नई दिल्ली। आर.के. पुरम में ‘कैच द रेन 2026’ अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता की। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जल संरक्षण की दिशा में एक मजबूत और जरूरी पहल है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को ‘कैच द रेन 2026’ अभियान की शुरुआत करते हुए ऐलान किया कि जो लोग वर्षा जल संचयन अपनाएंगे, उन्हें पानी के बिल में 10 फीसदी तक छूट मिलेगी। साथ ही सभी सरकारी दफ्तरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य किया जाएगा और उसकी डिजिटल निगरानी भी होगी।

दिल्ली में बढ़ते जल संकट को देखते हुए ये अभियान शुरू किया गया। इस मौके पर सीएम ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘नीरा’ नाम का जल शुभंकर भी लॉन्च किया। मौके पर जलमंत्री प्रवेश साहिब सिंह, सांसद बांसुरी स्वराज, विधायक अनिल कुमार शर्मा, दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी, छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां गिरे, जब गिरे, पानी को वहीं सहेजें, ये सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक जरूरी संकल्प है। पानी केवल जरूरत नहीं, बल्कि जीवन, अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे अहम संसाधन है। ऐसे में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पानी बचाने में योगदान दे।

प्रोत्साहन योजना भी घोषित
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग अपने घर या संस्थान में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाएंगे, उन्हें पानी के बिल में 10 फीसदी तक की छूट दी जाएगी। इसके अलावा दिल्ली जल बोर्ड की ओर से ऐसे सिस्टम लगाने के लिए 50,000 रुपये तक की सब्सिडी और तकनीकी मदद भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि 100 वर्ग मीटर या उससे बड़े सभी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल सिस्टम लगाना काफी नहीं है, बल्कि उसका सही रखरखाव भी जरूरी है, ताकि बारिश का पानी जमीन में जाकर भूजल स्तर को बढ़ा सके।

सरकारी दफ्तरों में सिस्टम अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी सरकारी दफ्तरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा। जहां पहले से सिस्टम मौजूद हैं, उन्हें ठीक किया जाएगा और उनकी डिजिटल निगरानी की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे सही तरीके से काम कर रहे हैं और पानी की बर्बादी न हो। कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण के आसान उपायों पर भी जोर दिया गया। लोगों को बताया गया कि छत के पानी को पाइप के जरिए जमीन में भेजा जा सकता है, रिचार्ज पिट और चेक डैम बनाए जा सकते हैं, पानी को टैंक में जमा किया जा सकता है और घरों में पानी का सीमित इस्तेमाल किया जाना चाहिए। साथ ही टपकते नलों को तुरंत ठीक करने की भी सलाह दी गई।
वर्षा जल संचयन बेहद जरूरी: रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली कई साल से पानी की कमी, प्रदूषण और जलभराव जैसी समस्याओं से जूझ रही है। बढ़ती आबादी के साथ पानी की मांग बढ़ रही है, जबकि जल स्रोत सीमित होते जा रहे हैं और भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। ऐसे में वर्षा जल संचयन एक जरूरी और कारगर उपाय है, जिसे बड़े स्तर पर अपनाने की जरूरत है।
पानी संभालने की सोच विकसित करें: प्रवेश साहिब सिंह
जल मंत्री ने कहा कि दिल्ली में पानी की नहीं, उसे संभालने की सोच की कमी है। अब वक्त है कि हर घर, हर सोसायटी रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अपनाएं। यह सिर्फ सरकार का काम नहीं, हम सबकी जिम्मेदारी है। ‘नीरा-पानी की वाणी’ थीम लोगों तक, खासकर बच्चों तक बात पहुंचाने में मदद करेगी।







