने कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है. उन्होंने आप विधायक आतिशी, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक और नेता जास्मिन शाह के खिलाफ लीगल एक्शन की तैयारी की है.
आप ने आरोप लगाया है कि उपराज्यपाल ने 2016 में खादी विकास और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) का अध्यक्ष रहते हुए अपने कर्मचारियों पर 1400 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदलवाने के लिए दबाव डाला था. आरोपों के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन के दौरान ‘आप’ विधायकों ने ‘हम होंगे कामयाब’ जैसे गाने गाए और सक्सेना के खिलाफ नारे लगाए.
गौरतलब है कि ये प्रदर्शन, सक्सेना की ओर से दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 में कथित भ्रष्टाचार की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की सिफारिश करने तथा आप के सक्सेना पर सरकार के काम में ‘‘हस्तक्षेप’’ करने के आरोप के बाद हुए हैं.आम आदमी पार्टी के विधायक हाथ में तख्तियां लिए महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास बैठ गए.
आप विधायक ने क्या आरोप लगाया?
आम आदमी पार्टी के विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा था कि नोटबंदी के दौरान जब लाखों लोगों के व्यापार तबाह हो गए और लोगों की नौकरियां चली गईं तब एलजी विनय कुमार सक्सेना 1400 करोड़ का घोटाला करने में व्यस्त थे. उपराज्यपाल विनय सक्सेना के 1400 करोड़ का घोटाला उजागर करने वाले बहुत ग़रीब थे लेकिन हिम्मत नहीं हारी हर फोरम में शिकायत की कि हमसे ग़लत काम कराया जा रहा है. इसके बावजूद जांच की अध्यक्षता ख़ुद आरोपी ने की.
उन्होंने कहा कि दिल्ली के उप राज्यपाल के खिलाफ ईडी की रेड होनी चाहिए. ये मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार का मामला है. उप राज्यपाल के खिलाफ जब तक जांच चले इन्हें तब एलजी के पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. इन्हें उप राज्यपाल के पद से हटाया जाए.






